शुक्रवार
चमचागिरी की हद
जय हो
अब बॉस ने ठान लिया है कि चमचागिरी करेंगे ! चमचागिरी भी ऐसी की देख पड़ोसन जल मरे !नहीं यकीन है तो बॉस की एक मगज़ीन को देखिये ... कवर पेज पर ही सबकुछ दिख जाएगा ! किसी भी बुक स्टाल पर जाइए ... लाल रंग वाले कवर वाले पत्रिका उठाइये ... सब साफ़ ... दलम के दलपति के साथ ही झाजी का भी फोटो ! झाजी को बेचारा बना दिया ! अपने ही देश में अपमान शीर्षक से छपे आलेख को पढ़िये ... सब क्लियर हो जाएगा ! आखिर बॉस को क्या हो गया है ! इतना परेशान क्यों है बॉस ! सत्ता जाने का इतना दुःख ... दुःख तो दलपति को भी है जब हाथ से दलम की सत्ता चली गयी थी ... दलपति ने क्या किया ... अपमान को पी लिया ... पर जंगल को नहीं छोड़ा !पर बॉस तो अपमान सह नहीं सकता ... अपमान करने वालो को धुल चटाने के चक्कर में अपमानित भले हो जाए !
अब झाजी का सहारा ! पहले पन्ने से लेकर तीन पन्ना .... झाजी के लिए ! विज्ञापन का चक्कर लग रहा है ! पर झाजी बहुत तेज़ है ... तेज़ चैनल से भी तेज़ ! बॉस समझ नहीं रहा है कि अब लोग इसको यूज कर रहा है ! यूज के बाद जंगल के पुरानी हवेली से बाहर ! बॉस ने देखा है पुराने बिरादरी के लोंगो को ! समझ का चक्कर है !
चलिए बॉस को तब भी सहयोग और समर्थन देने के लिए राजा तैयार है ... मालूम है क्यों ... बॉस अच्छा चमचा है !
जय हो
गुरुवार
चेहरा काला क्यों है सर
जय हो
मौर्या टीवी का टी आर पी जैसे ही बिहार में सबसे आगे हुआ है सर का चेहरा काला पड़ गया है ! सर जानते है कि इस टी आर पी में उनका कोई योगदान नहीं है ! पर झाजी ने बधाई क्या दी सर का चेहरा काला पड़ गया है ! सर असल में जानते है कि टी आर पी का फंडा में भांजा जी का हाथ है ! क्यों ... दरअसल सर ने पिछले कई महीनो से चैनल में नए कंटेंट पर रिसर्च किया ... नए कंटेंट को लागू किया ... फिर भी बैंड बजता रहा और चैनल चारो खाने चित्त होता रहा ! सर ने चैनल फ्लॉप होने का ठीकरा गिन्जन पर फोड़ा .. गिन्जन भी साफ़ ... पंडेवा तिन तेरह करता रहा ... टी आर पी ने बत्ती लगा दिया ! सर ने हाथ जोड़ लिए और भांजा ने कमान हाथ में लिया और शुरू किया खेल .... चल कबड्डी आस लाल ... मर गया ..... लाल ! बस क्या था चैनल की टी आर पी ने रेस पकड़ लिया !
लेकिन इतना सब के बाद भी सर का चेहरा काला क्यों है ! यह सवाल चैनल के कृष्ण पूरी के दफ्तर में गुजने लगा ! जवाब आया ... झाजी आने वाले हैं और सर की .... वाली है ! बस चेहरा काला ! लेकिन सर भी कम धुरफंदी नहीं है !जाकर चैनल टीवी नाइन में रिज्यूम दे आया !
अब पंडेवा का धुकधुकी बढ़ गयी है ... पैसा लेने से लेकर जुगाड़ तक के ठेके का क्या होगा ... झाजी को सब पता है ! सब खेल .. सब नौटंकी ! इसी लिए ना चेहरा काला पड़ गया है !
जय हो
मौर्या टीवी का टी आर पी जैसे ही बिहार में सबसे आगे हुआ है सर का चेहरा काला पड़ गया है ! सर जानते है कि इस टी आर पी में उनका कोई योगदान नहीं है ! पर झाजी ने बधाई क्या दी सर का चेहरा काला पड़ गया है ! सर असल में जानते है कि टी आर पी का फंडा में भांजा जी का हाथ है ! क्यों ... दरअसल सर ने पिछले कई महीनो से चैनल में नए कंटेंट पर रिसर्च किया ... नए कंटेंट को लागू किया ... फिर भी बैंड बजता रहा और चैनल चारो खाने चित्त होता रहा ! सर ने चैनल फ्लॉप होने का ठीकरा गिन्जन पर फोड़ा .. गिन्जन भी साफ़ ... पंडेवा तिन तेरह करता रहा ... टी आर पी ने बत्ती लगा दिया ! सर ने हाथ जोड़ लिए और भांजा ने कमान हाथ में लिया और शुरू किया खेल .... चल कबड्डी आस लाल ... मर गया ..... लाल ! बस क्या था चैनल की टी आर पी ने रेस पकड़ लिया !
लेकिन इतना सब के बाद भी सर का चेहरा काला क्यों है ! यह सवाल चैनल के कृष्ण पूरी के दफ्तर में गुजने लगा ! जवाब आया ... झाजी आने वाले हैं और सर की .... वाली है ! बस चेहरा काला ! लेकिन सर भी कम धुरफंदी नहीं है !जाकर चैनल टीवी नाइन में रिज्यूम दे आया !
अब पंडेवा का धुकधुकी बढ़ गयी है ... पैसा लेने से लेकर जुगाड़ तक के ठेके का क्या होगा ... झाजी को सब पता है ! सब खेल .. सब नौटंकी ! इसी लिए ना चेहरा काला पड़ गया है !
जय हो
रविवार
बॉस डर गए हैं
जय हो
पता चला आपको .... नहीं ना ... खबर है कि बॉस डर गए है ! बॉस इन दिनों इतने भयभीत हैं कि राजा का सामना करने से डर रहें हैं ! डरे भी क्यों नहीं ... बॉस ने तो पहले राजा के सामने जो तीर तुक्का चलाया था उससे साफ़ था कि एक ना एक दिन यही होगा और हुआ भी वही ! अब बॉस को लगता है कि नगर निगम मामले से लेकर पी आर डी तक के मामलो में कही फंस ना जाएँ सो बॉस डर गए है ! डर का आलम यह है कि बॉस आजकल एक नंबर वाले राजमहल के बदले दस नंबर वाले पुरानी किला का रुख किये हुए हैं ! यही डर है और डर बॉस को घुन की तरह खाए जा रहा है !
दरअसल बॉस नए राजा के खासमखास बन गए थे ! सूर्य के उदय से अस्त तक एक नंबर वाले राजमहल के दरवारी बन गए थे ! पत्रकारिता को गिरवी रख दिया राजा के सामने ! राजा भी खुश कि पुराने दलम के दलपति की खबर बैठे बिठाए मिल जा रहा है !पुरानी हवेली की खबर के लिए गुप्तचर नहीं तैनात करना पड़ा ! पर बॉस समझे ही नहीं ! चैनल के अलावे अपना धंधा खोल लिया ! राजा के नजदीकी होने का फायदा उठाते हुए पी आर डी को यूज किया ! राजा का धौंस दिखाकर निगम से लेकर विजली ऑफिस और सरकारी महकमा के शुरमाओ से वसूली किया ! पर बॉस यह भूल गया कि राजा आखिर राजा होता है ... राजा के फेवर तक तो ठीक है ... खिलाफ ... डर गया बॉस !
अब बॉस परेशान है कि शहर से भागकर फिर जंगल का रुख ... फायदा यही की अपने पिता को हाउस में बिठाना पर राजा को सब मालूम है ! पहले ही जड़ उखारने में लग गया है राजा !पर बॉस भी अब अतिम पत्ता खेल रहा है ! राजा को बदनाम करने के लिए एजी से कागज़ लाकर एल को दिया और न्यायालय में मामला दर्ज कराकर सीबीआई जांच करने का आदेश निकलवा दिया ! राजा पहुँच गया न्यायालय और जांच गयी रूक ! राजा के किचन किंग न्यालय में देखा बॉस को और बॉस डर गया है !
बॉस को सलाह ... जान जोखिम में मत डालो ... फंस गए हो ... खेलो मत ... खुल जाओगे !
जय हो
पता चला आपको .... नहीं ना ... खबर है कि बॉस डर गए है ! बॉस इन दिनों इतने भयभीत हैं कि राजा का सामना करने से डर रहें हैं ! डरे भी क्यों नहीं ... बॉस ने तो पहले राजा के सामने जो तीर तुक्का चलाया था उससे साफ़ था कि एक ना एक दिन यही होगा और हुआ भी वही ! अब बॉस को लगता है कि नगर निगम मामले से लेकर पी आर डी तक के मामलो में कही फंस ना जाएँ सो बॉस डर गए है ! डर का आलम यह है कि बॉस आजकल एक नंबर वाले राजमहल के बदले दस नंबर वाले पुरानी किला का रुख किये हुए हैं ! यही डर है और डर बॉस को घुन की तरह खाए जा रहा है !
दरअसल बॉस नए राजा के खासमखास बन गए थे ! सूर्य के उदय से अस्त तक एक नंबर वाले राजमहल के दरवारी बन गए थे ! पत्रकारिता को गिरवी रख दिया राजा के सामने ! राजा भी खुश कि पुराने दलम के दलपति की खबर बैठे बिठाए मिल जा रहा है !पुरानी हवेली की खबर के लिए गुप्तचर नहीं तैनात करना पड़ा ! पर बॉस समझे ही नहीं ! चैनल के अलावे अपना धंधा खोल लिया ! राजा के नजदीकी होने का फायदा उठाते हुए पी आर डी को यूज किया ! राजा का धौंस दिखाकर निगम से लेकर विजली ऑफिस और सरकारी महकमा के शुरमाओ से वसूली किया ! पर बॉस यह भूल गया कि राजा आखिर राजा होता है ... राजा के फेवर तक तो ठीक है ... खिलाफ ... डर गया बॉस !
अब बॉस परेशान है कि शहर से भागकर फिर जंगल का रुख ... फायदा यही की अपने पिता को हाउस में बिठाना पर राजा को सब मालूम है ! पहले ही जड़ उखारने में लग गया है राजा !पर बॉस भी अब अतिम पत्ता खेल रहा है ! राजा को बदनाम करने के लिए एजी से कागज़ लाकर एल को दिया और न्यायालय में मामला दर्ज कराकर सीबीआई जांच करने का आदेश निकलवा दिया ! राजा पहुँच गया न्यायालय और जांच गयी रूक ! राजा के किचन किंग न्यालय में देखा बॉस को और बॉस डर गया है !
बॉस को सलाह ... जान जोखिम में मत डालो ... फंस गए हो ... खेलो मत ... खुल जाओगे !
जय हो
मंगलवार
बिग ब्रदर का जेल घर जय हो
जय हो
आप शायद बिग ब्रदर का सीरियल देखे हों ! आज अगर इस ब्रदर का घर देखना हो तो चले आइये पटना ! पर थोडा यहाँ आकर आपको परेशानी हो सकती है कि यह घर अब घर नहीं जेल बन गया है ! हाँ तो पटना के श्री कृष्ण पूरी के चिल्ड्रेन पार्क के पास आकर किसी से पूछ लीजिये कि ... ऐ भैया ऐ ... ऐ भाई ... ऐ झाजीवा का चैनल कहाँ है ? आ ठीक सामने देखिये गा चमकता हुआ बिग ब्रदर का घर ! पर जैसे ही इस घर में जाइए गा कि सब रोते मिलेंगे ! एम कुमार से लेकर चपरासी संतोष तक ! प्रॉब्लम एक ही है कि किसी भी जन की नौकरी यहाँ सुरक्षित नहीं है ! सो भाई लोग अपनी नौकरी पक्की और पूरी तरह बचाए रखने के लिए दिन भर तरह तरह के हथकंडा अपनाते रहते हैं ! अब देखिये कि भिया गिन्जन का दुर्गिंजन हो गया और उन्ही का चेला ताली बजा रहा है कि गिन्जन को उसी ने भगाया ! पर भाई जरा बच के ... सब के बारे में सारी खबर बिग ब्रदर के पास है ! झाजी बउवा नहीं है कि पढ़ा दीजिएगा ! सब पता है स्ट्रिंगर सब मेल कर दिया है कि कैसे रिपोटर से ओवी भेजने के नाम पर उगाही की जा रही है !
जाँच भी बिग ब्रदर झाजी तरीके से करते है ! अब देखिये कि अभी मौर्या टीवी में यह चर्चा का विषय है कि जिस स्ट्रिंगर को आज से पहले तीन हज़ार भी नहीं बन पाता था आज उस स्ट्रिंगर को एके बार 18 हज़ार ... बाप रे बाप ... चैनल को बैठाइए देगा का !अच्छा बिग ब्रदर के घर देर है अंधेर नहीं है !
और काला चोर ... का हाल है ! बड़ा आजकल आर्यन टीवी का चक्कर लगा रहे हो ! मौर्या को चुना लगा दिए का ! का का गायब किये ... का का वहां पहुंचा दिए ... इस बार एनडीटीवी की तरह चोरी चकारी से बच के रहना !नहीं तो यहाँ से भी निकाले जाओगे !
वैसे बिग ब्रदर का आशीर्वाद लेकर एम कुमार पटना लौट आये हैं ! इनके लौट के आते ही कई भाइयों के सीने पर सांप लोटने लगा है ! भाई लोग तो इनकी विदाई का इंतज़ार कर रहे थे ! पर भाई लोग अब बिग ब्रदर नहीं चमचई बिग भांजा का करिए क्योंकि बिग ब्रदर के खबरी बनाए गए है !
जय हो
रविवार
मौर्या टीवी में हु तू तू
जय हो
मौर्या टीवी का हाल क्या है कैसे है ... कोई नहीं जानता . बिलकुल चीन की तरह ! जितना बताया जाएगा उतना ही ! पर मौर्या टीवी के रांची ब्यूरो को सलाम कर सबकी बैंड बजाने वाले एक सच्चे पत्रकार की जवानी ही सुनिए की वहाँ क्या हो रहा है !
सेवा में,
श्री मुकेश कुमार,
निदेशक,
मौर्य न्यूज़, पटना.
मैंने आपको कई बार फोन किया, पर आप मेरा फोन नहीं उठा रहे और न ही कोई जवाब दे रहे है, कारण क्या है आप जाने इसलिए मै आपको मेल कर रहा हूँ. ------- क्योकि जरूरी है, मुझे अपने कामों से १० दिनों की छुट्टी चाहिए थी आपने कन्फर्म नहीं किया, मैंने सोचा की आप १० दिन की छुट्टी देने में असमर्थ है, ३ दिनों की छुट्टी मांगी पर आपने कन्फर्म नहीं किया, फिर भी मुझे बहुत जरूरी है, मै २३ से २५ जून तक छुट्टी पर हूँ, और इसकी सूचना sms के द्वारा मैंने सबको दे दी है.
कुछ मै आपकी बातो को याद दिला दू, जो रांची में २८ मई को मीटिंग के दौरान आपने कही थी -------------
आपने कहा था की आपके कान चुगली सुनने के लिए नहीं बने, पत्रकारिता सम्बन्धी कार्यों के लिए बने है, पर आपने रांची और पटना में बैठे लोगों की चुगलियों के आधार पर जिसके कहने पर मेरे उपर एक्शन लिया, वो बताता है आपके कान चुगली सुनने के लिए ही बने है. नहीं तो आप एक आदर्श स्थापित कर सकते थे.
क्या आप जानते है की हमने रांची में कितनों की गालिया और किसके लिए सुनी है. जानने की आपने कोशिश की. आपको याद है जब मेरे खिलाफ ऑफिस के कंप्यूटर में गालिया लोड की गयी, आपसे मैंने न्याय माँगा, आपको जिन पर कारवाई करनी चाहिए थी उसे बचा लिया और मुझे ही बाहर का रास्ता दिखा दिया. जिन्होंने मेरे और मेरे परिवार के खिलाफ भद्दी भद्दी गालिया लिखी उन्हें आपने खुली छुट दे दी की जो चाहे वो करो, आज आपके ऑफिस में क्या हो रहा है. जरा खुद देखिये ----------------------
कमाल है मैंने आकाशवाणी, आर्यावर्त्त हिंदी दैनिक, हिन्दुस्तान हिंदी दैनिक, दैनिक जागरण और etv जैसे संस्थानों में काम किया वहाँ मेरे कामों और आदर्शों की इज्ज़त की गयी, पर आपके यहाँ, आदर्शों और काम की कोई मूल्य नहीं. आपके यहाँ झूठी चुगलियों का बोलबाला है. तभी तो मानसून की झूठी खबर भेजनेवालो को सम्मानित और मुझे अपमानित कर दिया गया, यही नहीं आपके लोगो के द्वारा एक सज्ज़न व्यक्ति पर्यावरणविद नीतीश प्रियदर्शी की धज्जियां उडा दी गयी. रांची में मौर्य की क्या इज्ज़त है, आप खुद पता लगा लीजिये, बस कुछ करने की जरूरत नहीं है, आप अपना बूम लेकर किसी भी कार्यक्रम में चले जाइए, आपके अगल बगल में बैठे पत्रकार क्या कहते है सुन लीजिये.
मेरे १६ साल के पत्रकारिता के जीवन में, मेरे ऊपर किसी ने सवाल नहीं उठाये है पर आपने उठाये है, वो भी चुगलियों के आधार पर.
हां आप कहते है की मुझे यानि आपको चापलूसी पसंद नहीं है, पर मेरे पास इसके भी पुख्ता प्रमाण है की आपको चापलूसी पसंद है, जैसे भड़ास ४ मीडिया. कॉम में आपके छपे interview में रांची के ही एक स्टाफ ने आपके गुणगान कमेंट्स में किये है और लिखा है on the behalf of all staffs of ranchi office क्या आपने उससे पूछा की जो उसने कमेंट्स लिखे है, वो उसके है या सभी staff के. आपने नहीं पूछा क्योकि गर आप पूछते तो भले ही नौकरी चले जाने की डर से सभी हां कर देते, पर मै विरोध करता क्योकि मै सच बोलता हु, मुझे नौकरी की नहीं अपने जीवन मूल्य की ज्यादा चिंता है.
आप किसी से मत पूछिये, आप अपनी अंतरात्मा से पूछिये की क्या किसी ऐसे व्यक्ति को जो दुसरे संस्थान में जमा हुआ हो, उसे बुलाकर, इतनी जल्दी बे-इज्ज़त कर कर के निकालना उचित है. गर आपको लगता है की यही उचित है देर क्यूँ कर रहे है निर्णय लीजिये. पर याद कर लीजिये. ईश्वर जो आपके ह्रदय में बैठा है, वो देख रहा है, आपको भविष्य में खुद पर लज्जित होना पड़ेगा.
अभी आप जो सुनील पाण्डे -- सुनील पाण्डे जप रहे है, वो क्या है, मै खूब जानता हूँ. उनके आदर्श क्या है, ये भी मै जानता हूँ, वो मुझसे क्या चाहते है, ये भी जानता हूँ, पर क्या करू, इस ४३ वर्ष में, जो माता-पिता ने मुझे संस्कार दिया है और जिस आदर्श के लिए जीना सिखाया है उसे मै झूठी शान के लिए, वो संस्कार बीस हज़ार की नौकरी के लिए कैसे बर्बाद कर दू.
अंत में,
महत्वपूर्ण ये नहीं, की मौर्य में कौन कितने दिन काम किया.
महत्वपूर्ण ये है, वो जितने दिन काम किया, कैसे किया.
मुझे गर्व है की -------------------
क. मैंने ट्रान्सफर-पोस्टिंग का सहारा लेकर कोई न्यूज़ नहीं भेजा, जो भी न्यूज़ भेजी, वो मेरा अपना था.
ख. मैंने मौर्य के लिए अपने ही संस्थानों के लोगों की गालियाँ सुनी पर मैंने किसी को गालियाँ नहीं दी.
ग. मैंने जो भी कदम उठाये या बाते रखी, वो खुद को प्रतिष्ठित करने के लिए नहीं, बल्कि अपने संस्थान को बेहतर करने के लिए, ये अलग बात है की आपको समझ में नहीं आया.
घ. मुझे सबसे बनती है, पर ऐसे लोगो से नहीं बनती जिनकी कथनी और करनी में अंतर हो, चाहे वो कोई भी हो.
आपसे प्रार्थना है की जैसे ही आपने २१ जून से मुझे काम करने पर रोक लगा दिया आपके ऑफिस से लेकर पुरे रांची में तथा पटना ऑफिस में बैठे हमारे कट्टर विरोधियों में जश्न का माहौल है. कुछ तो रांची ऑफिस में पार्टी भी दे चुके है, आशा है आप उनके दिलों पर कुठाराघात नहीं करेंगे, और जल्द से वो पत्र भी भेज देंगे, जिसका मुझे बेसब्री से इंतज़ार है. आप समझ सकते है, मेरा इशारा किस ओर है...
भवदीय
कृष्ण बिहारी मिश्र
पत्रकार, रांची.
दिनांक -- २३. जून २०१०."जिस दिन मौर्य लाँच हुआ था, हमें ऐसा लगा था की मौर्य की पुनरावृति हो रही है, एक और चाणक्य उदय ले रहा है, पर मै भूल गया की, उस वक़्त और आज के वक़्त में काफी अंतर आ चूका है, प्रदुषण बढ़ा है, चारित्रिक पतन हुआ है. पत्रकारिता के नाम पर लोग दूकान खोल रहे है. और दूकान में क्या होता है. सभी जानते है. रही बात मौर्य ने कृष्ण बिहारी मिश्र को हटाया अथवा मैंने मौर्य को छोड़ा, ये जनता अथवा आदर्श पत्रकारिता में विश्वास रखनेवाले लोग निर्णय करे तो अच्छा रहेगा.
कृष्ण बिहारी मिश्र
पत्रकार.रांची (झारखण्ड).
बुधवार
शर्म इनको है मगर आती नहीं
जय हो
ये दलाल है और इनको राज्य के मुख्यमंत्री भी जानते है की ये कितने बड़े दलाल है ! दरअसल दलाली इनका पेशा नहीं वह तो विरासत में मिली है ! इतिहास गवाह है कि इन्होने अपने इस धंधे को कभी कमज़ोर नहीं होने दिया ! सुबह से लेकर शाम तक बस एक सूत्री कार्यक्रम ... दलाली ! देखना है तो बस एक बार इनके साथ सचिवालय घूम आइये ! मस्का लगाना और विद्रूप हंसी ... आप को यकीन शायद नहीं हो इनके बदन से बासआती है तो दलाली की ! वैसे इसमें इनका दोष नहीं है ! रामायण गीता और महाभारत देखते समय बच्चा राम या लक्षमण या फिर कृष्ण की भोमिका में खुद को देखता है और कमज़ोर बच्चे को हमेशा रावण या शकुनी बना देता है ! पर उसने तो राम की मर्यादा की चादर ओढ़ लिया इनके हिस्से में शकुनी की टेढ़ी चाल , विद्रूप हंसी , बदबूदार भाषा , और चमचा संस्कृति ही रहा सो इन्होने उसको ही अपनाया और आज उसी पर चल रहे हैं !
अभी एक पत्रिका है उसने इनके बारे में एक सच्ची बात छाप दिया ! भाई साहेब परेशान ! पर अचानक उनके अन्दर शकुनी ज्ञान आया और पत्रिका में छपे आलेख को अपना सम्मान पत्र समझ लिए और तब से खुश है !
जय हो
ये दलाल है और इनको राज्य के मुख्यमंत्री भी जानते है की ये कितने बड़े दलाल है ! दरअसल दलाली इनका पेशा नहीं वह तो विरासत में मिली है ! इतिहास गवाह है कि इन्होने अपने इस धंधे को कभी कमज़ोर नहीं होने दिया ! सुबह से लेकर शाम तक बस एक सूत्री कार्यक्रम ... दलाली ! देखना है तो बस एक बार इनके साथ सचिवालय घूम आइये ! मस्का लगाना और विद्रूप हंसी ... आप को यकीन शायद नहीं हो इनके बदन से बासआती है तो दलाली की ! वैसे इसमें इनका दोष नहीं है ! रामायण गीता और महाभारत देखते समय बच्चा राम या लक्षमण या फिर कृष्ण की भोमिका में खुद को देखता है और कमज़ोर बच्चे को हमेशा रावण या शकुनी बना देता है ! पर उसने तो राम की मर्यादा की चादर ओढ़ लिया इनके हिस्से में शकुनी की टेढ़ी चाल , विद्रूप हंसी , बदबूदार भाषा , और चमचा संस्कृति ही रहा सो इन्होने उसको ही अपनाया और आज उसी पर चल रहे हैं !
अभी एक पत्रिका है उसने इनके बारे में एक सच्ची बात छाप दिया ! भाई साहेब परेशान ! पर अचानक उनके अन्दर शकुनी ज्ञान आया और पत्रिका में छपे आलेख को अपना सम्मान पत्र समझ लिए और तब से खुश है !
जय हो
रविवार
नीतीश जी नीतीश जी क्या हुआ आपको
जय हो
फणीश्वर नाथ रेणु की किताब " परती परी कथा " में राजनीति का विश्लेषण अब जाकर साफ़ हुआ है जब गुजरात की जनता की ओर से भेजा गया राहत की राशि को माननीय नीतीश कुमार ने अपनी राशि समझ लिया और नरेन्द्र मोदी के पटना दौरे के दौरान छपे विज्ञापन के कारण आतिथ्य सत्कार भी भूल बैठे ! चलिए यह माना जा सकता है की नीतीश कुमार को शुरू से ही नरेन्द्र मोदी से परहेज रहा है ! पर गुजरात की जनता से क्या परहेज ! गुजरात की जनता ने कोसी आपदा के समय जो मदद भेजी उसे कोई बिहारी तो नहीं भूल सकता है ! भले ही नीतीश कुमार जैसे लोग जो राजनीति की वजह से अपने परिवार तक को छोड़ दिया को मदद को समझाना ना मुमकिन है !
आज पूरे देश के लोग बिहार के इस नए ठाकरे को देख रहें है जिसके पास ना जनाधार है और ना ही किसी सीट से जीतने की क्षमता ! जिस थाली में खाया आज उसी में छेद करने पर उतारू नीतीश कुमार को बी जे पी के साथ का लाभ तब समझ में आयेगा जब पिछडो की राजनीती और उनके वोट बैंक पर एक साथ लालू यादव , कांग्रेस , सीपीआई , माले , हमला करेगी और दलित वोट पर पासवान और सारे दल चोट करेंगे तब औकात सामने आ जाएगा ! अभी तो सत्ता में बैठे रहने से अभिमान तो बढ़ ही जाता है !
शायद यह सभी को याद हो की जिस कोसी आपदा को लेकर नीतीश कुमार तने हुए है ये बताएँगे की १४ जिले उजारने के कितने घंटे बाद ये पहुंचे थे ? पुरे विश्व के सामने मदद के लिए आंसू बहाने का नाटक कर रहे थे और इनका महकमा और इनके मंत्री और अधिकारी केंद्र को सही जानकारी तक नहीं दे रहे थे कि छति कितनी हुई ! आज विश्व के मदद को वापस करने कि एक नयी परम्परा की शुरुवात कर रहें है !
लेकिन बिहार की जनता इस घटना को भूलने को तैयार नहीं है !जनता के फैसले को अपना अधिकार नहीं समझाना चाहिए नीतीश जी ... नीतीश जी यह रहत आपके घर के लिए नहीं आया था ! आपने तो यह कहकर राज्य को और शर्मिंदा कर दिया कि आप कोसी की पीड़ा झेल रहे तक राहत की राशि तक नहीं पहुचाये !
जनता आपको माफ़ नहीं करेगी !
जय हो
फणीश्वर नाथ रेणु की किताब " परती परी कथा " में राजनीति का विश्लेषण अब जाकर साफ़ हुआ है जब गुजरात की जनता की ओर से भेजा गया राहत की राशि को माननीय नीतीश कुमार ने अपनी राशि समझ लिया और नरेन्द्र मोदी के पटना दौरे के दौरान छपे विज्ञापन के कारण आतिथ्य सत्कार भी भूल बैठे ! चलिए यह माना जा सकता है की नीतीश कुमार को शुरू से ही नरेन्द्र मोदी से परहेज रहा है ! पर गुजरात की जनता से क्या परहेज ! गुजरात की जनता ने कोसी आपदा के समय जो मदद भेजी उसे कोई बिहारी तो नहीं भूल सकता है ! भले ही नीतीश कुमार जैसे लोग जो राजनीति की वजह से अपने परिवार तक को छोड़ दिया को मदद को समझाना ना मुमकिन है !
आज पूरे देश के लोग बिहार के इस नए ठाकरे को देख रहें है जिसके पास ना जनाधार है और ना ही किसी सीट से जीतने की क्षमता ! जिस थाली में खाया आज उसी में छेद करने पर उतारू नीतीश कुमार को बी जे पी के साथ का लाभ तब समझ में आयेगा जब पिछडो की राजनीती और उनके वोट बैंक पर एक साथ लालू यादव , कांग्रेस , सीपीआई , माले , हमला करेगी और दलित वोट पर पासवान और सारे दल चोट करेंगे तब औकात सामने आ जाएगा ! अभी तो सत्ता में बैठे रहने से अभिमान तो बढ़ ही जाता है !
शायद यह सभी को याद हो की जिस कोसी आपदा को लेकर नीतीश कुमार तने हुए है ये बताएँगे की १४ जिले उजारने के कितने घंटे बाद ये पहुंचे थे ? पुरे विश्व के सामने मदद के लिए आंसू बहाने का नाटक कर रहे थे और इनका महकमा और इनके मंत्री और अधिकारी केंद्र को सही जानकारी तक नहीं दे रहे थे कि छति कितनी हुई ! आज विश्व के मदद को वापस करने कि एक नयी परम्परा की शुरुवात कर रहें है !
लेकिन बिहार की जनता इस घटना को भूलने को तैयार नहीं है !जनता के फैसले को अपना अधिकार नहीं समझाना चाहिए नीतीश जी ... नीतीश जी यह रहत आपके घर के लिए नहीं आया था ! आपने तो यह कहकर राज्य को और शर्मिंदा कर दिया कि आप कोसी की पीड़ा झेल रहे तक राहत की राशि तक नहीं पहुचाये !
जनता आपको माफ़ नहीं करेगी !
जय हो
शनिवार
केबीसी-4 होस्ट करेंगे बिग बी
बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन एक बार फिर छोटे पर्दे पर नजर आएंगे। सूत्रों के मुताबिक सदी के महानायक टेलीविजन जगत के अब तक के सबसे ज्यादा पॉपुलर रिएलटी शो "कौन बनेगा करोड़पति" के सीजन 4 को होस्ट करेंगे। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक केबीसी-4 के लिए अमिताभ का नाम तय हो चुका है। इसके साथ ही शो होçस्ंटग को लेकर लंबे समय से जारी अटकलों पर विराम लग गया है।
टीवी इंडस्ट्री के सूत्रों के मुताबिक गेम शो का चौथा सीजन साल के अंत तक टीवी पर प्रसारित किया जाएगा। इस बार यह शो स्टार प्लस के बजाए किसी और चैनल पर दिखाया जाएगा। सूत्रों की मानें तो इसकी आधिकारिक घोषणा जल्द ही कर दी जाएगी।
गौरतलब है कि अमिताभ बच्चन ने वर्ष 2001 में कौन बनेगा करोड़पति के पहले सीजन की मेजबानी कर छोटे पर्दे पर धमाकेदार आगाज किया था। कुछ ही दिनों में केबीसी ने हर घर में अपनी जगह बना ली। वर्ष 2006 में भी बिग बी ने केबीसी द्वितीय होस्ट किया था लेकिन उनके बीमार पड़ने के बाद इसे बीच में ही रोकना पड़ा। इसके बाद 2007 में बॉलीवुड के किंग खान ने केबीसी के तीसरे सीजन को पेश किया लेकिन शाहरूख दर्शकों में अपनी खास जगह नहीं बना पाए थे। बिग बी ने हाल ही में कलर्स चैनल पर प्रसारित बिग बॉस सीजन 3 की भी मेजबानी की थी।
टीवी इंडस्ट्री के सूत्रों के मुताबिक गेम शो का चौथा सीजन साल के अंत तक टीवी पर प्रसारित किया जाएगा। इस बार यह शो स्टार प्लस के बजाए किसी और चैनल पर दिखाया जाएगा। सूत्रों की मानें तो इसकी आधिकारिक घोषणा जल्द ही कर दी जाएगी।
गौरतलब है कि अमिताभ बच्चन ने वर्ष 2001 में कौन बनेगा करोड़पति के पहले सीजन की मेजबानी कर छोटे पर्दे पर धमाकेदार आगाज किया था। कुछ ही दिनों में केबीसी ने हर घर में अपनी जगह बना ली। वर्ष 2006 में भी बिग बी ने केबीसी द्वितीय होस्ट किया था लेकिन उनके बीमार पड़ने के बाद इसे बीच में ही रोकना पड़ा। इसके बाद 2007 में बॉलीवुड के किंग खान ने केबीसी के तीसरे सीजन को पेश किया लेकिन शाहरूख दर्शकों में अपनी खास जगह नहीं बना पाए थे। बिग बी ने हाल ही में कलर्स चैनल पर प्रसारित बिग बॉस सीजन 3 की भी मेजबानी की थी।
शुक्रवार
मौर्या टीवी नेट के बहाने मेल मिलाप
जय हो
काफी दिनों के बाद फिल्मकार प्रकाश झा और देश के नंबर वन के चैनल के भाई झाजी को एक साथ देखे ! बड़ा सकून मिला कि चलो भाई मान गया ! रिपोर्टिंग छोड़कर इस प्रोग्राम में जाना एक मायने रखता है ! हो भी क्यों नहीं ! प्रकाश झा की राजनीति चल निकली ... लोग राजनीति के चक्रब्यूह में फंस कर रह गए ! शायद आपको यह पता नहीं कि इस फिल्म को " अ" सर्टिफिकेट है और देखने वाला ... पहले की मोर्निंग शो समझ कर घुस रहा है ! क्या करे ... फिल्म के सीन में तो वह कुछ भी करने को तैयार है !
एक बात और चैनल मौर्या टीवी बिहार में कितने लोग देखते हैं पता नहीं पर वह नंबर वन बन गया है ! कहाँ कैसे और कब ये आपको तिवारी जी बताएँगे !आजकल उलटे चल रहे है पता नहीं कि धडाम से गिरने में टाइम नहीं लगता है ! वैसे डी एम राजेश और विनय के मामले में कुछ नहीं हुआ है ! आपको पता है कि नहीं दोनों ने ऑफिस में ही एक दुसरे कि माँ बहन को बीच चौराहे .... डाला था !
बहरहाल ख़ुशी की बात है कि भाई गया लाइव कराया ... नास्ता किया ... तब वेब के उद्घाटन में गया ... हैं ना खबर पक्की !
जय हो
पिटाई पर विधवा विलाप
पटना के बी एन कालेज में मौर्या टीवी के रिपोटर को आखिर कालेज के प्रिंसिपल ने क्यों पीटा ? यह कोई नहीं सोच रहा है ! पत्रकार होने का क्या मतलब है आप देश की जनता के भाग्य विधाता हो गए है ! कौन सा विशेषाधिकार मिल गया कि बिना परमिशन के कालेज में जाकर ओ वी ले गए ... इतना ही नहीं वहां मौजूद लडको को उकसाते रहे की कालेज की संपत्ति को नष्ट करो लाइव कवरेज देंगे ... ! मीडिया का नोर्म्स बताये बिना ... जाने बिना चिर पर बैठ कर विधवा विलाप ठीक नहीं है ! रिपोटर को तत्काल सस्पेंड करना चाहिए कि चैनल का नाम क्यों बदनाम कर रहा है !
कहाँ है सम्पादक ... बड़ा दावा करता रहा है कि पत्रकारिता पेट से सीख कर पैदा हुआ है ! सच यह है बंधू कि आप सिर्फ और सिर्फ पत्रकार हैं आपको ना तो कोई विशेषधिकार है और ना ही इस मुगालते में रहना चाहिए ! हाँ आपको यह भी पता होना चाहिए कि घटना के समय आपकी ही टीम आखिर क्यों थी ?
विनाशकाले विपरीत बुद्धि
कहाँ है सम्पादक ... बड़ा दावा करता रहा है कि पत्रकारिता पेट से सीख कर पैदा हुआ है ! सच यह है बंधू कि आप सिर्फ और सिर्फ पत्रकार हैं आपको ना तो कोई विशेषधिकार है और ना ही इस मुगालते में रहना चाहिए ! हाँ आपको यह भी पता होना चाहिए कि घटना के समय आपकी ही टीम आखिर क्यों थी ?
विनाशकाले विपरीत बुद्धि
हमेशा लिंक देखने की कृपा करें www.khulasha4media.com
प्रिय मित्र
मैंने एक यह कोशिश की है कि खुलासा को डोट कॉम पर लायें ! आपका प्यार और सहयोग ने खुलासा को डोट कोम पर ला दिया है ! लेकिन खुलासा के विरोधियों ने इसके नाम का पहले ही दर्ज करा लिया था सो हमें खुलासा को अंग्रेजी में खुलाशा4मीडिया के नाम से आप लोगोन करें !
धन्यबाद !
--
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आदित्य कुमार
पटना / दिल्ली
मैंने एक यह कोशिश की है कि खुलासा को डोट कॉम पर लायें ! आपका प्यार और सहयोग ने खुलासा को डोट कोम पर ला दिया है ! लेकिन खुलासा के विरोधियों ने इसके नाम का पहले ही दर्ज करा लिया था सो हमें खुलासा को अंग्रेजी में खुलाशा4मीडिया के नाम से आप लोगोन करें !
धन्यबाद !
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आदित्य कुमार
पटना / दिल्ली
मंगलवार
बोया पेड़ बबूल का तो आम कहाँ से होई
जय हो
पटना की धरती से पहला चैनल होने का दावा करने वाले एक देसी चैनल पर शुक्र का पूरा प्रभाव आ गया है ! शुक्र की महादशा का ही प्रभाव है की चैनल को अचानक अपन यहाँ इन्टर्नशिप के लिए आयी छह लडकियों का कार्यकाल पूरा होने से पहले ही निकाल बाहर करना पड़ा ! इतना ही नहीं चैनल के तीसमार खान का गिन्जन हो गया ! इलाज के लिए रांची भेजा गया पर वहां भी गिन्जन सो अब लेटर ... ले लो भाई लेटर ले लो ! चैनल के मालिक ने दरवाजे पर आवाज लगाना शुरू कर दिया ले लो भाई लेटर ले लो ! नहीं लिया तो दे दिया वही लेटर ! अब गिन्जन भाई की टोपी कौन बचाएगा ! अगले ने तो अपना मतलब साध ही लिया ! जिसको चाहा उसको शुक्र का प्रभाव बढ़ाने के लिए गिन्जन के मार्फ़त ज्वाइन करा दिया ! ले दे के जो बचे उसने भी शुक्र का प्रभाव नापने के लिए नाचना शुरू कर दिया ! नतीजा सुनेगे तो शर्म से पानी पानी हो जायेंगे भले ही चैनल वालो को शर्म नहीं आती है !
आपको बता दें कि यह चैनल पटना के हडताली मोड़ से दाहिने मुड़ने के बाद फिर बाएं जाकर बाएं मुड़ेंगे तो समझ जायेंगे कि यही वह जगह है जिसकी चर्चा कामदेव भी कर रहे है ! चैनल की खासियत यह है कि यहाँ बीते सप्ताह में सफाई कर्मचारी ने शिकायत की है कि देश में दूरदर्शन पर बच्चे ना पैदा करने के लिए जो विज्ञापन आता है उसका ही .... खोली भरा है ! सबके हाथ पाव फूल गया ! जांच हुई तो पता चला कि आईटी वालो की करतूत है ! ले भाई ... सबको लेटर ... जा भाई जा ... मज़ा अब बहार लो ... पर यहाँ तो हर शाख पर कामदेव बैठे हैं अंजामे चैनल क्या होगा ... बर्बाद चैनल करने को बस एक ही अक्कू काफी है सो अक्कू को लेटर !
अब समझो फ़िल्मी भैया ... कर दिया ना कमाल ... ले दे के लाफाशूटिंग कर दिया ना !लस घस ऐसा किया की गिन्जन , अक्कू , समेत दस को दस का दम दिखाना पड़ा ! खबर जंगल में आग की तरह फैली ... पता चला की ओवी वैन को भी गन्दा कर दिया था ! आईटी के साथ वाले कमरे को तो हाथी बगान बना दिया था ! राम राम ... एक बार फिर गंगाजल ... वैसे यह कहावत सच है कि ... बोया पेड़ बबूल का तो आम कहाँ से होई !
जय हो
पटना की धरती से पहला चैनल होने का दावा करने वाले एक देसी चैनल पर शुक्र का पूरा प्रभाव आ गया है ! शुक्र की महादशा का ही प्रभाव है की चैनल को अचानक अपन यहाँ इन्टर्नशिप के लिए आयी छह लडकियों का कार्यकाल पूरा होने से पहले ही निकाल बाहर करना पड़ा ! इतना ही नहीं चैनल के तीसमार खान का गिन्जन हो गया ! इलाज के लिए रांची भेजा गया पर वहां भी गिन्जन सो अब लेटर ... ले लो भाई लेटर ले लो ! चैनल के मालिक ने दरवाजे पर आवाज लगाना शुरू कर दिया ले लो भाई लेटर ले लो ! नहीं लिया तो दे दिया वही लेटर ! अब गिन्जन भाई की टोपी कौन बचाएगा ! अगले ने तो अपना मतलब साध ही लिया ! जिसको चाहा उसको शुक्र का प्रभाव बढ़ाने के लिए गिन्जन के मार्फ़त ज्वाइन करा दिया ! ले दे के जो बचे उसने भी शुक्र का प्रभाव नापने के लिए नाचना शुरू कर दिया ! नतीजा सुनेगे तो शर्म से पानी पानी हो जायेंगे भले ही चैनल वालो को शर्म नहीं आती है !
आपको बता दें कि यह चैनल पटना के हडताली मोड़ से दाहिने मुड़ने के बाद फिर बाएं जाकर बाएं मुड़ेंगे तो समझ जायेंगे कि यही वह जगह है जिसकी चर्चा कामदेव भी कर रहे है ! चैनल की खासियत यह है कि यहाँ बीते सप्ताह में सफाई कर्मचारी ने शिकायत की है कि देश में दूरदर्शन पर बच्चे ना पैदा करने के लिए जो विज्ञापन आता है उसका ही .... खोली भरा है ! सबके हाथ पाव फूल गया ! जांच हुई तो पता चला कि आईटी वालो की करतूत है ! ले भाई ... सबको लेटर ... जा भाई जा ... मज़ा अब बहार लो ... पर यहाँ तो हर शाख पर कामदेव बैठे हैं अंजामे चैनल क्या होगा ... बर्बाद चैनल करने को बस एक ही अक्कू काफी है सो अक्कू को लेटर !
अब समझो फ़िल्मी भैया ... कर दिया ना कमाल ... ले दे के लाफाशूटिंग कर दिया ना !लस घस ऐसा किया की गिन्जन , अक्कू , समेत दस को दस का दम दिखाना पड़ा ! खबर जंगल में आग की तरह फैली ... पता चला की ओवी वैन को भी गन्दा कर दिया था ! आईटी के साथ वाले कमरे को तो हाथी बगान बना दिया था ! राम राम ... एक बार फिर गंगाजल ... वैसे यह कहावत सच है कि ... बोया पेड़ बबूल का तो आम कहाँ से होई !
जय हो
गुरुवार
बिहार और बंगाल में आयी भीषण तूफ़ान
बिहार और बंगाल में आयी भीषण तूफ़ान में सरकारी जानकारी के मुताबिक सौ से अधिक लोंगो की जाने गयी है ! यह विजुअल आपको विचलित कर सकती है ! खुलासा टीम मृतकों की आत्मा की शांति के लिए लिए प्रार्थना करता है
बुधवार
नाक कटवाने वाले
जय हो
जनता दरबार से लेकर विश्वास यात्रा की घोषणा करने वाले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी में एक विकलांग की सरेआम पिटाई और उसके शरीर के साथ टॉर्चर का जवाब कौन देगा ? आज देश की जनता यह जानने की कोशिश में जुटा है की क्या बिहार में अपंग होना अपराध है ... उसमे भी विकलांग द्वारा अधिकार की मांग कितना बड़ा अपराध है ... अधिकार की वजाय तिरस्कार से भड़के अब्दुल हमीद इस उम्मीद में आया था कि उसे विकलांगता प्रमाण पत्र मिल जाएगा तो ज़िन्दगी की राह थोड़ी आसान हो जायेगी ! अल्लाह ने जो किया वह तो हमीद झेल ही रहा है पर अपनी अपंगता का प्रमाण पत्र ( जिसे देख कर कोई भी समझ सकता है ) ऐसी बहरी व्यवस्था के लिए चाहिए था जो सिर्फ प्रमाण पत्र को ही जानता है !
हमीद आया सचिवालय गया तपती गर्मी में घंटो खड़ा होकर मुख्या सचिव से मिलने पहुंचा ! पर यहाँ की व्यवस्था भी नष्ट हो चुकी थी ! आम लोंगो की बात सुनने के निर्धारित समय में सचिव महोदय मीटिंग करने लगे थे ! असल में जब मीटिंग का टाइम होता है तो ये अधिकारी घर पर खाना खाने चले जाते है ! बहरहाल चीफ सेक्रेटरी के ना मिलने पर शोर गुल करने वाले हमीद को आंतकवादी की तरह ट्रीट कर पटना पोलिस और सचिवालय के सुरक्षा कर्मियों ने बाल पकड़ जो हश्र किया वह शर्मशार करने वाली घटना है !क्या नीतीश कुमार की सरकारी गाडी का फ्लैग स्टैंड टूटने से सरकारी व्यवस्था ध्वस्त हो गयी ! ( भले ही व्यवस्था पहले से ही नहीं है )
शर्म शर्म शर्म
जनता दरबार से लेकर विश्वास यात्रा की घोषणा करने वाले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी में एक विकलांग की सरेआम पिटाई और उसके शरीर के साथ टॉर्चर का जवाब कौन देगा ? आज देश की जनता यह जानने की कोशिश में जुटा है की क्या बिहार में अपंग होना अपराध है ... उसमे भी विकलांग द्वारा अधिकार की मांग कितना बड़ा अपराध है ... अधिकार की वजाय तिरस्कार से भड़के अब्दुल हमीद इस उम्मीद में आया था कि उसे विकलांगता प्रमाण पत्र मिल जाएगा तो ज़िन्दगी की राह थोड़ी आसान हो जायेगी ! अल्लाह ने जो किया वह तो हमीद झेल ही रहा है पर अपनी अपंगता का प्रमाण पत्र ( जिसे देख कर कोई भी समझ सकता है ) ऐसी बहरी व्यवस्था के लिए चाहिए था जो सिर्फ प्रमाण पत्र को ही जानता है !
हमीद आया सचिवालय गया तपती गर्मी में घंटो खड़ा होकर मुख्या सचिव से मिलने पहुंचा ! पर यहाँ की व्यवस्था भी नष्ट हो चुकी थी ! आम लोंगो की बात सुनने के निर्धारित समय में सचिव महोदय मीटिंग करने लगे थे ! असल में जब मीटिंग का टाइम होता है तो ये अधिकारी घर पर खाना खाने चले जाते है ! बहरहाल चीफ सेक्रेटरी के ना मिलने पर शोर गुल करने वाले हमीद को आंतकवादी की तरह ट्रीट कर पटना पोलिस और सचिवालय के सुरक्षा कर्मियों ने बाल पकड़ जो हश्र किया वह शर्मशार करने वाली घटना है !क्या नीतीश कुमार की सरकारी गाडी का फ्लैग स्टैंड टूटने से सरकारी व्यवस्था ध्वस्त हो गयी ! ( भले ही व्यवस्था पहले से ही नहीं है )
शर्म शर्म शर्म
मंगलवार
मुल्लाओ ने कराई शानिया मिर्ज़ा की शादी
जय हो
इस देश में जो काम आप आसानी से खुद नहीं कर सकते उस को पूरा करने के लिए एक नया नुस्खा देता हूँ आपको कि अपने किस्से को किसी मिडिया वाले को बुलाकर दे दीजिये और घर में कम्बल तान कर सो जाइए आपके मामले को ये नारद के वंसज इतना बिगाड़ देंगे कि आपको खुद एहसास होगा कि किस चुतियापे में पर गया ! अब देखिये की शानिया मिर्ज़ा पाकिस्तानी से शादी करे या हिन्दुस्तानी से क्या फर्क पड़ता है ! भाई उसकी ज़िन्दगी वह तय करे कि वह कुंवारे से शादी कर रही है या शादी शुदा से... पर भाई टीवी वालो को बर्दाश्त नहीं हुआ कि उनको खाने का कार्ड नहीं मिला ... ऐसी व्यूह रचना कर दी की मुल्ला को उतरना पड़ा और आननफानन में शादी की रश्म पूरी कर दी !
गुरुवार
जब कोई बात बिगड़ जाए
जय हो
आप माने या ना माने पर यह सच है की जब कोई बात बिगड़ जाए तो जीना आसान नहीं रह पाता! अब देखिये ना भाई की बुलंदी ... कभी आसमान पर तो कभी खजूर पर ! जो कभी सलाम ठोकते थे आज उनको भाई सलाम ठोकता है ! आखिर भाई करे भी तो क्या ... ज़िन्दगी आसान नहीं रह गयी है ! भाई का भाई भी दुर्दीन का शिकार है ... भले ही भाई अपने बड़े भाई को नहीं जानता हो ... सब गोवा की माया है ...!पर भाई भी कम बड़े खिलाडी नहीं है ... मुंबई के डान भाई लोग भी पानी माँगा ... सलाम किया ... चाय पानी पूछा ... पर भाई के हाथ कमान क्या आया भाई ने बजा दिया ... सब की ... कोई बच नहीं पाया ... मौक़ा मिला और सबने ऐसा बजाया कि भाई सीधे अपने घर में गिरा ! फिर से उठने की कोशिश में जुटा और मटन पार्टी शुरू !
वैसे भाई बहुत बड़ा ज्ञानी है ... कद ज्ञानी जैल सिंह की तरह.. आप मिलिए ना बिना मर्ज पूछे आपको कई दवाई बता देगा कि किसको कैसे पटकना है ... ज्ञान की तो जय !स्टेसन पर लड़की के कारण झगडा किया और नसीहत किसी और को दिया ... माँ बहन हुआ ... तो कालर झाड चल दिया ... मैंने सुना ही नहीं ! बिलकुल गिन्जन की तरह ... मालूम है या नहीं गिन्जन आजकल दिल्ली में है .. बाट लगा दिया दिल्ली ब्रांड ने ... पता चला कि नयी एंकर को घर पर बुला कर ट्रेनिग दे रहा था पता चल गया .... रांची भेजा गया तो वहां पहले से काम कर रहे लोंगो को आपस में लड़ा दिया और पहले से काम कर रही एक लडकी को पटाने में लग गया है .... यह तो गिन्जन का खेल है तो वही भाई दिल्ली ब्रांड ने तो तूफ़ान मचा दिया है एक एंकर सब जगह जा कर उससे निजात पाने की बिनती कर रही है ... अब दिन में नहीं रात को बुलाता है ... कहता है कि बॉस ने कहा है मस्ती करने को !
तो जिन खोजा तिन पाइयां गहरे पानी पैठ ... पर यहाँ तो नाला में बैठ गंगा का मज़ा ले रहा है गुल्लर सब !
जय हो
आप माने या ना माने पर यह सच है की जब कोई बात बिगड़ जाए तो जीना आसान नहीं रह पाता! अब देखिये ना भाई की बुलंदी ... कभी आसमान पर तो कभी खजूर पर ! जो कभी सलाम ठोकते थे आज उनको भाई सलाम ठोकता है ! आखिर भाई करे भी तो क्या ... ज़िन्दगी आसान नहीं रह गयी है ! भाई का भाई भी दुर्दीन का शिकार है ... भले ही भाई अपने बड़े भाई को नहीं जानता हो ... सब गोवा की माया है ...!पर भाई भी कम बड़े खिलाडी नहीं है ... मुंबई के डान भाई लोग भी पानी माँगा ... सलाम किया ... चाय पानी पूछा ... पर भाई के हाथ कमान क्या आया भाई ने बजा दिया ... सब की ... कोई बच नहीं पाया ... मौक़ा मिला और सबने ऐसा बजाया कि भाई सीधे अपने घर में गिरा ! फिर से उठने की कोशिश में जुटा और मटन पार्टी शुरू !
वैसे भाई बहुत बड़ा ज्ञानी है ... कद ज्ञानी जैल सिंह की तरह.. आप मिलिए ना बिना मर्ज पूछे आपको कई दवाई बता देगा कि किसको कैसे पटकना है ... ज्ञान की तो जय !स्टेसन पर लड़की के कारण झगडा किया और नसीहत किसी और को दिया ... माँ बहन हुआ ... तो कालर झाड चल दिया ... मैंने सुना ही नहीं ! बिलकुल गिन्जन की तरह ... मालूम है या नहीं गिन्जन आजकल दिल्ली में है .. बाट लगा दिया दिल्ली ब्रांड ने ... पता चला कि नयी एंकर को घर पर बुला कर ट्रेनिग दे रहा था पता चल गया .... रांची भेजा गया तो वहां पहले से काम कर रहे लोंगो को आपस में लड़ा दिया और पहले से काम कर रही एक लडकी को पटाने में लग गया है .... यह तो गिन्जन का खेल है तो वही भाई दिल्ली ब्रांड ने तो तूफ़ान मचा दिया है एक एंकर सब जगह जा कर उससे निजात पाने की बिनती कर रही है ... अब दिन में नहीं रात को बुलाता है ... कहता है कि बॉस ने कहा है मस्ती करने को !
तो जिन खोजा तिन पाइयां गहरे पानी पैठ ... पर यहाँ तो नाला में बैठ गंगा का मज़ा ले रहा है गुल्लर सब !
जय हो
मंगलवार
ना घर के ना घाट के
जय हो
सबसे बड़ा खिलाडी कौन ... जरा दिमाग पर जोर डालिए ! कोई मिला ... नहीं मिला ... अब दिमाग पर जोर नहीं प्रेसर डालिए ... मिल गया होगा उत्तर ! तो बंधुवर खिलाडियों के दौर में जो खिलाडी नहीं बन पाए उन्हें अनाड़ी नहीं चूके हुए महारथी कहा जाता है ! अब देखिये ना बिहार के सी एम नीतीश कुमार को पत्रकारों ने महिला बिल मामले पर घेरना चाहा ... विधान सभा से लेकर मौर्या होटल तक ... लेकिन खिलाडियों ने तय कर दिया की सी एम अभी नहीं बोलेंगे ! सी एम को भी लगता है की फ्री का प्रेस अटैची ... हर जगह मौजूद ... बाथरूम से विधान सभा तक ... अच्छा लगा सो एकदम साथे रख लिए है ! खिलाडी भी खुश ... अधिकारी नाराज़ ... गोटी सेट करने लगा है ! खिलाडी को पता नहीं की भाई यहाँ फूट्वौल तो ठीक कि अभी आप खेल रहे है पर यहाँ के बाबू लोग धोबिया पाट में मास्टर डिग्री धारक है ! एके बार में चारो खाने चित्त ! पर खिलाडी भी क्या करे ! टीम में और भी है पर भडोसा किसी पर नहीं कर सकता ... सबके सब ताक में लगे है मौक़ा लगा नही की गला रेतने चूकेगा नहीं ! सो पहले से ही अलर्ट है ! टीम के मेंबर भी चाह रहा है की एक बार चमचा संस्कृति से यह चुके कि बस ....! चमचा नहीं चरण वंदना के नयी पद्धति ला देगा ! इसके लिए कमर कस चुका है! अब देखिये ना चमचा संश्कृति को जानने के लिए भाई नदीम ने प्रेस संश्कृति को ही बेच दिया ... चाँद पैसो की खातिर भाई ने ठेका लिया पैसा बचाया और माँ बहन की गाली खाया ! और तो और अपने आका को भी गाली सुनवाया ! जय हो इसी परंपरा की अब पूछ भी हो रही है ! विधान सभा में सी एम मीडिया के कैमरा मैन को देखेंगे और चेहरा घुमा चल देंगे जैसे दोयम दर्जे के लोंगो को देख लिया ! अरे भाई अभी चेहरा घुमाइए ना अक्तूबर के बाद ये भी कैमरा का रुख मोड़ लेगा तब टन टना जाइयेगा ! इस लिए भूल मत कीजिये खिलाडी तो ऐसे ही ऐसे खेल खेलता रहेगा ! क्योंकि बेचारे के पास मिडिया का कम अब नहीं है अब सिर्फ मैनेज का काम है और यह टीम के चेले कर ही रहे है ! तो इसी बात पर जोर से बोलिए भाई खिलाडी की जय !
सबसे बड़ा खिलाडी कौन ... जरा दिमाग पर जोर डालिए ! कोई मिला ... नहीं मिला ... अब दिमाग पर जोर नहीं प्रेसर डालिए ... मिल गया होगा उत्तर ! तो बंधुवर खिलाडियों के दौर में जो खिलाडी नहीं बन पाए उन्हें अनाड़ी नहीं चूके हुए महारथी कहा जाता है ! अब देखिये ना बिहार के सी एम नीतीश कुमार को पत्रकारों ने महिला बिल मामले पर घेरना चाहा ... विधान सभा से लेकर मौर्या होटल तक ... लेकिन खिलाडियों ने तय कर दिया की सी एम अभी नहीं बोलेंगे ! सी एम को भी लगता है की फ्री का प्रेस अटैची ... हर जगह मौजूद ... बाथरूम से विधान सभा तक ... अच्छा लगा सो एकदम साथे रख लिए है ! खिलाडी भी खुश ... अधिकारी नाराज़ ... गोटी सेट करने लगा है ! खिलाडी को पता नहीं की भाई यहाँ फूट्वौल तो ठीक कि अभी आप खेल रहे है पर यहाँ के बाबू लोग धोबिया पाट में मास्टर डिग्री धारक है ! एके बार में चारो खाने चित्त ! पर खिलाडी भी क्या करे ! टीम में और भी है पर भडोसा किसी पर नहीं कर सकता ... सबके सब ताक में लगे है मौक़ा लगा नही की गला रेतने चूकेगा नहीं ! सो पहले से ही अलर्ट है ! टीम के मेंबर भी चाह रहा है की एक बार चमचा संस्कृति से यह चुके कि बस ....! चमचा नहीं चरण वंदना के नयी पद्धति ला देगा ! इसके लिए कमर कस चुका है! अब देखिये ना चमचा संश्कृति को जानने के लिए भाई नदीम ने प्रेस संश्कृति को ही बेच दिया ... चाँद पैसो की खातिर भाई ने ठेका लिया पैसा बचाया और माँ बहन की गाली खाया ! और तो और अपने आका को भी गाली सुनवाया ! जय हो इसी परंपरा की अब पूछ भी हो रही है ! विधान सभा में सी एम मीडिया के कैमरा मैन को देखेंगे और चेहरा घुमा चल देंगे जैसे दोयम दर्जे के लोंगो को देख लिया ! अरे भाई अभी चेहरा घुमाइए ना अक्तूबर के बाद ये भी कैमरा का रुख मोड़ लेगा तब टन टना जाइयेगा ! इस लिए भूल मत कीजिये खिलाडी तो ऐसे ही ऐसे खेल खेलता रहेगा ! क्योंकि बेचारे के पास मिडिया का कम अब नहीं है अब सिर्फ मैनेज का काम है और यह टीम के चेले कर ही रहे है ! तो इसी बात पर जोर से बोलिए भाई खिलाडी की जय !
शनिवार
हमारी भी जय जय : उनकी भी जय जय
जय हो
खबर पर निगाह रखने वालो सावधान तुम पर पड़ गयी है अब शैतान की नज़र ! घूरता रहता है ... पीछा करता है ... और पहचान कर रहा है पत्रकारिता के गुनाहगारो को... जिन लोंगो ने बदनाम कर दिया है ... बेच दिया सड़क पर बेशर्मो की तरह ... जिससे खाते रहे नमक उसी से नमक हरामी करने वालो ... चेत जाओ ... क्योंकि सच का सामना तो तुम नहीं कर सकते ... तुम तो किसी को भी अपने स्वार्थ के लिए बेच सकते हो !
आप भी यकीन करिए की आजकल पत्रकारिता में करोड़ पति बनाने का ख्वाब देखने वाले एक नहीं कई है ! किसी भी कीमत पर ... कलम बेचकर हो या .... ? सब कर सकते है !आकर तो देखिये पटना ! सब पता चल जाएगा ! कोई हर शनिवार को महज इसलिए मटन की पार्टी देता है ताकि उसे भाई लोग बड़ा मानता रहे ... तो कोई इस कारण की रात का जुगाड़ हो सके ... और आज भी कई लोग है जो मीडिया को धंधा मान इसलिए रह रहे है कि दूसरा धंधा ना चौपट हो जाए ! पर अरे नाराधर्मी होइहैं वही जो राम रचि राखा !
खबर पर निगाह रखने वालो सावधान तुम पर पड़ गयी है अब शैतान की नज़र ! घूरता रहता है ... पीछा करता है ... और पहचान कर रहा है पत्रकारिता के गुनाहगारो को... जिन लोंगो ने बदनाम कर दिया है ... बेच दिया सड़क पर बेशर्मो की तरह ... जिससे खाते रहे नमक उसी से नमक हरामी करने वालो ... चेत जाओ ... क्योंकि सच का सामना तो तुम नहीं कर सकते ... तुम तो किसी को भी अपने स्वार्थ के लिए बेच सकते हो !
आप भी यकीन करिए की आजकल पत्रकारिता में करोड़ पति बनाने का ख्वाब देखने वाले एक नहीं कई है ! किसी भी कीमत पर ... कलम बेचकर हो या .... ? सब कर सकते है !आकर तो देखिये पटना ! सब पता चल जाएगा ! कोई हर शनिवार को महज इसलिए मटन की पार्टी देता है ताकि उसे भाई लोग बड़ा मानता रहे ... तो कोई इस कारण की रात का जुगाड़ हो सके ... और आज भी कई लोग है जो मीडिया को धंधा मान इसलिए रह रहे है कि दूसरा धंधा ना चौपट हो जाए ! पर अरे नाराधर्मी होइहैं वही जो राम रचि राखा !
सोमवार
यह भी ठीक नहीं है
जय हो
पटना के पत्रकारों को प्रेस क्लब की होली मुबारक हो ! कितना अच्छा लगा जब जमकर डांस और दारु और गुलाल के बाद एक दुसरे की पिटाई का आनंद हैं ना मजेदार ! तो भाई साहब ये लोग पत्रकार है ख़ास करके अपने को समाज के चौथे पंक्ति के नंबर वन के दावेदार ! भाइयों ने फ्री का इतना दारु पी लिया था की होश खो बैठे थे ! कुर्सी छोड़ जमीनपर बैठ कर पीने का आनंद भी लिया और लग रहे वल्गर ठुमके का चक्षु आनंद भी ! कोई चुकने को तैयार नहीं ! असल में पूरी कहानी आपको ऐसे समझ में नहीं आएगी तो कद्रदान भाइयो कि करतूत जानने के लिए पूरी कहानी सुन लीजिये !
कहानी की शुरुवात है २७ फरबरी २०१० से ! देश के सबसे तेज़ चैनल में काम करने वाले कैमरा मैन नदीम आलम ने एक मीडिया कंसल्टेंसी कम्पनी को मीडिया मिलन कराने कि जिम्मेवारी ली ! जगह तय किया गया वही पटना प्रेस क्लब की बिल्डिंग ! बैंक रोड स्थित इस भवन को अभी भी बिहार का भवन निर्माण विभाग ही देख रेख कर रहा है सो भाई नदीम आलम ने अपने चैनल के नाम पर मंत्री से मिलकर एक दिन के लिए ले लिया ! पटना के पत्रकारों को एसएमएस भेज कर निमंत्रण दिया गया ! भाई लोग पहुंचे तो खुलासा हुआ कि यह किसी कंपनी का लौन्चिंग पार्टी है भाइयों को होली मिलन के नाम पर बुलाया गया है ! भाइयो ने फ्री में दारु मुर्गा देखा और देखा सलाम कि फूहर नाचने वाली लड़की कि भाइयो के लार टपकने लगा ! खुद तो आये ही जिनको नहीं बुलाया उसको भी बुला लिया aaja अरे चोखा पार्टी है फ्री में सब ...........! खबर पाते ही भाइयो ने दौड़ लगा दी ! जमकर पीने का प्रोग्राम शुरू ! खूब पीया ! इतना पीया कि याद ही नहीं रहा की भाई पासपोर्ट ब्रांड है ! चढ़ेगा तो सब कुछ उतार लेगा ! हुआ भी वही ! पहले माँ बहन ... फिर दारु के बोतल तोड़ी ... फिर प्लेट ! आयोजक भाइयो ने फिर इन पत्रकार भाइयो ko तोडना शुरू किया ! दे दना दन.... सब उतार दिया ... माफ़ी मांग कर भागे ! सुबह हुई तो पिटाई कि याद आ गयी ... बस फिर पहुँच गए खोजने आयोजको को ... और फिर दे दना दन ... इन लोंगो ने भी उतारी !
तो बनने के पहले ही प्रेस क्लब बिल्डिंग का लच्छन ठीक नहीं है ! शुरू से विवाद ! अब विवाद के साथ .... ? याद रखना भाई यह है पटना का पत्रकार और उसके प्रेस क्लब की बिल्डिंग ... ग्रह नक्षत्र दिखा लो भाई नहीं तो सकी होगी ...........!
जय हो
पटना के पत्रकारों को प्रेस क्लब की होली मुबारक हो ! कितना अच्छा लगा जब जमकर डांस और दारु और गुलाल के बाद एक दुसरे की पिटाई का आनंद हैं ना मजेदार ! तो भाई साहब ये लोग पत्रकार है ख़ास करके अपने को समाज के चौथे पंक्ति के नंबर वन के दावेदार ! भाइयों ने फ्री का इतना दारु पी लिया था की होश खो बैठे थे ! कुर्सी छोड़ जमीनपर बैठ कर पीने का आनंद भी लिया और लग रहे वल्गर ठुमके का चक्षु आनंद भी ! कोई चुकने को तैयार नहीं ! असल में पूरी कहानी आपको ऐसे समझ में नहीं आएगी तो कद्रदान भाइयो कि करतूत जानने के लिए पूरी कहानी सुन लीजिये !
कहानी की शुरुवात है २७ फरबरी २०१० से ! देश के सबसे तेज़ चैनल में काम करने वाले कैमरा मैन नदीम आलम ने एक मीडिया कंसल्टेंसी कम्पनी को मीडिया मिलन कराने कि जिम्मेवारी ली ! जगह तय किया गया वही पटना प्रेस क्लब की बिल्डिंग ! बैंक रोड स्थित इस भवन को अभी भी बिहार का भवन निर्माण विभाग ही देख रेख कर रहा है सो भाई नदीम आलम ने अपने चैनल के नाम पर मंत्री से मिलकर एक दिन के लिए ले लिया ! पटना के पत्रकारों को एसएमएस भेज कर निमंत्रण दिया गया ! भाई लोग पहुंचे तो खुलासा हुआ कि यह किसी कंपनी का लौन्चिंग पार्टी है भाइयों को होली मिलन के नाम पर बुलाया गया है ! भाइयो ने फ्री में दारु मुर्गा देखा और देखा सलाम कि फूहर नाचने वाली लड़की कि भाइयो के लार टपकने लगा ! खुद तो आये ही जिनको नहीं बुलाया उसको भी बुला लिया aaja अरे चोखा पार्टी है फ्री में सब ...........! खबर पाते ही भाइयो ने दौड़ लगा दी ! जमकर पीने का प्रोग्राम शुरू ! खूब पीया ! इतना पीया कि याद ही नहीं रहा की भाई पासपोर्ट ब्रांड है ! चढ़ेगा तो सब कुछ उतार लेगा ! हुआ भी वही ! पहले माँ बहन ... फिर दारु के बोतल तोड़ी ... फिर प्लेट ! आयोजक भाइयो ने फिर इन पत्रकार भाइयो ko तोडना शुरू किया ! दे दना दन.... सब उतार दिया ... माफ़ी मांग कर भागे ! सुबह हुई तो पिटाई कि याद आ गयी ... बस फिर पहुँच गए खोजने आयोजको को ... और फिर दे दना दन ... इन लोंगो ने भी उतारी !
तो बनने के पहले ही प्रेस क्लब बिल्डिंग का लच्छन ठीक नहीं है ! शुरू से विवाद ! अब विवाद के साथ .... ? याद रखना भाई यह है पटना का पत्रकार और उसके प्रेस क्लब की बिल्डिंग ... ग्रह नक्षत्र दिखा लो भाई नहीं तो सकी होगी ...........!
जय हो
शनिवार
भयभीत पत्रकार
जय हो
नेपाल के मीडिया टायकून जमिम शाह की हत्या के बाद लगातार काठमांडू के मीडिया हाउस द्वारा इस हत्या को मीडिया पर हमला बताने की कोशिश करने वाले दो मीडिया ग्रुप को धमकी मिली है की वे जमिम शाह हत्या मामले में इंटरफेयर करना बंद कर दें नहीं तो उनका भी अंजाम बुरा होगा ! यह धमकी निश्चित तौर पर मीडिया को सीमा तक ही काम करने की आज़ादी देने जैसा है ! यह अलग बात है की जमिम शाह पर दाउदइब्राहीम से मिले होने का आरोप था पर २००४ में जमिम ने यह साफ़ कर दिया था की उसका और उसके स्पेस टाइम्स का दाउद से कोई लेना देना नहीं है !
जमिम की हत्या काठमांडू में बिलकुल फ़िल्मी अंदाज़ में कर दी गयी थी और इस हत्या के बाद वहां टेलीविजन ब्रोडकास्टिंग असोसिएसन ने मीडिया की सुरक्षा की मांग की ! पर अभी हाल में कांतिपुर टाइम्स के पत्रकार और पब्लिशर को फोन और मेल से धमकी दी गयी है !
नेपाल में पत्रकार दस सालो बाद मार काट के बाद खुली वादियों में सांस ले रहें है और ऐसे में छोटा राजन हो या दाउद के लोग इन्हें पत्रकारों को धमकाने का कोई अधिकार नहीं है ! क्योंकि पत्रकार तो जमात है कभी मरता नहीं और ना ही मरेगा !
जय हो
नेपाल के मीडिया टायकून जमिम शाह की हत्या के बाद लगातार काठमांडू के मीडिया हाउस द्वारा इस हत्या को मीडिया पर हमला बताने की कोशिश करने वाले दो मीडिया ग्रुप को धमकी मिली है की वे जमिम शाह हत्या मामले में इंटरफेयर करना बंद कर दें नहीं तो उनका भी अंजाम बुरा होगा ! यह धमकी निश्चित तौर पर मीडिया को सीमा तक ही काम करने की आज़ादी देने जैसा है ! यह अलग बात है की जमिम शाह पर दाउदइब्राहीम से मिले होने का आरोप था पर २००४ में जमिम ने यह साफ़ कर दिया था की उसका और उसके स्पेस टाइम्स का दाउद से कोई लेना देना नहीं है !
जमिम की हत्या काठमांडू में बिलकुल फ़िल्मी अंदाज़ में कर दी गयी थी और इस हत्या के बाद वहां टेलीविजन ब्रोडकास्टिंग असोसिएसन ने मीडिया की सुरक्षा की मांग की ! पर अभी हाल में कांतिपुर टाइम्स के पत्रकार और पब्लिशर को फोन और मेल से धमकी दी गयी है !
नेपाल में पत्रकार दस सालो बाद मार काट के बाद खुली वादियों में सांस ले रहें है और ऐसे में छोटा राजन हो या दाउद के लोग इन्हें पत्रकारों को धमकाने का कोई अधिकार नहीं है ! क्योंकि पत्रकार तो जमात है कभी मरता नहीं और ना ही मरेगा !
जय हो
गुरुवार
खबर पक्की है कि बच गए ...
जय हो
राजनेताओं के चक्कर में पत्रकार को नहीं पड़ना चाहिए इससे हमेशा जान जोखिम में रहता है ! अब देखिये ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनकी पार्टी के बिहार के अध्यक्ष ललन सिंह में दरार क्या पड़ी की भाई पत्रकार लोग खेमा के चक्कर में पड़ गए ! दोनों नेताओ के करीबी माने जाने वाले अखबार और उसके पत्रकार अपनी अपनी गोटी सेट करने लग गए ! पटना से प्रकाशित दैनिक जागरण ने तो मुख्यमंत्री को शराब माफिया का सपोटर बताने के लिए एक खबर ब्रेक किया कि सी एम निवास में घुमने वाले कई नेता करोड़ पति बन गए हैं ! खबर बिहार के आबकारी मंत्री जमशेद अशरफ के उस लेटर को लेकर बनाई गयी जिसमे उन्होंने सी एम को इसे रोकने के लिए कहा था ! यह लेटर उडाई गयी ... और ललन सिंह और सी एम में तना तनी बढ़ गयी ! तहकीकात के बाद पता चला कि पहले इस लेटर को लेकर बिहार के बड़े आई ए एस अफजल अमानुल्लाह कि पत्नी और स्वयंसेवी संस्था चलाने वाली प्रवीण अमानुल्लाह हाई कोर्ट जा चुकी थी और इसे कोर्ट ने ख़ारिज भी कर दिया था ! पर मसला ललन सिंह का फेवर करने का था ! सो खबर छाप कर सरकार की ऐसी की तैसी कर दिया ! सी एम हिल गए ... तो कभी सुपर सी एम माने जाने वाले ललन खिल गए ! पत्रकार सुभाष पाण्डेय की पीठ ठोकी गयी ! पर मामला बिगड़ गया ! पाण्डेय जी का सी एम हाउस में........ नो एंट्री ! खेल ही बिगड़ गया ... अपटी खेत में जान फंस गयी !
वैसे जात जमात तो ठीक है पर पत्रकारिता को इससे दूर ही रखना होगा ! घटनाएं होती है ... आम तो सीख लेते है पर ये बेलगाम घोड़े सीखते नहीं ! अब देखिये पटना में पत्रकारों कि जमात जात , धर्म , कर्म, दलाली , हलाली के साथ ही चलता है ! यहाँ आई ए एस भी ऐसे ही बंटे हैं ! दलाली हलाली का धंधा चोखा बन गया है ! पत्रकार अब सेक्युरिटी एजेंसी चलाने से लेकर होर्डिंग तक टांगने लगे है तो कई लोग अब रिकवरी एजेंट बन गए है .. तो कई अब भी अपराधियों के मुखबीर है ! कई तो लालू ... पासवान और नीतीश कुमार के बीच ख़ुफ़िया एजेंट बन गए है तो कई व्यवसाईयों के लिए काम कर रहे है ! हर का धंधा ... वेतन से काम नहीं चलता ... उपरी चाहिए ... भाई इनका दर्द भी तर्क पूर्ण है कि डाक्टर , वकील , टीचर , का प्रक्टिस है तो ये क्यों चूंके .... मत चूको चौहान ... चूको मत ... लूट लो .. तुम लोंगो से भी भडोसा उठ गया ! लेकिन सलाह यह अखबार को बिकने दो ... तुम सामग्री मत बनो !नहीं तो अभी बचे ... कल बात लग जायेगी !
जय हो
राजनेताओं के चक्कर में पत्रकार को नहीं पड़ना चाहिए इससे हमेशा जान जोखिम में रहता है ! अब देखिये ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनकी पार्टी के बिहार के अध्यक्ष ललन सिंह में दरार क्या पड़ी की भाई पत्रकार लोग खेमा के चक्कर में पड़ गए ! दोनों नेताओ के करीबी माने जाने वाले अखबार और उसके पत्रकार अपनी अपनी गोटी सेट करने लग गए ! पटना से प्रकाशित दैनिक जागरण ने तो मुख्यमंत्री को शराब माफिया का सपोटर बताने के लिए एक खबर ब्रेक किया कि सी एम निवास में घुमने वाले कई नेता करोड़ पति बन गए हैं ! खबर बिहार के आबकारी मंत्री जमशेद अशरफ के उस लेटर को लेकर बनाई गयी जिसमे उन्होंने सी एम को इसे रोकने के लिए कहा था ! यह लेटर उडाई गयी ... और ललन सिंह और सी एम में तना तनी बढ़ गयी ! तहकीकात के बाद पता चला कि पहले इस लेटर को लेकर बिहार के बड़े आई ए एस अफजल अमानुल्लाह कि पत्नी और स्वयंसेवी संस्था चलाने वाली प्रवीण अमानुल्लाह हाई कोर्ट जा चुकी थी और इसे कोर्ट ने ख़ारिज भी कर दिया था ! पर मसला ललन सिंह का फेवर करने का था ! सो खबर छाप कर सरकार की ऐसी की तैसी कर दिया ! सी एम हिल गए ... तो कभी सुपर सी एम माने जाने वाले ललन खिल गए ! पत्रकार सुभाष पाण्डेय की पीठ ठोकी गयी ! पर मामला बिगड़ गया ! पाण्डेय जी का सी एम हाउस में........ नो एंट्री ! खेल ही बिगड़ गया ... अपटी खेत में जान फंस गयी !
वैसे जात जमात तो ठीक है पर पत्रकारिता को इससे दूर ही रखना होगा ! घटनाएं होती है ... आम तो सीख लेते है पर ये बेलगाम घोड़े सीखते नहीं ! अब देखिये पटना में पत्रकारों कि जमात जात , धर्म , कर्म, दलाली , हलाली के साथ ही चलता है ! यहाँ आई ए एस भी ऐसे ही बंटे हैं ! दलाली हलाली का धंधा चोखा बन गया है ! पत्रकार अब सेक्युरिटी एजेंसी चलाने से लेकर होर्डिंग तक टांगने लगे है तो कई लोग अब रिकवरी एजेंट बन गए है .. तो कई अब भी अपराधियों के मुखबीर है ! कई तो लालू ... पासवान और नीतीश कुमार के बीच ख़ुफ़िया एजेंट बन गए है तो कई व्यवसाईयों के लिए काम कर रहे है ! हर का धंधा ... वेतन से काम नहीं चलता ... उपरी चाहिए ... भाई इनका दर्द भी तर्क पूर्ण है कि डाक्टर , वकील , टीचर , का प्रक्टिस है तो ये क्यों चूंके .... मत चूको चौहान ... चूको मत ... लूट लो .. तुम लोंगो से भी भडोसा उठ गया ! लेकिन सलाह यह अखबार को बिकने दो ... तुम सामग्री मत बनो !नहीं तो अभी बचे ... कल बात लग जायेगी !
जय हो
शुक्रवार
पैसो के लिए मारा मारी
जय हो
हम यह नहीं कहते कि ज़ीने के लिए पैसे नहीं चाहिए पर अपनी अस्मिता को बेच कर या अलग रख कर नहीं करना चाहिए ! इससे कहीं ना कही बदनामी होती ही है साथ ही आपकी इमेज भी टूटती है ! देखिये परम्पराओं का टूटना अच्छा माना जाता है पर छवि पर अंगुली नहीं उठनी चाहिए !वैसे मैंने यह तय किया है कि किसी ख़ास या व्यक्ति विशेष पर इस ब्लॉग में नहीं लिखूंगा ! पर लोंगो कि करतूत से जब हिल जाता हूँ तब अपने को रोक नहीं पाता और लिखना पड़ता है ! अभी की ही कहानी है मौर्य टीवी को लौंच करना था ! पटना के एक टायकून टीवी पत्रकार ने प्रकाश झा और उनकी टीम को अपने बिजनेस का हाल दिखा कर पटना में होडिंग टांगने का ज़िम्मा ले लिया इसके लिए काफी पैसे भी दिए गए ! और अचानक ही पटना के सारे बाज़ार में मौर्य टीवी का होडिंग दिख गया ! पर यह होडिंग एक दुसरे टीवी वाले भी लेना चाहते थे ! उनका भी पटना में अलग मीडिया से जुड़ा धंधा है ! सरकार से लेकर सड़क तक के सारे बिजनेस भाई साहेब लेना चाहते है ! ऊँची बिल्डिंग में ऑफिस है सो सबको अपने नीचे मानते हैं ! लेकिन भाई को यहाँ गच्चा मिल गया ! ब्राहमण ने ब्राहमण को पहचान लिया तो गच्चा तो खाना ही था !पर भाई ने मान लिया मन के भीतर को मन लिया कि हे मन इस बार नहीं तो अगले बार !पर आगे तो इससे अधिक मामला गरम हो गया ! भाई को मौर्य टीवी के लौन्चिंग में शामिल होने के लिए कार्ड भेजा गया भाई के दोस्त पहले ही अन्दर चले गए थोड़ी देर के बाद सी एम आये और तब भाई पहुंचे या बुलाये गए कि भाई आओ सी एम अकेले है कुछ गोटी सेट करना है करलो... भाई भगा आया पर सेकयूरिती वालो ने गेट पर ही रोक लिया ... भाई को गुस्सा आ गया और वहीँ फाड़ डाला कार्ड ... कर दी ऐसी कि तैसी लेकिन किसी के सामने नहीं ..... चुपके से !
है ना मज़ेदाए मशालेदार जायका ! भाई का नाम बताएँगे अगले अंक मे !
आपको एक जानकारी खुलस४मीडिया अब डोट कोम में
जय हो
हम यह नहीं कहते कि ज़ीने के लिए पैसे नहीं चाहिए पर अपनी अस्मिता को बेच कर या अलग रख कर नहीं करना चाहिए ! इससे कहीं ना कही बदनामी होती ही है साथ ही आपकी इमेज भी टूटती है ! देखिये परम्पराओं का टूटना अच्छा माना जाता है पर छवि पर अंगुली नहीं उठनी चाहिए !वैसे मैंने यह तय किया है कि किसी ख़ास या व्यक्ति विशेष पर इस ब्लॉग में नहीं लिखूंगा ! पर लोंगो कि करतूत से जब हिल जाता हूँ तब अपने को रोक नहीं पाता और लिखना पड़ता है ! अभी की ही कहानी है मौर्य टीवी को लौंच करना था ! पटना के एक टायकून टीवी पत्रकार ने प्रकाश झा और उनकी टीम को अपने बिजनेस का हाल दिखा कर पटना में होडिंग टांगने का ज़िम्मा ले लिया इसके लिए काफी पैसे भी दिए गए ! और अचानक ही पटना के सारे बाज़ार में मौर्य टीवी का होडिंग दिख गया ! पर यह होडिंग एक दुसरे टीवी वाले भी लेना चाहते थे ! उनका भी पटना में अलग मीडिया से जुड़ा धंधा है ! सरकार से लेकर सड़क तक के सारे बिजनेस भाई साहेब लेना चाहते है ! ऊँची बिल्डिंग में ऑफिस है सो सबको अपने नीचे मानते हैं ! लेकिन भाई को यहाँ गच्चा मिल गया ! ब्राहमण ने ब्राहमण को पहचान लिया तो गच्चा तो खाना ही था !पर भाई ने मान लिया मन के भीतर को मन लिया कि हे मन इस बार नहीं तो अगले बार !पर आगे तो इससे अधिक मामला गरम हो गया ! भाई को मौर्य टीवी के लौन्चिंग में शामिल होने के लिए कार्ड भेजा गया भाई के दोस्त पहले ही अन्दर चले गए थोड़ी देर के बाद सी एम आये और तब भाई पहुंचे या बुलाये गए कि भाई आओ सी एम अकेले है कुछ गोटी सेट करना है करलो... भाई भगा आया पर सेकयूरिती वालो ने गेट पर ही रोक लिया ... भाई को गुस्सा आ गया और वहीँ फाड़ डाला कार्ड ... कर दी ऐसी कि तैसी लेकिन किसी के सामने नहीं ..... चुपके से !
है ना मज़ेदाए मशालेदार जायका ! भाई का नाम बताएँगे अगले अंक मे !
आपको एक जानकारी खुलस४मीडिया अब डोट कोम में
जय हो
एन.डी.टी.वी. ने शुरू किया पत्रकारिता ट्रेनिग प्रोग्राम
हेड लाइन टुडे और अन्य टी.वी चैनलों की तर्ज़ पर एन.डी.टी.वी. ने ब्राडकास्ट ट्रेनिग प्रोग्राम शुरू करने जा रहा हैं I नए पत्रकारों की फौज तैयार करने की एक कोशिश की जा रही हैं दस महीने का यह ट्रेनिग प्रोग्राम एन.डी.टी.वी. के चर्चित और अनुभव प्राप्त पत्रकारों के द्वारा दिया जायेगा i इसके लिए सभी इक्छुक उमीदवारों को पहले एक लिखित परीक्षा से गुजरना होगा ,जो उमीदवार इस लिखित परीक्षा में सफल होंगे वही साछात्कर में शामिल होंगे I चालीस लोगो का दो बैच अप्रैल और अगस्त २०१० में शुरू होगा जिसके लिए ऑनलाइन फॉर्म ndtvmi.com से डाउनलोड किये जा सकते हैं I फॉर्म की कीमत १०००/- रुपये हैं और पुरे कोर्स का फीस लगभग दो लाख रुपये हैं I उमीदवारों की उम्र २८ वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए I सफल उमीदवारों को ट्रेनिग पूरा करने के पश्चात एन.डी.टी.वी. के अलग अलग चैनलों ( एन.डी.टी.वी इंडिया ,NDTV 24X7, NDTV Profit ,NDTV Good Times ,NDTV Hindu) में इनटर्न के तौर पर नौकरी मिलेगा I पत्रकारिता के अलग अलग आयामों को ट्रेनिग प्रोग्राम के दौरान क्लास रूम और फिल्ड वर्क के द्वारा समझाने की कोशिश की जाएगी I
रविवार
दलाली संस्कृति ही सबसे आगे
जय हो
सच का सामना करना कठिन ही नहीं मुश्किल भी है ! बिडले ही होते हैं जो सच का सामना करने का जोखिम उठाते है ! पर सच का एक बार सामना कर लेने के बाद जिंदगी जीने की कला से आप परिचित हो जाते है ! आज एक सच से रुबरु कराने का जोखिम मै ले रहा हूँ ! आपको बताना चाहूँगा कि पटना में एक प्रेस क्लब की बात बिहार के मुख्यमंत्री ने की और उसके बाद पटना के पत्रकारों के बीच तूफ़ान उठ खड़ा हो गया ! हर शख्स इस प्रेस क्लब पर काबिज होने के लिए रणनीति बनाने लग गया ! कोई स्वयंभू अध्यक्ष बन गया तो कोई सचिव तो कोई अपनी सामर्थ्य के हिसाब से गोटी बिठाने लगा कि कैसे काबिज हुआ जाय ! एक सच के साथ एक ग्रुप बनाया गया जिसमे चुनिन्दा पत्रकार शामिल थे , एक ट्रस्ट बनाकर सामने आये और ऐलान किया किया प्रेस क्लब बनायेंगे और पत्रकारों के कल्याण की बात करेंगे ! अब इनका मकसद जो भी हो पर इन्होने कदम उठाया और प्रेस क्लब की नीव रख दी ! जगह तय हो गया ... सरकार ने मान भी लिया और लगभग फाइनल हो गया की पहली बार पटना प्रेस क्लब बन जाएगा !
यह मै मानता हूँ कि ट्रस्ट बनाने के समय जाति... गुटवाजी को तरजीह दी गयी ... हो सकता है .... सब दूध की तरह सफ़ेद नहीं हो सकते है !गलतियां तो इन्सान से ही होती है और हो गयी ... पर इसके लिए कितना बवाल हुआ ... बाबा रे पहली बार लगा कि पटना के पत्रकारों के भीतर का जंगल राज़ सामने आ गया ! तन गए सब ... क्या नहीं हुआ ... माँ बहन तक की गालियाँ ... सिर्फ ठाय ठुएँ नहीं हुआ ! बड़ी बदनामी हुई ... ब्लॉग खोले गए ... दो गुट हो गए ... एक दुसरे के खिलाफ मामले तलाशे जाने लगे ! आप को मालूम है कि आखिर ऐसा क्यों हुआ ? मै बताता हूँ ! दरअसल इस ट्रस्ट में पटना के स्यंभू बड़े पत्रकार कन्हैया भेलाड़ी जी को इससे दूर रख नए इनरजेतिक पत्रकारों ने कमान सम्हाला था ! किसी को नहीं पचा ! इवन गंगा प्रसाद , नलिन वर्मा सहित सारे सीनियर खिलाफ थे ! शुभाष पाण्डेय ने तो अपने अखबार में लिख तक दिया ! खैर , यह तो पुरानी बात हो गयी !
अब इस घटना के एक साल बीत गया ! बाद में अरुण अशेष के नेतृत्व में कमिटी बनी और तय हुआ कि पहले पत्रकारों का रजिस्ट्रेसन हो जाय ! शर्तें राखी गयी तो इसमें भी विवाद ... नए विडियो रेपोटर को इससे दूर कर दिया गया ! तब भी लोंगो ने फ़ार्म भर कर अपना रजिस्ट्रेशन कराया ! लेकिन मामला वही ढाकके तीन पात ! तहकीकात करने के बाद पता चला कि जब कुछ लोंगो को लग गया कि इस प्रेस क्लब में दाल नहीं गलने वाली है तो सी एम को समझा दिया गया कि ऐसे में पत्रकार चुनावी साल के कारण विरोध कर सकते है ! यानी यही से शुरू हो गया दलाली संस्कृति ! दरबार तक पहुँच गए पटना के पत्रकार और लगा दिया बाट प्रेस क्लब पर ! ये वही लोग हैं जो शुरू से नहीं चाहते थे कि पटना में प्रेस क्लब बने ! इन्हें तो लगा कि प्रेस क्लब बन गया तो सत्ता उनके हाथ से चली जायेगी ! न्यू कमर के हाथ सत्ता ... बैठके हुई ... टीचर से लेकर बोद्का तक की पार्टी चली तो बिना पेंदी के लोटा पत्रकार अपने अपने अखबार के मेंबर का लिस्ट लेकर घुमने लगे ! तो कोई पत्रकारों को अपने दफ्तर में बुलाकर लड़कियों से मिलवाने लगा कि आप अध्यक्ष और फलांना सचिव ! हर किसी ने जो किया प्रेस क्लब के लिए उसे नए जेनरेसन के पत्रकार माफ़ नहीं करेंगे ! ख़ास कर सी एम के दरवारी को तो चिन्हित कर लिया गया है !
अब सवाल है कि ये दल्ला लोग कब सुधरेंगे ! तो मेरे विश्लेषण यह कहता है कि दरबारी होने के लिए जो अपनी रीढ़ कि हड्डी को भूल सकता है ऐसे बेशरम से तो बेहतर है कि नहीं बने प्रेस क्लब !
जय हो
सच का सामना करना कठिन ही नहीं मुश्किल भी है ! बिडले ही होते हैं जो सच का सामना करने का जोखिम उठाते है ! पर सच का एक बार सामना कर लेने के बाद जिंदगी जीने की कला से आप परिचित हो जाते है ! आज एक सच से रुबरु कराने का जोखिम मै ले रहा हूँ ! आपको बताना चाहूँगा कि पटना में एक प्रेस क्लब की बात बिहार के मुख्यमंत्री ने की और उसके बाद पटना के पत्रकारों के बीच तूफ़ान उठ खड़ा हो गया ! हर शख्स इस प्रेस क्लब पर काबिज होने के लिए रणनीति बनाने लग गया ! कोई स्वयंभू अध्यक्ष बन गया तो कोई सचिव तो कोई अपनी सामर्थ्य के हिसाब से गोटी बिठाने लगा कि कैसे काबिज हुआ जाय ! एक सच के साथ एक ग्रुप बनाया गया जिसमे चुनिन्दा पत्रकार शामिल थे , एक ट्रस्ट बनाकर सामने आये और ऐलान किया किया प्रेस क्लब बनायेंगे और पत्रकारों के कल्याण की बात करेंगे ! अब इनका मकसद जो भी हो पर इन्होने कदम उठाया और प्रेस क्लब की नीव रख दी ! जगह तय हो गया ... सरकार ने मान भी लिया और लगभग फाइनल हो गया की पहली बार पटना प्रेस क्लब बन जाएगा !
यह मै मानता हूँ कि ट्रस्ट बनाने के समय जाति... गुटवाजी को तरजीह दी गयी ... हो सकता है .... सब दूध की तरह सफ़ेद नहीं हो सकते है !गलतियां तो इन्सान से ही होती है और हो गयी ... पर इसके लिए कितना बवाल हुआ ... बाबा रे पहली बार लगा कि पटना के पत्रकारों के भीतर का जंगल राज़ सामने आ गया ! तन गए सब ... क्या नहीं हुआ ... माँ बहन तक की गालियाँ ... सिर्फ ठाय ठुएँ नहीं हुआ ! बड़ी बदनामी हुई ... ब्लॉग खोले गए ... दो गुट हो गए ... एक दुसरे के खिलाफ मामले तलाशे जाने लगे ! आप को मालूम है कि आखिर ऐसा क्यों हुआ ? मै बताता हूँ ! दरअसल इस ट्रस्ट में पटना के स्यंभू बड़े पत्रकार कन्हैया भेलाड़ी जी को इससे दूर रख नए इनरजेतिक पत्रकारों ने कमान सम्हाला था ! किसी को नहीं पचा ! इवन गंगा प्रसाद , नलिन वर्मा सहित सारे सीनियर खिलाफ थे ! शुभाष पाण्डेय ने तो अपने अखबार में लिख तक दिया ! खैर , यह तो पुरानी बात हो गयी !
अब इस घटना के एक साल बीत गया ! बाद में अरुण अशेष के नेतृत्व में कमिटी बनी और तय हुआ कि पहले पत्रकारों का रजिस्ट्रेसन हो जाय ! शर्तें राखी गयी तो इसमें भी विवाद ... नए विडियो रेपोटर को इससे दूर कर दिया गया ! तब भी लोंगो ने फ़ार्म भर कर अपना रजिस्ट्रेशन कराया ! लेकिन मामला वही ढाकके तीन पात ! तहकीकात करने के बाद पता चला कि जब कुछ लोंगो को लग गया कि इस प्रेस क्लब में दाल नहीं गलने वाली है तो सी एम को समझा दिया गया कि ऐसे में पत्रकार चुनावी साल के कारण विरोध कर सकते है ! यानी यही से शुरू हो गया दलाली संस्कृति ! दरबार तक पहुँच गए पटना के पत्रकार और लगा दिया बाट प्रेस क्लब पर ! ये वही लोग हैं जो शुरू से नहीं चाहते थे कि पटना में प्रेस क्लब बने ! इन्हें तो लगा कि प्रेस क्लब बन गया तो सत्ता उनके हाथ से चली जायेगी ! न्यू कमर के हाथ सत्ता ... बैठके हुई ... टीचर से लेकर बोद्का तक की पार्टी चली तो बिना पेंदी के लोटा पत्रकार अपने अपने अखबार के मेंबर का लिस्ट लेकर घुमने लगे ! तो कोई पत्रकारों को अपने दफ्तर में बुलाकर लड़कियों से मिलवाने लगा कि आप अध्यक्ष और फलांना सचिव ! हर किसी ने जो किया प्रेस क्लब के लिए उसे नए जेनरेसन के पत्रकार माफ़ नहीं करेंगे ! ख़ास कर सी एम के दरवारी को तो चिन्हित कर लिया गया है !
अब सवाल है कि ये दल्ला लोग कब सुधरेंगे ! तो मेरे विश्लेषण यह कहता है कि दरबारी होने के लिए जो अपनी रीढ़ कि हड्डी को भूल सकता है ऐसे बेशरम से तो बेहतर है कि नहीं बने प्रेस क्लब !
जय हो
शनिवार

जय हो
यह कैटरिना ही कर सकती है ! भाई को भाई से मिलाने का .... दुश्मनी को दोस्ती में बदलने का ........ और एक दोस्त को दोस्त से मिलाने का काम ! वैसे यह काम गोवा गुटका का स्वाद भी नहीं कर पाया ! आप अक्सर यह विज्ञापन अपने टेलीविजन स्क्रीन पर देखते होंगे ! पर कैटरिना का कमाल है ! यह रामविलास पासवान को अब सोचना चाहिए की कैटरिना को अपनी पार्टी में ले आयें सब मिल जायेंगे ! सारा प्यार नहीं ... सारा बिहार अपना हो जाएगा ! एक और राज़ की बात प्रकाश झा और वे भी साथ हो जायेंगे !
दरअसल कैटरिना कोई बिहार के सी एम की फैन नहीं है ! अक्सर नेता ही उसके फैन है ! पर भोपाली मिटटी ने बॉस को अक्ल दे दिया और तय हो गया की फिल्म राजनीति ही नहीं रियल लाइफ की राजनीती भी अब दोस्त के साथ ! पर प्रकाश जी , जरा सम्हाल कर... राम विलास जी को डूबा चुके है यह ये भी जानते हैं ... इसलिए कह भी दिए सीधे मंच पर ही कैसी राजनीती दिखायेंगे यह तो वक्त ही बताएगा ! पर कैटरिना को छोड़ियेगा नहीं ... नहीं तो सब बंटाधार !
एक बात तो माननी पड़ेगी भाई कि.... भय बिन प्रीत ना हॉट गुसांई ... नहीं समझे ! कोई बात नहीं हम बताये देतें है कि भय क्या है ? मौर्य टीवी की लौन्चिंग पार्टी में आप गए थे नहीं ना ! यशवंत से मिले थे .... नहीं ना ! यशवंत वहीँ हैं ... भड़ास वाले ! बॉस ने फ्लाईट से आने जाने का किराया दिया ... बढ़िया होटल में ठहराया ... उम्दा शराब ... क्या चाहिए ... सब मिला ! साथ में विज्ञापन तो चल ही रहा है ! चरण वंदना संस्कृति ने आव .. भाव बढ़ा दिया ! लगा जैसे भड़ास४ मीडिया चैनल को हीट करके ही दम लेगा ! पर कैटरिना से हाथ नहीं मिला पाया ... मनोज तिवारी से ही संतोष करना पड़ा .. वाजपेयी तक हाथ नहीं मिलाया ! ऐसा ही होता है ! ख़ासकर प्रकाश झा के साथ रहने पर ! उलटे सबको बता भी रहें है कि यशवंत पर डेढ़ लाख का खर्चा ! थैंक्स ... ब्लॉग बेचने के लिए ! अब किसी की शादी , जन्म दीनपर भी लिखो भाई !
सच की मुनादी भी कर दी ... अरे बिहार में एक कहावत है ... नउवा देख ..... में बाल ! वही हो गया यशवंत तुम्हारे साथ ! बेपेंदी के थे और हो भी गए ! वैसे बेचने के लिए ... पत्रकारिता नहीं है भाई !
चलो सीख नहीं है .. गिरेबान में झाँक कर लिख रहा हूँ ... थोड़ी भी बच गयी हो ... लिख मार भाई !चलेगा ... ?
जय हो
शुक्रवार
नाम में ही सबकुछ है उसे बिगाड़ो मत
जय हो
मौर्य टीवी में सब कुछ अपने तरीके से चलता है ! कोई किसी का मालिक नहीं है सब राम भरोसे! आपको यकीन नहीं है ... कोई बात नहीं बुरा मानने की बात नहीं है ! अब देखिये ना अकरम सर का नाम पहले टीवी स्क्रीन पर केबुल ओपरेटर के लिए चलता था .... केबुल वाले संपर्क करे ... अकरम ........... नंबर पर ! पर यह क्या अचानक सब चेंज ! नाम भी गया और वो भी ... यानी इज्ज़त ! वैसे इज्ज़त पहले भी नहीं थी तो जायेगी क्या ? वैसे अकरम सर हैं जैक ऑफ़ ऑल ट्रेड मास्टर ऑफ़ नन ! जो कहिये उसी में हाँ ! अरे अकरम भाई आपको पटना में कौन नहीं जानता ? कहाँ से कहाँ तक कैसे चले हैं ... किसका क्या पकर कर कौन नहीं जानता ! प्रकाश झा को .... समझते हैं क्या ? वो सबसे बड़ा खिलाडी ! वही बात हमको भाया कुत्ता काट कर खाया ... समझ गए ना !
हाँ तो मै आपको बता रहा था की मौर्य में कुछ भी ठीक नहीं है ! अब देखिये ना कल सचिवालय के पास एक ट्रक पकड़ा गया रपोटरकौन ? भूपेंद्र ..... सॉरी यह मौर्य की एंकर कह रही थी मै तो जानता हूँ की डकैत का दलाल यानी रूपेंद्र वर्मा रपोटर था ! पर एंकर मैत्री को यह पता था की यह डकैत का दल्ला है सो उसने नाम ही बदल दिया !
वैसे आपने शायद गौर नहीं किया ... किया होता तो गुंजन का गंजन मज़ा लेकर देखते ! क्या लाइव किया भाई ! इतना बढ़िया बिहार बंद पर विश्लेषण ... आम तौर पर गुंजन या उसके लाल पानी वाले दोस्त ही करते है !
जय हो गुंजन लगे रहो ... मौक़ा मिले तो हाथ भी साफ़ कर लेना !
जय हो
मौर्य टीवी में सब कुछ अपने तरीके से चलता है ! कोई किसी का मालिक नहीं है सब राम भरोसे! आपको यकीन नहीं है ... कोई बात नहीं बुरा मानने की बात नहीं है ! अब देखिये ना अकरम सर का नाम पहले टीवी स्क्रीन पर केबुल ओपरेटर के लिए चलता था .... केबुल वाले संपर्क करे ... अकरम ........... नंबर पर ! पर यह क्या अचानक सब चेंज ! नाम भी गया और वो भी ... यानी इज्ज़त ! वैसे इज्ज़त पहले भी नहीं थी तो जायेगी क्या ? वैसे अकरम सर हैं जैक ऑफ़ ऑल ट्रेड मास्टर ऑफ़ नन ! जो कहिये उसी में हाँ ! अरे अकरम भाई आपको पटना में कौन नहीं जानता ? कहाँ से कहाँ तक कैसे चले हैं ... किसका क्या पकर कर कौन नहीं जानता ! प्रकाश झा को .... समझते हैं क्या ? वो सबसे बड़ा खिलाडी ! वही बात हमको भाया कुत्ता काट कर खाया ... समझ गए ना !
हाँ तो मै आपको बता रहा था की मौर्य में कुछ भी ठीक नहीं है ! अब देखिये ना कल सचिवालय के पास एक ट्रक पकड़ा गया रपोटरकौन ? भूपेंद्र ..... सॉरी यह मौर्य की एंकर कह रही थी मै तो जानता हूँ की डकैत का दलाल यानी रूपेंद्र वर्मा रपोटर था ! पर एंकर मैत्री को यह पता था की यह डकैत का दल्ला है सो उसने नाम ही बदल दिया !
वैसे आपने शायद गौर नहीं किया ... किया होता तो गुंजन का गंजन मज़ा लेकर देखते ! क्या लाइव किया भाई ! इतना बढ़िया बिहार बंद पर विश्लेषण ... आम तौर पर गुंजन या उसके लाल पानी वाले दोस्त ही करते है !
जय हो गुंजन लगे रहो ... मौक़ा मिले तो हाथ भी साफ़ कर लेना !
जय हो
मंगलवार
ऊपर से ठीक ठाक भीतर सिमरिया घाट
ऊपर से ठीक ठाक भीतर सिमरिया घाट
जय हो
मौर्या में भले ही बाहर से सब ठीक ठाक दिख रहा हो पर ऐसा है नहीं ! गुंजन और मुकेश आपस में लड़ने भिड़ने को तैयार बैठे हैं ! एक उत्तर ध्रुव तो दूसरा दक्षिण ध्रुव ! तब भी बॉस कह रहें है सब ठीक है !अब देखिये ना उस दिन क्या हुआ कि चैनल के लिए लोगो बनाने के लिए आया ! गुंजन ने तत्काल तिकोने साइज़ का बनाने का आदेश पारित कर दिया ! असित नाथ ने खबर मुकेश कुमार तक पहुंचा दिया बस क्या था लोगो का साइज़ बदल गया ! चकोड टाइप बना दिया गया ! इसी तरह दो फरबरी के लिए कार्ड का मैटर गुंजन ने बनाया तो मुकेश ने एडिट कर दिया ! इतना ही नहीं मुकेश चैनल में पोलिटिकल खबर चलाना चाहते हैं तो गुंजन ने उसे मना कर दिया ! अब समझिये कि मामला जूतम पैजार तक पहुँचने वाला है ! बस बॉस को कुछ नहीं पता है !
अब बॉस भी भला क्या करे ! शिखंडियों कि फ़ौज को लौंच तक तो झेलना ही है सो झेलने के लिए तैयार बैठे है ! चैनल ऑन के बाद सबकी बाट लगने वाली है ! बस थोडा इंतज़ार का मज़ा लीजिये !
जय हो
जय हो
मौर्या में भले ही बाहर से सब ठीक ठाक दिख रहा हो पर ऐसा है नहीं ! गुंजन और मुकेश आपस में लड़ने भिड़ने को तैयार बैठे हैं ! एक उत्तर ध्रुव तो दूसरा दक्षिण ध्रुव ! तब भी बॉस कह रहें है सब ठीक है !अब देखिये ना उस दिन क्या हुआ कि चैनल के लिए लोगो बनाने के लिए आया ! गुंजन ने तत्काल तिकोने साइज़ का बनाने का आदेश पारित कर दिया ! असित नाथ ने खबर मुकेश कुमार तक पहुंचा दिया बस क्या था लोगो का साइज़ बदल गया ! चकोड टाइप बना दिया गया ! इसी तरह दो फरबरी के लिए कार्ड का मैटर गुंजन ने बनाया तो मुकेश ने एडिट कर दिया ! इतना ही नहीं मुकेश चैनल में पोलिटिकल खबर चलाना चाहते हैं तो गुंजन ने उसे मना कर दिया ! अब समझिये कि मामला जूतम पैजार तक पहुँचने वाला है ! बस बॉस को कुछ नहीं पता है !
अब बॉस भी भला क्या करे ! शिखंडियों कि फ़ौज को लौंच तक तो झेलना ही है सो झेलने के लिए तैयार बैठे है ! चैनल ऑन के बाद सबकी बाट लगने वाली है ! बस थोडा इंतज़ार का मज़ा लीजिये !
जय हो
अपना चेहरा ही अच्छा है तो ....?


जय हो
मान गए भाई प्रकाश झा आपको ! आखिर पटना में मौर्य टीवी के लौन्चिंग का होर्डिंग लगा ही दिया ! बड़ा दम है आपमें ! होना भी चाहिए ! दम आपमें नहीं तो किस में होगा ! पत्रकारिता तो कोई आपसे सीखे ! एक ही वार में सांप भी मारा और लाठी वैसी ही रही ! लगा दिया बाट मुकेश और गुंजन की ! अकरम तो अब प्रोडक्सन के वजाय चैनल डिस्ट्रीबुशन का काम देख रहा है वह भी ख़ुशी ख़ुशी ! नहीं करेगा तो बेचारा .... क्या करेगा ! इसके अलावे वह एक ही काम के सकता है कैमरा का पार्ट चोरी ... विजुअल गायब ... और वही जो टेस्ट देता है ! काफी लोग आये आपके चैनल में ... सारे तीसमार खान ! सबके हिस्से देश की पत्रकारिता का मेडल ! कंटेंट से नहीं चले चैनल तो फ़िल्मी कलाकारों के जरिये .... बढ़िया चलेगा चैनल ! जय जय होगा ! दर्शक सिर्फ और सिर्फ आपका ही स्क्रीन देखेंगे ! आपके साथ आपके जी एम आशिक आदित्य हैं तो किसकी मजाल जो चैनल ना देखे ! हाँ , यह सिर्फ आपको बताया जाएगा ... फर्जी रिपोर्ट भी दिया जाएगा की बिहार और झारखण्ड के आप नंबर वन चैनल हो गए है ! इतना तो अशोक जी को करना भी चाहिए ... वैसे अशोक फेल करेंगे तो विजय नाथ मिश्रा तो है ही ! लेकिन आशिक अच्छा है ! आज तक उसने आपकी कलई नहीं ओपन किया ! हैं ना ! अरे वही .वही वाली बात !
चलिए दो फरबरी को भी देख ही लेते है की आप कितने पानी में हैं ! कैटरिना कैफ और कितने भी सितारों को श्री कृष्ण मेमोरियल हॉल में उतर दीजिये पर होगा क्या ... न्यूज़ कंटेंट आपके पास नहीं है ... मुंगेरी लाल के हसीं सपने देखिये और दिखाइएगा भी ! होर्डिंग में आपका चेहरा देखे ... लग गया की बिना एम पी बने नहीं मानियेगा ! पर चैनल का होर्डिंग तो पहले भी लगा था ... याद नहीं है ... बिना पैसे का ... बड़ी चर्चा हुई थी !
खैर , चैनल लाइए ... देखते है की क्या करते हैं अपने राजनीति और बिजनेस के लिए ... कितना सार्थक होगा यह आपके लिए .
जय हो
जिन खोजा तिन पाइया गहरे पानी पैठ
जय हो
यह तो होना ही था ... कोई कुछ नहीं कर सकता सब माया है ... चैनल चल तो रहा है पर दिख क्या रहा है यह नहीं पूछना है ... सब माया है ! अब क्या कर पायेंगे मुकेश कुमार ... दूसरी जगह अभी से ही नौकरी ढूंढ रहें हैं ! अच्छा नहीं लग रहा है ... किसने सलाह दिया था की यहाँ आओ ... आये हो तो भोगो ... किस्मत में जो लिखा था ... जो लिखा है ... वह दूसरा क्यों झेलेगा ... सच का सामना करो ... और सच का साथ देने की कोशिश करो ! यह तो माया है ! अब गुंजन के लिए सब ठीक है ... भले उसके लोगो को नौकरी मत लगने दो क्या फर्क पड़ता है ! विनायक ने बाइस हज़ार क्या मांग दिया की ... नहीं ना आने दिया ... बदनाम बेचारे सुनील अग्रवाल ! अरे अभी तो लाये ना रिपोटर फर्जी कभी भी न्यूज़ २४ में नहीं था ! अब अनुराग ही आई टी में क्या कर लेगा ! सब माया है ! थोडा ख्याल करो भाई चीनी महंगी है इसका मतलब यह नहीं की राजमा चावल १५ में और दाल भात २५ में ! कहाँ का इन्साफ है भाई ! लोग तुम्हारे है इसका मतलब यह थोड़े है की इनसे भी लूट मार किया जाय !
अब होइए सावधान ! मौर्या से गए लोग एक नया चैनल लेकर आ रहे है ! बिलकुल बिहारी भाषा का चैनल ! बिहार झारखण्ड , ओड़िसा , मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश को लेकर ! आपके चैनल की कीमत १५ करोड़ और भाई लोग लाएगा २०० करोड़ का चैनल ! टेक्नीकल आस्पेक्ट को लेकर दिल्ली में बैठक हो गयी और भाई लोगो के बॉस अगले महीने सिंगापुर की यात्रा की तैयारी में है ! ऑफिस भी पास पास !भाई लोगो की तैयारी की जोरो पर है ! सिर्फ इंतज़ार है मौर्या टीवी के विधिवत लौंच होने का ! फिर तो वह खेल खेलेगा मौर्या के गुजरे हुए लोग की दुनिया तमाशा देखेगी ! इसलिए खुलासा ने पहले ही चेताया था की भैया जो भी हो रत्तू भैया और अकरम सर को कुछ मत कहो नहीं तो भीतर ही भीतर गोटी सेट कर देंगे ... और कर दिया ! अब पछताए क्या हॉट जब चिड़ियाँ चुग गयी खेत ! रत्तू भैया को भगा कर अच्छा नहीं हुआ !
अब भाई आ रहें है पर भाई से भाई नहीं मिलेगा यही है दुनिया की माया !
जय हो
यह तो होना ही था ... कोई कुछ नहीं कर सकता सब माया है ... चैनल चल तो रहा है पर दिख क्या रहा है यह नहीं पूछना है ... सब माया है ! अब क्या कर पायेंगे मुकेश कुमार ... दूसरी जगह अभी से ही नौकरी ढूंढ रहें हैं ! अच्छा नहीं लग रहा है ... किसने सलाह दिया था की यहाँ आओ ... आये हो तो भोगो ... किस्मत में जो लिखा था ... जो लिखा है ... वह दूसरा क्यों झेलेगा ... सच का सामना करो ... और सच का साथ देने की कोशिश करो ! यह तो माया है ! अब गुंजन के लिए सब ठीक है ... भले उसके लोगो को नौकरी मत लगने दो क्या फर्क पड़ता है ! विनायक ने बाइस हज़ार क्या मांग दिया की ... नहीं ना आने दिया ... बदनाम बेचारे सुनील अग्रवाल ! अरे अभी तो लाये ना रिपोटर फर्जी कभी भी न्यूज़ २४ में नहीं था ! अब अनुराग ही आई टी में क्या कर लेगा ! सब माया है ! थोडा ख्याल करो भाई चीनी महंगी है इसका मतलब यह नहीं की राजमा चावल १५ में और दाल भात २५ में ! कहाँ का इन्साफ है भाई ! लोग तुम्हारे है इसका मतलब यह थोड़े है की इनसे भी लूट मार किया जाय !
अब होइए सावधान ! मौर्या से गए लोग एक नया चैनल लेकर आ रहे है ! बिलकुल बिहारी भाषा का चैनल ! बिहार झारखण्ड , ओड़िसा , मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश को लेकर ! आपके चैनल की कीमत १५ करोड़ और भाई लोग लाएगा २०० करोड़ का चैनल ! टेक्नीकल आस्पेक्ट को लेकर दिल्ली में बैठक हो गयी और भाई लोगो के बॉस अगले महीने सिंगापुर की यात्रा की तैयारी में है ! ऑफिस भी पास पास !भाई लोगो की तैयारी की जोरो पर है ! सिर्फ इंतज़ार है मौर्या टीवी के विधिवत लौंच होने का ! फिर तो वह खेल खेलेगा मौर्या के गुजरे हुए लोग की दुनिया तमाशा देखेगी ! इसलिए खुलासा ने पहले ही चेताया था की भैया जो भी हो रत्तू भैया और अकरम सर को कुछ मत कहो नहीं तो भीतर ही भीतर गोटी सेट कर देंगे ... और कर दिया ! अब पछताए क्या हॉट जब चिड़ियाँ चुग गयी खेत ! रत्तू भैया को भगा कर अच्छा नहीं हुआ !
अब भाई आ रहें है पर भाई से भाई नहीं मिलेगा यही है दुनिया की माया !
जय हो
शनिवार
विज्ञापन के सहारे कितने दिन

जय हो
मौर्या टीवी वाले भड़ास से डर कर तीन लाख रूपये का विज्ञापन दे आये ! समझ में नहीं आता की स्टाफ को सैलरी समय पर ना दे सकने की वजह से हमेशा शर्मिंदा रहने वाला यह टीवी आखिर किस कारण अपना विज्ञापन भड़ास को दे रहा है ! खुद बिहार झारखण्ड से विज्ञापन लाने के लिए कारपोरेट के हाथ पाऊं पकड़ने का सिलसिला चलाने वाले आखिर किस वजह से डर रहें है ! क्या प्रकाश झा ने अपना इंटरविउ छपवाने की कीमत दी है या खुलासा से बचने के लिए ही यह फैसला किया है उः तो बाद में पता चलेगा लेकिन इतना तय है की इस विज्ञापन से मौर्या टीवी को कोई फायदा नहीं दीखता है !
जय हो
शुक्रवार
गोलमाल है भाई सब गोलमाल है
जय हो
मौर्या टीवी ठीक से नहीं चल रहा है ! एक बड़ा बवाल बस होने ही वाला है ! इंतज़ार है बिग बॉस के आने का ! जैसे ही आये बस पहुंचेंगे सब एक साथ की ऐसा क्यों ? जो पहले से है उसकी सैलरी पहले जैसी और जो अभी आये उनकी अलग ! समानता की मांग करने की गलती की जायेगी बिग बॉस से ! पर बिग सुने कैसे ? आपको शायद पता हो की बिग बॉस आजकल गाइड कहाँ से हो रहें है ! नहीं पता तो मै आपको बता देता हूँ ! लेकिन आप चौकेंगे नहीं !
तो पाठक बिन्द ,
आपने मध्यप्रदेश का नाम सुना होगा ! यह इस देश का सबसे बड़ा स्टेट है ! इसकी राजधानी है भोपाल ! और यहीं है श्यामला हिल ! आजकल प्रकाश झा के लिए श्यामला हिल मंदिर बन गया है ! दरअसल इसके पीछे एक दूसरी स्टोरी है ! प्रकाश झा को मध्यप्रदेश के सी एम ने फिल्म सिटी बनाने का ज़िम्मा दिया है ! और यह ज़िम्मा ऐसे ही नहीं मिला है ! इसके पीछे हैं भाजपा के सांसद प्रभात झा ! ना ना चौंकिए नहीं ! ये प्रकाश झा के भाई नहीं बल्कि मध्यप्रदेश के राजनेता है और दिल्ली भाजपा में भी इनकी पकड़ काफी मजबूत है ! इनके कारण ही फिल्म राजनीति की शूटिंग भोपाल में की गयी ! और अब भोपाल में फिल्म सिटी ! कोई हाथ नहीं मिला सकता ! और फिल्म सिटी के साथ ही प्रकाश झा को चैनल लौंच करने के लिए मिले मुकेश कुमार ! यह मत समझ लीजियेगा की अपने टैलेंट पर मुकेश कुमार यहाँ बिहार मौर्या लौंच करने पहुंचे ! य पैरवी पुत्र है जहा पैरवी होती है वहां टैलेंट नहीं देखा जाता ! और बंधू , यही वजह है की मुकेश कुमार ने रत्तू भैया को पीएनएम में बुलवा कर विदा कर दिया ! और खुद उसके चक्कर में लगे है .... समझ गए ना ... अरे वही टेस्ट वाला मामला ! अब समझे !
तो भाई आप पैरवी पुत्र हैं ? ... चमचा नंबर वन है ? पटाने और सप्लाय करने का माद्दा रखते है ? ....... नहीं ना तो फिर क्यों बढ़ेगा आपका वेतन ! आप तो प्रेमी या प्रेमिका को नौकरी भी नहीं दिला सकते .... किस काम के है ..... काम बढ़ियाँ जानते है ... कोई बात नहीं काम करते रहिये ... तरक्की नहीं मिलेगी !
खैर आप लोग खुलासा को जो प्यार दे रहे हैं उसके लिए शुक्रिया !
जय हो
मौर्या टीवी ठीक से नहीं चल रहा है ! एक बड़ा बवाल बस होने ही वाला है ! इंतज़ार है बिग बॉस के आने का ! जैसे ही आये बस पहुंचेंगे सब एक साथ की ऐसा क्यों ? जो पहले से है उसकी सैलरी पहले जैसी और जो अभी आये उनकी अलग ! समानता की मांग करने की गलती की जायेगी बिग बॉस से ! पर बिग सुने कैसे ? आपको शायद पता हो की बिग बॉस आजकल गाइड कहाँ से हो रहें है ! नहीं पता तो मै आपको बता देता हूँ ! लेकिन आप चौकेंगे नहीं !
तो पाठक बिन्द ,
आपने मध्यप्रदेश का नाम सुना होगा ! यह इस देश का सबसे बड़ा स्टेट है ! इसकी राजधानी है भोपाल ! और यहीं है श्यामला हिल ! आजकल प्रकाश झा के लिए श्यामला हिल मंदिर बन गया है ! दरअसल इसके पीछे एक दूसरी स्टोरी है ! प्रकाश झा को मध्यप्रदेश के सी एम ने फिल्म सिटी बनाने का ज़िम्मा दिया है ! और यह ज़िम्मा ऐसे ही नहीं मिला है ! इसके पीछे हैं भाजपा के सांसद प्रभात झा ! ना ना चौंकिए नहीं ! ये प्रकाश झा के भाई नहीं बल्कि मध्यप्रदेश के राजनेता है और दिल्ली भाजपा में भी इनकी पकड़ काफी मजबूत है ! इनके कारण ही फिल्म राजनीति की शूटिंग भोपाल में की गयी ! और अब भोपाल में फिल्म सिटी ! कोई हाथ नहीं मिला सकता ! और फिल्म सिटी के साथ ही प्रकाश झा को चैनल लौंच करने के लिए मिले मुकेश कुमार ! यह मत समझ लीजियेगा की अपने टैलेंट पर मुकेश कुमार यहाँ बिहार मौर्या लौंच करने पहुंचे ! य पैरवी पुत्र है जहा पैरवी होती है वहां टैलेंट नहीं देखा जाता ! और बंधू , यही वजह है की मुकेश कुमार ने रत्तू भैया को पीएनएम में बुलवा कर विदा कर दिया ! और खुद उसके चक्कर में लगे है .... समझ गए ना ... अरे वही टेस्ट वाला मामला ! अब समझे !
तो भाई आप पैरवी पुत्र हैं ? ... चमचा नंबर वन है ? पटाने और सप्लाय करने का माद्दा रखते है ? ....... नहीं ना तो फिर क्यों बढ़ेगा आपका वेतन ! आप तो प्रेमी या प्रेमिका को नौकरी भी नहीं दिला सकते .... किस काम के है ..... काम बढ़ियाँ जानते है ... कोई बात नहीं काम करते रहिये ... तरक्की नहीं मिलेगी !
खैर आप लोग खुलासा को जो प्यार दे रहे हैं उसके लिए शुक्रिया !
जय हो
मंगलवार
चैनल के भीतर की असलियत
भड़ास मीडिया ने फिल्म निर्माता और मौर्या टीवी के मालिक प्रकाश झा से बात की और उसे अपने ब्लॉग पर प्रकाशित किया है ! इस रिपोर्ट में प्रकाश झा न मौर्या टीवी के भीतर हो रही घटनाओं पर टिपण्णी की है और कहा की पहले इस चैनल में कुछ रोडब्लोकर थे ! यहाँ आप भड़ास में छपे लेख का पहले अंश पढ़िये फिर प्रकाश झा को चैनल के भीतर की असलियत से परिचय करने की कोशिश करूँगा !
संपादक
खुलासा
-मौर्य टीवी में अंदरखाने काफी कुछ उथल-पुथल हुआ. कई लोग आए और गए. यह क्यों हुआ?
--कुछ रोडब्लाक्स थे. उनको एक बार जिम्मेदारी दी गई. पर सब कुछ ठीक से स्पष्ट नहीं हो रहा था. तब बैठ करके और बातचीत करके हमने व्यवस्था बनाई. व्यवस्था बदली गई. अभी आप देख रहे होंगे कि पिछले एक-दो महीने से सब कुछ बिल्कुल ठीक चल रहा है. सुचारू रूप से चैनल लांच हो रहा है. अब कोई दिक्कत की बात नहीं है. मीडिया में तो ऐसा होता ही रहता है. कोशिश यही रही है कि सब ठीकठाक से चले. सभी अपनी जिम्मेदारी सही तरीके से संभाल सकें. हमने तो पिछले दो साल से चैनल के लिए हर वो काम किया, जो एक व्यवस्थित चैनल के लिए जरूरी होता है. तभी बिहार का कांपैक्ट सैटेलाइट चैनल विथ प्रोडक्शन हाउस लांच हो पाया है.
खुलासा का जवाब
आपका उत्तर प्रकाश जी सही नही है ! आप ने कहा की अब जो लोग आपके पास हैं वे सही हैं ... हो सकते हैं ! पर आपने इन्हें भी सही नहीं रहने दिया ! क्या हो रहा है आपके चैनल में .... आज आपको बता दूं की अकरम अली को पीसीआर की जिम्मेवारी से मुकेश न मुक्त कर दिया अब अकरम के पास कोई काम नहीं है ! सिर्फ कैमरा देखना उसका काम रह गया है ! आपको मालूम होना चाहिए की अकरम पटना ही नहीं बल्कि बिहार का सबसे बेहतरीन टेक्नीकल का जानकार है ! वह पीसीआर तो दूर आपके चैनल का क्वालिटी सुधार सकता है ! पर इसके लिए आपको अकरम को पूरी जिम्मेदारी देनी होगी ! वह दूर की सोचता है उसके सामने मुकेश कुमार जिंदगी भर पानी मांगते नज़र आयेगे ! आपने पीसीआर में थ्री कैम लगा लिया पर क्या हुआ अकरम के हटते ही सिंक बैठ गया !
अब दूसरी खबर भी देख लीजिये ! संतोष से कैंटीन का काम वापस लेकर कैमरा मैन नीरज को जिम्मेवारी दी गयी है ! अब कैमरा मैन चाय और नास्ता बेचेगा या शूट पर जाएगा ! इतना ही नही अभी आपके चैनल से प्रवीण और किशोर ने बिदाई ले ली आप रोक लीजिये ! अनामिका ने मानशिक प्रताड़ना का मामला दायर किया है ! कोर्ट से सलट लीजिये और तब कहिये की मौर्या के अन्दर खाने में सब दुरुस्त है ! किसी तरह अपने को बेदाग़ करने के लिए उलुल जुलूल बाते छपवाने से कुछ नहीं होगा ! कभी अपने चैनल को पटना से चलने वाला केबुल पीटीएन और बिहारन्यूज़ से तुलना कर के तो देखिये और उसके बाद भाषण छपवाइए !
हाँ एक बात और पूरा बिहार जानता है की एमपी बनाने के लिए आप क्या करते रहे हैं और क्या करने वाले हैं !डकैत से लेकर लिच्चर तक को अपने साथ घुमाने की तस्वीर भी है ! आपका पूरा सच लिख दूं तो प्रकाश जी आपकी इमेज का बंटाधार हो जाएगा ! कोशिश कीजिये की सच बोलिए ! आपके सच पर ट्रस्ट सारे करते है जो हैं और जो मौर्या से गुजर गए .. सब !
हाँ आज आपकी वजह से आज राकेश शर्मा दिल्ली शिफ्ट कर रहा है ! उसकी गलती क्या थी यही ना की आप पर भरोसा कर आया था ! पर चलिए विज्ञापन देकर खबर छपवाने से महँ नहीं हो पायेंगे आप !
जय हो
संपादक
खुलासा
-मौर्य टीवी में अंदरखाने काफी कुछ उथल-पुथल हुआ. कई लोग आए और गए. यह क्यों हुआ?
--कुछ रोडब्लाक्स थे. उनको एक बार जिम्मेदारी दी गई. पर सब कुछ ठीक से स्पष्ट नहीं हो रहा था. तब बैठ करके और बातचीत करके हमने व्यवस्था बनाई. व्यवस्था बदली गई. अभी आप देख रहे होंगे कि पिछले एक-दो महीने से सब कुछ बिल्कुल ठीक चल रहा है. सुचारू रूप से चैनल लांच हो रहा है. अब कोई दिक्कत की बात नहीं है. मीडिया में तो ऐसा होता ही रहता है. कोशिश यही रही है कि सब ठीकठाक से चले. सभी अपनी जिम्मेदारी सही तरीके से संभाल सकें. हमने तो पिछले दो साल से चैनल के लिए हर वो काम किया, जो एक व्यवस्थित चैनल के लिए जरूरी होता है. तभी बिहार का कांपैक्ट सैटेलाइट चैनल विथ प्रोडक्शन हाउस लांच हो पाया है.
खुलासा का जवाब
आपका उत्तर प्रकाश जी सही नही है ! आप ने कहा की अब जो लोग आपके पास हैं वे सही हैं ... हो सकते हैं ! पर आपने इन्हें भी सही नहीं रहने दिया ! क्या हो रहा है आपके चैनल में .... आज आपको बता दूं की अकरम अली को पीसीआर की जिम्मेवारी से मुकेश न मुक्त कर दिया अब अकरम के पास कोई काम नहीं है ! सिर्फ कैमरा देखना उसका काम रह गया है ! आपको मालूम होना चाहिए की अकरम पटना ही नहीं बल्कि बिहार का सबसे बेहतरीन टेक्नीकल का जानकार है ! वह पीसीआर तो दूर आपके चैनल का क्वालिटी सुधार सकता है ! पर इसके लिए आपको अकरम को पूरी जिम्मेदारी देनी होगी ! वह दूर की सोचता है उसके सामने मुकेश कुमार जिंदगी भर पानी मांगते नज़र आयेगे ! आपने पीसीआर में थ्री कैम लगा लिया पर क्या हुआ अकरम के हटते ही सिंक बैठ गया !
अब दूसरी खबर भी देख लीजिये ! संतोष से कैंटीन का काम वापस लेकर कैमरा मैन नीरज को जिम्मेवारी दी गयी है ! अब कैमरा मैन चाय और नास्ता बेचेगा या शूट पर जाएगा ! इतना ही नही अभी आपके चैनल से प्रवीण और किशोर ने बिदाई ले ली आप रोक लीजिये ! अनामिका ने मानशिक प्रताड़ना का मामला दायर किया है ! कोर्ट से सलट लीजिये और तब कहिये की मौर्या के अन्दर खाने में सब दुरुस्त है ! किसी तरह अपने को बेदाग़ करने के लिए उलुल जुलूल बाते छपवाने से कुछ नहीं होगा ! कभी अपने चैनल को पटना से चलने वाला केबुल पीटीएन और बिहारन्यूज़ से तुलना कर के तो देखिये और उसके बाद भाषण छपवाइए !
हाँ एक बात और पूरा बिहार जानता है की एमपी बनाने के लिए आप क्या करते रहे हैं और क्या करने वाले हैं !डकैत से लेकर लिच्चर तक को अपने साथ घुमाने की तस्वीर भी है ! आपका पूरा सच लिख दूं तो प्रकाश जी आपकी इमेज का बंटाधार हो जाएगा ! कोशिश कीजिये की सच बोलिए ! आपके सच पर ट्रस्ट सारे करते है जो हैं और जो मौर्या से गुजर गए .. सब !
हाँ आज आपकी वजह से आज राकेश शर्मा दिल्ली शिफ्ट कर रहा है ! उसकी गलती क्या थी यही ना की आप पर भरोसा कर आया था ! पर चलिए विज्ञापन देकर खबर छपवाने से महँ नहीं हो पायेंगे आप !
जय हो
चैनल के भीतर की असलियत
भड़ास मीडिया ने फिल्म निर्माता और मौर्या टीवी के मालिक प्रकाश झा से बात की और उसे अपने ब्लॉग पर प्रकाशित किया है ! इस रिपोर्ट में प्रकाश झा न मौर्या टीवी के भीतर हो रही घटनाओं पर टिपण्णी की है और कहा की पहले इस चैनल में कुछ रोडब्लोकर थे ! यहाँ आप भड़ास में छपे लेख का पहले अंश पढ़िये फिर प्रकाश झा को चैनल के भीतर की असलियत से परिचय करने की कोशिश करूँगा !
संपादक
खुलासा
-मौर्य टीवी में अंदरखाने काफी कुछ उथल-पुथल हुआ. कई लोग आए और गए. यह क्यों हुआ?
--कुछ रोडब्लाक्स थे. उनको एक बार जिम्मेदारी दी गई. पर सब कुछ ठीक से स्पष्ट नहीं हो रहा था. तब बैठ करके और बातचीत करके हमने व्यवस्था बनाई. व्यवस्था बदली गई. अभी आप देख रहे होंगे कि पिछले एक-दो महीने से सब कुछ बिल्कुल ठीक चल रहा है. सुचारू रूप से चैनल लांच हो रहा है. अब कोई दिक्कत की बात नहीं है. मीडिया में तो ऐसा होता ही रहता है. कोशिश यही रही है कि सब ठीकठाक से चले. सभी अपनी जिम्मेदारी सही तरीके से संभाल सकें. हमने तो पिछले दो साल से चैनल के लिए हर वो काम किया, जो एक व्यवस्थित चैनल के लिए जरूरी होता है. तभी बिहार का कांपैक्ट सैटेलाइट चैनल विथ प्रोडक्शन हाउस लांच हो पाया है.
खुलासा का जवाब
आपका उत्तर प्रकाश जी सही नही है ! आप ने कहा की अब जो लोग आपके पास हैं वे सही हैं ... हो सकते हैं ! पर आपने इन्हें भी सही नहीं रहने दिया ! क्या हो रहा है आपके चैनल में .... आज आपको बता दूं की अकरम अली को पीसीआर की जिम्मेवारी से मुकेश न मुक्त कर दिया अब अकरम के पास कोई काम नहीं है ! सिर्फ कैमरा देखना उसका काम रह गया है ! आपको मालूम होना चाहिए की अकरम पटना ही नहीं बल्कि बिहार का सबसे बेहतरीन टेक्नीकल का जानकार है ! वह पीसीआर तो दूर आपके चैनल का क्वालिटी सुधार सकता है ! पर इसके लिए आपको अकरम को पूरी जिम्मेदारी देनी होगी ! वह दूर की सोचता है उसके सामने मुकेश कुमार जिंदगी भर पानी मांगते नज़र आयेगे ! आपने पीसीआर में थ्री कैम लगा लिया पर क्या हुआ अकरम के हटते ही सिंक बैठ गया !
अब दूसरी खबर भी देख लीजिये ! संतोष से कैंटीन का काम वापस लेकर कैमरा मैन नीरज को जिम्मेवारी दी गयी है ! अब कैमरा मैन चाय और नास्ता बेचेगा या शूट पर जाएगा ! इतना ही नही अभी आपके चैनल से प्रवीण और किशोर ने बिदाई ले ली आप रोक लीजिये ! अनामिका ने मानशिक प्रताड़ना का मामला दायर किया है ! कोर्ट से सलट लीजिये और तब कहिये की मौर्या के अन्दर खाने में सब दुरुस्त है ! किसी तरह अपने को बेदाग़ करने के लिए उलुल जुलूल बाते छपवाने से कुछ नहीं होगा ! कभी अपने चैनल को पटना से चलने वाला केबुल पीटीएन और बिहारन्यूज़ से तुलना कर के तो देखिये और उसके बाद भाषण छपवाइए !
हाँ एक बात और पूरा बिहार जानता है की एमपी बनाने के लिए आप क्या करते रहे हैं और क्या करने वाले हैं !डकैत से लेकर लिच्चर तक को अपने साथ घुमाने की तस्वीर भी है ! आपका पूरा सच लिख दूं तो प्रकाश जी आपकी इमेज का बंटाधार हो जाएगा ! कोशिश कीजिये की सच बोलिए ! आपके सच पर ट्रस्ट सारे करते है जो हैं और जो मौर्या से गुजर गए .. सब !
हाँ आज आपकी वजह से आज राकेश शर्मा दिल्ली शिफ्ट कर रहा है ! उसकी गलती क्या थी यही ना की आप पर भरोसा कर आया था ! पर चलिए विज्ञापन देकर खबर छपवाने से महँ नहीं हो पायेंगे आप !
जय हो
संपादक
खुलासा
-मौर्य टीवी में अंदरखाने काफी कुछ उथल-पुथल हुआ. कई लोग आए और गए. यह क्यों हुआ?
--कुछ रोडब्लाक्स थे. उनको एक बार जिम्मेदारी दी गई. पर सब कुछ ठीक से स्पष्ट नहीं हो रहा था. तब बैठ करके और बातचीत करके हमने व्यवस्था बनाई. व्यवस्था बदली गई. अभी आप देख रहे होंगे कि पिछले एक-दो महीने से सब कुछ बिल्कुल ठीक चल रहा है. सुचारू रूप से चैनल लांच हो रहा है. अब कोई दिक्कत की बात नहीं है. मीडिया में तो ऐसा होता ही रहता है. कोशिश यही रही है कि सब ठीकठाक से चले. सभी अपनी जिम्मेदारी सही तरीके से संभाल सकें. हमने तो पिछले दो साल से चैनल के लिए हर वो काम किया, जो एक व्यवस्थित चैनल के लिए जरूरी होता है. तभी बिहार का कांपैक्ट सैटेलाइट चैनल विथ प्रोडक्शन हाउस लांच हो पाया है.
खुलासा का जवाब
आपका उत्तर प्रकाश जी सही नही है ! आप ने कहा की अब जो लोग आपके पास हैं वे सही हैं ... हो सकते हैं ! पर आपने इन्हें भी सही नहीं रहने दिया ! क्या हो रहा है आपके चैनल में .... आज आपको बता दूं की अकरम अली को पीसीआर की जिम्मेवारी से मुकेश न मुक्त कर दिया अब अकरम के पास कोई काम नहीं है ! सिर्फ कैमरा देखना उसका काम रह गया है ! आपको मालूम होना चाहिए की अकरम पटना ही नहीं बल्कि बिहार का सबसे बेहतरीन टेक्नीकल का जानकार है ! वह पीसीआर तो दूर आपके चैनल का क्वालिटी सुधार सकता है ! पर इसके लिए आपको अकरम को पूरी जिम्मेदारी देनी होगी ! वह दूर की सोचता है उसके सामने मुकेश कुमार जिंदगी भर पानी मांगते नज़र आयेगे ! आपने पीसीआर में थ्री कैम लगा लिया पर क्या हुआ अकरम के हटते ही सिंक बैठ गया !
अब दूसरी खबर भी देख लीजिये ! संतोष से कैंटीन का काम वापस लेकर कैमरा मैन नीरज को जिम्मेवारी दी गयी है ! अब कैमरा मैन चाय और नास्ता बेचेगा या शूट पर जाएगा ! इतना ही नही अभी आपके चैनल से प्रवीण और किशोर ने बिदाई ले ली आप रोक लीजिये ! अनामिका ने मानशिक प्रताड़ना का मामला दायर किया है ! कोर्ट से सलट लीजिये और तब कहिये की मौर्या के अन्दर खाने में सब दुरुस्त है ! किसी तरह अपने को बेदाग़ करने के लिए उलुल जुलूल बाते छपवाने से कुछ नहीं होगा ! कभी अपने चैनल को पटना से चलने वाला केबुल पीटीएन और बिहारन्यूज़ से तुलना कर के तो देखिये और उसके बाद भाषण छपवाइए !
हाँ एक बात और पूरा बिहार जानता है की एमपी बनाने के लिए आप क्या करते रहे हैं और क्या करने वाले हैं !डकैत से लेकर लिच्चर तक को अपने साथ घुमाने की तस्वीर भी है ! आपका पूरा सच लिख दूं तो प्रकाश जी आपकी इमेज का बंटाधार हो जाएगा ! कोशिश कीजिये की सच बोलिए ! आपके सच पर ट्रस्ट सारे करते है जो हैं और जो मौर्या से गुजर गए .. सब !
हाँ आज आपकी वजह से आज राकेश शर्मा दिल्ली शिफ्ट कर रहा है ! उसकी गलती क्या थी यही ना की आप पर भरोसा कर आया था ! पर चलिए विज्ञापन देकर खबर छपवाने से महँ नहीं हो पायेंगे आप !
जय हो
ऐसी मस्ती .... और कहाँ !
जय हो
अब कैसे भला हो आपका ! आज फिर आपको छोड़ गया किशोर ! आप शायद किशोर को जानते होंगे ! मौर्या टीवी का झारखंड का डिसट्रीब्यूसन हेड था पर नाग नाथ की वजह से वह छोड़ गया ! आखिर क्यों ऐसा है की सारे लोग प्रकाश झा को ठेंगा दिखा कर जा रहे है ! वैसे यह या तो प्रकाश झा बता सकते हैं या फिर छोड़ने वाले लोग ! पर इतना तो तय है की किसी दिन एक बड़ा अधिकारी भी छोड़ कर चला जाए !
असल में इस अधिकारी ने मौर्या में रह कर अपने हिस्से का पाप कर लिया ! किसी को उसके अन्दर बाहर के सारे वस्त्र खरीद दिए और इसके एवज में जो लिया वह वह बताने लायक नहीं है ! यह मौर्या टीवी में ही संभव है ! यहाँ लड़कियों के साथ क्या आज़ादी है यह सब जानते हैं ! पहले जब रत्तू भैया थे तब भी और आज भी ! रत्तू भैया ने तो बकायदा लड़कियों की मेफिल सजाते थे और जब एक ने विरोध किया तो उसको निकलवा दिए ! क्या नहीं हुआ ! सब हुआ ऑफिस से लेकड़ नयी गाडी तक में ! बहाना तो अकरम भी बनाता रहा पर एंकर तैयार करने के नाम पर मक्का मदीना घूम आया ऐसी मस्ती .... और कहाँ !
सच लिखना और सुनना काफी कठिन है ! आप सच ना बोल सकते है और ना ही सुन सकते हैं ! पर सच तो सच है ! अपने दिल पर हाथ रखकर जब अपनी कहानी याद करेंगे तो एहसास होगा ! आज आप जिस जगह पर बैठ कर गरिया रहें है वहीँ जब आपकी पोलपट्टी खुलेगा तो बाप बाप करना शुरू कर देंगे ! महोदय अकरम जी , निगाह अच्छी रखिये ... निशाना गलत है आपका ! वह आपको भाई मानती है और उसको एंकर के नाम पर छी छी !
प्रकाश झा को यह सब अच्छा लगता है ! क्योंकि यहाँ के लोगो से सोच मिलती है ! पर बॉस इस देश में जब आप भी गंगा पार नहीं करते तो अपने चैनल कार्मिको समझाइये ! की पत्थर के हो डूब जाओगे , भूले से समंदर पार करने की कोशिश मत करो !
जय हो
अब कैसे भला हो आपका ! आज फिर आपको छोड़ गया किशोर ! आप शायद किशोर को जानते होंगे ! मौर्या टीवी का झारखंड का डिसट्रीब्यूसन हेड था पर नाग नाथ की वजह से वह छोड़ गया ! आखिर क्यों ऐसा है की सारे लोग प्रकाश झा को ठेंगा दिखा कर जा रहे है ! वैसे यह या तो प्रकाश झा बता सकते हैं या फिर छोड़ने वाले लोग ! पर इतना तो तय है की किसी दिन एक बड़ा अधिकारी भी छोड़ कर चला जाए !
असल में इस अधिकारी ने मौर्या में रह कर अपने हिस्से का पाप कर लिया ! किसी को उसके अन्दर बाहर के सारे वस्त्र खरीद दिए और इसके एवज में जो लिया वह वह बताने लायक नहीं है ! यह मौर्या टीवी में ही संभव है ! यहाँ लड़कियों के साथ क्या आज़ादी है यह सब जानते हैं ! पहले जब रत्तू भैया थे तब भी और आज भी ! रत्तू भैया ने तो बकायदा लड़कियों की मेफिल सजाते थे और जब एक ने विरोध किया तो उसको निकलवा दिए ! क्या नहीं हुआ ! सब हुआ ऑफिस से लेकड़ नयी गाडी तक में ! बहाना तो अकरम भी बनाता रहा पर एंकर तैयार करने के नाम पर मक्का मदीना घूम आया ऐसी मस्ती .... और कहाँ !
सच लिखना और सुनना काफी कठिन है ! आप सच ना बोल सकते है और ना ही सुन सकते हैं ! पर सच तो सच है ! अपने दिल पर हाथ रखकर जब अपनी कहानी याद करेंगे तो एहसास होगा ! आज आप जिस जगह पर बैठ कर गरिया रहें है वहीँ जब आपकी पोलपट्टी खुलेगा तो बाप बाप करना शुरू कर देंगे ! महोदय अकरम जी , निगाह अच्छी रखिये ... निशाना गलत है आपका ! वह आपको भाई मानती है और उसको एंकर के नाम पर छी छी !
प्रकाश झा को यह सब अच्छा लगता है ! क्योंकि यहाँ के लोगो से सोच मिलती है ! पर बॉस इस देश में जब आप भी गंगा पार नहीं करते तो अपने चैनल कार्मिको समझाइये ! की पत्थर के हो डूब जाओगे , भूले से समंदर पार करने की कोशिश मत करो !
जय हो
जिंदगी अब तो माफ़ करो
जय हो
क्या कहूं कहना तो नहीं चाहता हूँ पर फिर मामला वही आकर अटक गया है तो लिखने के लिए बाध्य होना पड़ा है ! अब खबर इतना अन्दुरुनी है की मौर्या टीवी वालो की हालत पतली हो रही है ! आपको याद होगा जब मौर्या के मालिक और बिग बॉस प्रकाश झा ने अपने चैनल से आठ लोंगो को निकाला था उसमे अनामिका भी थी ! पी सी आर में काम कर रही थी काम जानती थी और अपनी इमानदारी और विश्वास चैनल को दिखा चुकी थी ! पर प्रकाश झा ने उसे भी निकाल दिया ! जबकि वह पहले एक बार अपना इस्तीफा दे चुकी थी तो राजीव मिश्रा और कई लोंगो ने हाथ पाऊँ जोड़कर उसे वापस लाया था पर बिना कुछ कारण बताये जब उसे निकाला गया तो वह अपने रोक नहीं पायी और उसने प्रताड़ना का मामला कोर्ट में दायर करा दिया है ! अब मौर्या टीवी प्रबंधन के हाथ पाऊँ फूल गया है की कोर्ट में क्या जवाब दे सो अब अनामिका के आगे दंडवत हैं सारे लोग ! पर अनामिका मान नहीं रही है ! माने भी क्यों यह प्रकाश झा को पहले ही सोचना चाहिए था ! खैर अनामिका से बच नहीं पायेंगे ये तिलस्मी मौर्या टीवी वाले इनको जवाब के साथ प्रताड़ना का मुवावजा भी देना होगा !
अब एक नयी झाबर और आपको देना चाह रहा हूँ ! खबर यह है की चैनल का डिसट्रीबयूसन सम्हाल रहे प्रवीण ने चैनल को बाय बाय कर दिया है तो वही अरुण पाण्डेय ने अपना बोरिया बिस्तर समेट कर ३१ से आना छोड़ दिया है ! राजीव मिश्रा का भी पता नहीं है की कहाँ हैं तो पट्टू बहिया का कहना है कि उन्होंने इस्तीफा दिया है तो चैनल के लोग निकालने कि बात बता रहें है ! लेकिन इस चैनल के साथ ही ऐसा क्यों हो रहा है ... तो आज आपको वही सच्चाई बताने कि कोशिश कर रहा हूँ !
मौर्या टीवी में एक है सांप नाथ ! ये वही हैं जो किसी ज़माने में पाटलिपुत्र टाइम्स का भी बैंड बजाया था ! इनका नाम है विजय नाथ मिश्रा ! वैसे तो ये बिहार के एक पूर्व सी एम के साले है पर इनका काम वही है जो सांप करता है ! यानी डसना ये भी प्रकाश झा को डंस ही रहे हैं ! घोटाला दर घोटाला के माहिर इस सांप में किसी को नहीं छोड़ा तो प्रकाश झा कैसे बच पायेंगे !
और इस सांप को आजकल मदद दे रहा है नागनाथ यानी मुकेश कुमार ! दोनों मिलकर लूट सके सो लूट कि तर्ज पर लगा हुआ है ! और तो और मुकेश ने तो एक नयी कहानी भी गढ़नी शुरू कर दिया है ! प्रेमपास में फांसने का ! बेचारी फंस रही है आखिर करेगी भी क्या ! आगे जाना है सो ....?
आप कही भी पटना में मुकेश कुमार को अकेले शोपिंग करते नहीं देख सकते है ! साथ जो है उसे सब जानने लगे हैं ! अब तो मौर्या में होड़ लगे है वहां कि सब तैयार है साथ घूमने के लिए ! जे से लेकर श्वा तक !
अच्छा है ! क्योंकि तेरी भी जय और उनकी भी जय !
जय हो
क्या कहूं कहना तो नहीं चाहता हूँ पर फिर मामला वही आकर अटक गया है तो लिखने के लिए बाध्य होना पड़ा है ! अब खबर इतना अन्दुरुनी है की मौर्या टीवी वालो की हालत पतली हो रही है ! आपको याद होगा जब मौर्या के मालिक और बिग बॉस प्रकाश झा ने अपने चैनल से आठ लोंगो को निकाला था उसमे अनामिका भी थी ! पी सी आर में काम कर रही थी काम जानती थी और अपनी इमानदारी और विश्वास चैनल को दिखा चुकी थी ! पर प्रकाश झा ने उसे भी निकाल दिया ! जबकि वह पहले एक बार अपना इस्तीफा दे चुकी थी तो राजीव मिश्रा और कई लोंगो ने हाथ पाऊँ जोड़कर उसे वापस लाया था पर बिना कुछ कारण बताये जब उसे निकाला गया तो वह अपने रोक नहीं पायी और उसने प्रताड़ना का मामला कोर्ट में दायर करा दिया है ! अब मौर्या टीवी प्रबंधन के हाथ पाऊँ फूल गया है की कोर्ट में क्या जवाब दे सो अब अनामिका के आगे दंडवत हैं सारे लोग ! पर अनामिका मान नहीं रही है ! माने भी क्यों यह प्रकाश झा को पहले ही सोचना चाहिए था ! खैर अनामिका से बच नहीं पायेंगे ये तिलस्मी मौर्या टीवी वाले इनको जवाब के साथ प्रताड़ना का मुवावजा भी देना होगा !
अब एक नयी झाबर और आपको देना चाह रहा हूँ ! खबर यह है की चैनल का डिसट्रीबयूसन सम्हाल रहे प्रवीण ने चैनल को बाय बाय कर दिया है तो वही अरुण पाण्डेय ने अपना बोरिया बिस्तर समेट कर ३१ से आना छोड़ दिया है ! राजीव मिश्रा का भी पता नहीं है की कहाँ हैं तो पट्टू बहिया का कहना है कि उन्होंने इस्तीफा दिया है तो चैनल के लोग निकालने कि बात बता रहें है ! लेकिन इस चैनल के साथ ही ऐसा क्यों हो रहा है ... तो आज आपको वही सच्चाई बताने कि कोशिश कर रहा हूँ !
मौर्या टीवी में एक है सांप नाथ ! ये वही हैं जो किसी ज़माने में पाटलिपुत्र टाइम्स का भी बैंड बजाया था ! इनका नाम है विजय नाथ मिश्रा ! वैसे तो ये बिहार के एक पूर्व सी एम के साले है पर इनका काम वही है जो सांप करता है ! यानी डसना ये भी प्रकाश झा को डंस ही रहे हैं ! घोटाला दर घोटाला के माहिर इस सांप में किसी को नहीं छोड़ा तो प्रकाश झा कैसे बच पायेंगे !
और इस सांप को आजकल मदद दे रहा है नागनाथ यानी मुकेश कुमार ! दोनों मिलकर लूट सके सो लूट कि तर्ज पर लगा हुआ है ! और तो और मुकेश ने तो एक नयी कहानी भी गढ़नी शुरू कर दिया है ! प्रेमपास में फांसने का ! बेचारी फंस रही है आखिर करेगी भी क्या ! आगे जाना है सो ....?
आप कही भी पटना में मुकेश कुमार को अकेले शोपिंग करते नहीं देख सकते है ! साथ जो है उसे सब जानने लगे हैं ! अब तो मौर्या में होड़ लगे है वहां कि सब तैयार है साथ घूमने के लिए ! जे से लेकर श्वा तक !
अच्छा है ! क्योंकि तेरी भी जय और उनकी भी जय !
जय हो
रविवार
रत्तू भैया : ये क्या किया
जय हो
खबर फिर मौर्या टीवी की ! ताज़ा हाल यह है की चैनल का टेस्ट सिग्नल क्या आया रत्तू भैया को चैनल से बिदा कर दिया गया ! बेचारे रत्तू भैया ना घर के रहे ना घाट के ! धोबी का ................ बन गए ! क्या करेंगे अब रत्तू भैया ? औड़ा देखने का काम शुरू करेंगे और सीधे मौर्या का ......... कर देंगे ! तो साहिबान आखिर रत्तू भैया की विदाई के पीछे का राज़ क्या है !
जानकारी के मुताबिक दो दिन पहले रत्तू भैया ने एक स्क्रिप्ट लिखा ! गुंजन ने स्क्रिप्ट की ऐसी की तैसी कर दी और बचा खुचा मुकेश ने ! बस रत्तू भैया को ताव आ गया और सीधे मुकेश को औड़ा दिखा दिया और उनकी विदाई हो गयी !
हालांकि रत्तू भैया अपनी जगह ठीक थे ! उन्होंने सवाल भी सही उठाया था की चैनल पर सिगरेट ना पीने का विज्ञापन चल रहा है तो गुंजन को सिगरेट नहीं पीना चाहिए ! पर अपनी औकात भूल गए थे रत्तू भैया ! रत्तू भैया .... टेस्ट ही नहीं समझ पाए ! अरे रत्तू भैया टेस्ट नहीं ब्रांड पूछना चाहिए था ! नेशनल या इंटरनेशनल ! हाईट , कलर पूछे नहीं तो कैजुलती तो होना ही था सो हो गया ! अब अगला विकेट .... का गिरना है ! समय भी तय है .... मौके का इंतज़ार है !
जय हो
खबर फिर मौर्या टीवी की ! ताज़ा हाल यह है की चैनल का टेस्ट सिग्नल क्या आया रत्तू भैया को चैनल से बिदा कर दिया गया ! बेचारे रत्तू भैया ना घर के रहे ना घाट के ! धोबी का ................ बन गए ! क्या करेंगे अब रत्तू भैया ? औड़ा देखने का काम शुरू करेंगे और सीधे मौर्या का ......... कर देंगे ! तो साहिबान आखिर रत्तू भैया की विदाई के पीछे का राज़ क्या है !
जानकारी के मुताबिक दो दिन पहले रत्तू भैया ने एक स्क्रिप्ट लिखा ! गुंजन ने स्क्रिप्ट की ऐसी की तैसी कर दी और बचा खुचा मुकेश ने ! बस रत्तू भैया को ताव आ गया और सीधे मुकेश को औड़ा दिखा दिया और उनकी विदाई हो गयी !
हालांकि रत्तू भैया अपनी जगह ठीक थे ! उन्होंने सवाल भी सही उठाया था की चैनल पर सिगरेट ना पीने का विज्ञापन चल रहा है तो गुंजन को सिगरेट नहीं पीना चाहिए ! पर अपनी औकात भूल गए थे रत्तू भैया ! रत्तू भैया .... टेस्ट ही नहीं समझ पाए ! अरे रत्तू भैया टेस्ट नहीं ब्रांड पूछना चाहिए था ! नेशनल या इंटरनेशनल ! हाईट , कलर पूछे नहीं तो कैजुलती तो होना ही था सो हो गया ! अब अगला विकेट .... का गिरना है ! समय भी तय है .... मौके का इंतज़ार है !
जय हो
शनिवार
खोदा पहाड़ निकली चुहिया
जय हो
मान गए भाई प्रकाश झा जी आपको ..........आपकी तिलस्मी टीम ने तो कमाल ही कर दिया........ चैनल लौंच कर दिया ........ क्या कहना .... एक कहावत सुनी हैं न आपने ... वही.......... खोदा पहाड़ निकली चुहिया ! सचमुच यह चुहिया को क्यों देखेंगे बिहार के लोग ! क्या दिखा रहें है ? ना खबर और ना ही कोई प्रोग्राम ! जाल का प्रोमो भी देखा और देखा सिगरेट ना पीने की चेतावनी ... सत्तू का विज्ञापन भी देखा और देखा फंटूशो की राम कहानी !
आखिर यह तो होना ही था ! आपके बिहार और बिहारी भाषा की कल्पना को ..... मार लिया ! ऐसी की तैसी कर दी आपके सपनो की ! एक और कहावत सुनाता हूँ .... ठेस लगने से अक्ल आती है पर आपको तो वह भी नहीं आ रही ... सच है मत ही मार गयी है .... जाइएगा नेपाल और कपाड़साथ नहीं जाएगा तो यही होगा जो हुआ ! भले मुकेश कुमार से इस से अधिक उम्मीद भी नहीं की जा सकती है ! जो आज तक बिहार और बिहारी को गाली देता रहा वह आखिर किस तरीके से बिहारी भाषा का सम्मान करेगा ! माँ बहन कर दिया मौर्या टीवी का !
शायद आप किसी खुश फहमी के शिकार थे जो मुकेश कुमार को नहीं पहचान सके ! अरे भाई इसके हिस्से अभी तक चैनल लौंच करने का रिकार्ड नहीं था आपने बिहारी बन कर दे दिया की ले भाई ले एक बार मेरी भी ले ! और उसने ले लिया जी भर कर लिया ! सब दिख रहा है आपके टेस्ट सिग्नल में ! ना कोई विज्ञापन , ना कोई धमाकेदार खबर , बस रूटीन की खबर ! वह भी बिहार न्यूज़ से बदतर !
प्रकाश झा जी आप बिहार के लिए नए कंटेंट वाला चैनल ला रहे थे ..... क्या हुआ सब हवा !
आपके लिए एक शेर
अभी हुजूम है इसको जुलूस बनने दो
तेरे खिलाफ हर एक बेजुबान बोलेगा
जय हो
मान गए भाई प्रकाश झा जी आपको ..........आपकी तिलस्मी टीम ने तो कमाल ही कर दिया........ चैनल लौंच कर दिया ........ क्या कहना .... एक कहावत सुनी हैं न आपने ... वही.......... खोदा पहाड़ निकली चुहिया ! सचमुच यह चुहिया को क्यों देखेंगे बिहार के लोग ! क्या दिखा रहें है ? ना खबर और ना ही कोई प्रोग्राम ! जाल का प्रोमो भी देखा और देखा सिगरेट ना पीने की चेतावनी ... सत्तू का विज्ञापन भी देखा और देखा फंटूशो की राम कहानी !
आखिर यह तो होना ही था ! आपके बिहार और बिहारी भाषा की कल्पना को ..... मार लिया ! ऐसी की तैसी कर दी आपके सपनो की ! एक और कहावत सुनाता हूँ .... ठेस लगने से अक्ल आती है पर आपको तो वह भी नहीं आ रही ... सच है मत ही मार गयी है .... जाइएगा नेपाल और कपाड़साथ नहीं जाएगा तो यही होगा जो हुआ ! भले मुकेश कुमार से इस से अधिक उम्मीद भी नहीं की जा सकती है ! जो आज तक बिहार और बिहारी को गाली देता रहा वह आखिर किस तरीके से बिहारी भाषा का सम्मान करेगा ! माँ बहन कर दिया मौर्या टीवी का !
शायद आप किसी खुश फहमी के शिकार थे जो मुकेश कुमार को नहीं पहचान सके ! अरे भाई इसके हिस्से अभी तक चैनल लौंच करने का रिकार्ड नहीं था आपने बिहारी बन कर दे दिया की ले भाई ले एक बार मेरी भी ले ! और उसने ले लिया जी भर कर लिया ! सब दिख रहा है आपके टेस्ट सिग्नल में ! ना कोई विज्ञापन , ना कोई धमाकेदार खबर , बस रूटीन की खबर ! वह भी बिहार न्यूज़ से बदतर !
प्रकाश झा जी आप बिहार के लिए नए कंटेंट वाला चैनल ला रहे थे ..... क्या हुआ सब हवा !
आपके लिए एक शेर
अभी हुजूम है इसको जुलूस बनने दो
तेरे खिलाफ हर एक बेजुबान बोलेगा
जय हो
शुक्रवार
मौर्या ........... नौकरी मंत्र
मौर्या ........... नौकरी मंत्र
जय हो
खबर पक्की है आप पत्रकार है ... टीवी में काम करना चाहते हैं ... सीधे कृष्णपूरी के चिल्ड्रेन पार्क के पास मौर्या के दफ्तर में जाएँ और नौकरी पा ले ! लेकिन नौकरी ऐसे नहीं मिलेगी ! आपको वहां के पूर्ववर्त्ती लोंगो को गलियाना होगा ! बस नौकरी मिल जायेगी कुछ करना नहीं है ! सैलरी की चिंता मत कीजिये दिल्ली की तरह सैलरी ! बस याद रखिये ... ध्यान देकर ... ख्याल रहे की गरियाना है पहले के जिम्मेवार लोंगो को ! यह अगर आप कर सकते हैं तो आपकी आरती उतारी जायेगी ! क्योंकि यह तो प्रकाश झा चाहते हैं ! और नौकरी का पत्र भी प्रकाश झा के हाथों ! है ना सुनहरा मौका चूकिए मत ! सीधे सड़क पर चल दीजिये ! वहां आदमी चाहिए ! जगह है पर काम करने वाला आदमी नहीं है ! आदमी आएगा कहाँ से ! पुराने को तो आरोपित कर हटाया गया ! तो कइयो ने छोड़ दिया ! जो भी जाता है भाग जाता है ! अब देखिये ना टेक्नीकल में आया सेकण्ड मैन भाग खड़ा हुआ ! बेचारा करता भी क्या !
हाँ तो , मै बता रहा था की चैनल लौंच करने के लिए हॉल बुक हो चुका है ! गेस्ट भी बुक हो गए हैं सिर्फ सी एम ने समय नहीं दिया है !दो फरबरी की तारीख भी तय कर दी गयी है ! जलसा में किलने के साथ पिलाने का भी पूरा प्रोग्राम है ! प्रॉब्लम है तो सिर्फ यही की चैनल लौंच होने के बाद दिखायेंगे क्या ? यह तो कोई नहीं जानता है ! ना प्रकाश झा और ना ही उनकी शिखंडी टीम ! बस चैनल लौंच करना है और उनको दिखाना है ... उनको... की उनके बिना भी चैनल लंच हो सकता है ! थैंक्स
चैनल लौंच हो यह तो सब चाहते हैं ...आप भी और वे भी जो गुजर गए हैं मौर्या से ... बिना प्रोग्राम के ... सिर्फ और सिर्फ न्यूज़ ! अच्छा है ! लेकिन आप करेंगे कैसे भाई अभी तो एक न्यूज़ भी आपके पास नहीं है कहीं दिखते नहीं हैं आप फिर कैसे ! सिर्फ दर्श को लाखो रूपये देने से चैनल नहीं चलता है ! इसके नेस कंटेंट चाहिए !
सबसे बरी बात है की विज्ञापन के लिए कोई नहीं है ! राजीव कितना पैसा लायेंगे ! एच आर में आया और चला गया ! विनायक भी नहीं ज्वाइन किया ! तो क्या करेंगे ! पुरानी फिल्मो को दिखायायेंगे !
चलिए टेस्ट सिग्नल भी देख लिया ! ख़त के मजनू है लिफाफा देख कर ही समझ गया की कहना ही पड़ेगा
जय हो
जय हो
खबर पक्की है आप पत्रकार है ... टीवी में काम करना चाहते हैं ... सीधे कृष्णपूरी के चिल्ड्रेन पार्क के पास मौर्या के दफ्तर में जाएँ और नौकरी पा ले ! लेकिन नौकरी ऐसे नहीं मिलेगी ! आपको वहां के पूर्ववर्त्ती लोंगो को गलियाना होगा ! बस नौकरी मिल जायेगी कुछ करना नहीं है ! सैलरी की चिंता मत कीजिये दिल्ली की तरह सैलरी ! बस याद रखिये ... ध्यान देकर ... ख्याल रहे की गरियाना है पहले के जिम्मेवार लोंगो को ! यह अगर आप कर सकते हैं तो आपकी आरती उतारी जायेगी ! क्योंकि यह तो प्रकाश झा चाहते हैं ! और नौकरी का पत्र भी प्रकाश झा के हाथों ! है ना सुनहरा मौका चूकिए मत ! सीधे सड़क पर चल दीजिये ! वहां आदमी चाहिए ! जगह है पर काम करने वाला आदमी नहीं है ! आदमी आएगा कहाँ से ! पुराने को तो आरोपित कर हटाया गया ! तो कइयो ने छोड़ दिया ! जो भी जाता है भाग जाता है ! अब देखिये ना टेक्नीकल में आया सेकण्ड मैन भाग खड़ा हुआ ! बेचारा करता भी क्या !
हाँ तो , मै बता रहा था की चैनल लौंच करने के लिए हॉल बुक हो चुका है ! गेस्ट भी बुक हो गए हैं सिर्फ सी एम ने समय नहीं दिया है !दो फरबरी की तारीख भी तय कर दी गयी है ! जलसा में किलने के साथ पिलाने का भी पूरा प्रोग्राम है ! प्रॉब्लम है तो सिर्फ यही की चैनल लौंच होने के बाद दिखायेंगे क्या ? यह तो कोई नहीं जानता है ! ना प्रकाश झा और ना ही उनकी शिखंडी टीम ! बस चैनल लौंच करना है और उनको दिखाना है ... उनको... की उनके बिना भी चैनल लंच हो सकता है ! थैंक्स
चैनल लौंच हो यह तो सब चाहते हैं ...आप भी और वे भी जो गुजर गए हैं मौर्या से ... बिना प्रोग्राम के ... सिर्फ और सिर्फ न्यूज़ ! अच्छा है ! लेकिन आप करेंगे कैसे भाई अभी तो एक न्यूज़ भी आपके पास नहीं है कहीं दिखते नहीं हैं आप फिर कैसे ! सिर्फ दर्श को लाखो रूपये देने से चैनल नहीं चलता है ! इसके नेस कंटेंट चाहिए !
सबसे बरी बात है की विज्ञापन के लिए कोई नहीं है ! राजीव कितना पैसा लायेंगे ! एच आर में आया और चला गया ! विनायक भी नहीं ज्वाइन किया ! तो क्या करेंगे ! पुरानी फिल्मो को दिखायायेंगे !
चलिए टेस्ट सिग्नल भी देख लिया ! ख़त के मजनू है लिफाफा देख कर ही समझ गया की कहना ही पड़ेगा
जय हो
खबरदार जो खबर फैलाया
जय हो
आज फिर एक बार मौर्या टीवी की बात करनी पड़ रही है ! क्या कहें... कैसे कहें... कहाँ से शुरू करें... समझ में नहीं आ रहा है ! लेकिन खबर तो बतानी ही होगी सो बंधू आजकल मौर्या टीवी में पांच सिफ्ट में काम चल रहा है ! बिलकुल सोडा फैक्टरी की तरह ! प्रोडक्सन कर रहें हैं पत्रकार फिल्म के सेट के स्पोट बॉय की तरह ! सुबह चार बजे से बॉस ने ऑडर निकला था काम पर आने के लिए ! क्या बात हुई भाई ! गुंजन , मुकेश , प्रेम को पता होना चाहिए की पत्रकारों से काम लेना हो तो समय से उन्हें मत बांधिये! फंस जाइएगा तो फिर सब बंटाधार !
वैसे अभी विरोध के बाद सुबह छह बजे , आठ बजे , ग्यारह बजे ,बारह बजे और तीन बजे की सिफ्ट तय की गयी है ! अरे बंधू , अभी से सिफ्ट में बुलाकर क्या कर रहे हैं ! दो बुलेटिन के लिए इतना चू चपड अच्छा नहीं होता है !वैसे भी आप के पास खबर है नहीं ! डाकू के मुखबिर को बढ़िया काम दिया है थैंकू ! क्राइम रिपोटर बना दिया ! अरुण पाण्डे खुद ही विपक्ष की रिपोटिंग करना चाहता है ! आशुतोष और इरफ़ान सोफ्ट स्टोरी करेगा ! तो स्टोरी कौन करेगा कुमार राकेश ? या गुंजन या फिर मुकेश ? अरे गुंजन की बात लीजिये ! काम बढ़िया नहीं हुआ .... dontworry ... किताब पढ़िये ! अरे गुंजन जी यह नवभारत टाइम्स का समय नहीं है की सबको किताब पढ़ा रहें है ! सबको विजुअल के हिसाब से काम करने दीजिये ना खुद विजुअल समझते नहीं है और ....!
अब मौर्या टीवी में काम करने वाले भीतर से दुखी है ! अभी से ही सारी चीजें समझ में आ रही है की आखिर मैत्री के वेतन में इजाफा कैसे और क्यों ? यह लडको को कैसे मिलेगी भाई ...?
बात सिर्फ इतनी ही नहीं है ! आज कैंटीन वाले ने पार्टी राखी है फ्री का माल जमकर खायेंगे गुंजन ओवर कोट डालकर ! रत्तु भैया की तो मत पूछिए ...नर हैं ना नारी ! कहाँ से कहाँ तक कितनी बेज्जती सब सह लिया ! दरबान तक देख कर मुस्कुराता है !और अशोक भाई तो रिसर्च कर रहा है न्यूज़ वह जानता नहीं ! लेटर लौटाया तो ... फिर डर भी गया!
यहाँ सब ठीक है ऐसा लिखवाया भड़ास मीडिया में इसके लिए खर्च पचास हज़ार !भड़ास यही करता है ! बहरहाल मौर्या में अभी भी सब ठीक नहीं है ! सीने में आग लगी है कभी भी धधक जायेगा तो फिर बचना मुस्किल है ! इसीलिए कहता हूँ .....
जय हो
आज फिर एक बार मौर्या टीवी की बात करनी पड़ रही है ! क्या कहें... कैसे कहें... कहाँ से शुरू करें... समझ में नहीं आ रहा है ! लेकिन खबर तो बतानी ही होगी सो बंधू आजकल मौर्या टीवी में पांच सिफ्ट में काम चल रहा है ! बिलकुल सोडा फैक्टरी की तरह ! प्रोडक्सन कर रहें हैं पत्रकार फिल्म के सेट के स्पोट बॉय की तरह ! सुबह चार बजे से बॉस ने ऑडर निकला था काम पर आने के लिए ! क्या बात हुई भाई ! गुंजन , मुकेश , प्रेम को पता होना चाहिए की पत्रकारों से काम लेना हो तो समय से उन्हें मत बांधिये! फंस जाइएगा तो फिर सब बंटाधार !
वैसे अभी विरोध के बाद सुबह छह बजे , आठ बजे , ग्यारह बजे ,बारह बजे और तीन बजे की सिफ्ट तय की गयी है ! अरे बंधू , अभी से सिफ्ट में बुलाकर क्या कर रहे हैं ! दो बुलेटिन के लिए इतना चू चपड अच्छा नहीं होता है !वैसे भी आप के पास खबर है नहीं ! डाकू के मुखबिर को बढ़िया काम दिया है थैंकू ! क्राइम रिपोटर बना दिया ! अरुण पाण्डे खुद ही विपक्ष की रिपोटिंग करना चाहता है ! आशुतोष और इरफ़ान सोफ्ट स्टोरी करेगा ! तो स्टोरी कौन करेगा कुमार राकेश ? या गुंजन या फिर मुकेश ? अरे गुंजन की बात लीजिये ! काम बढ़िया नहीं हुआ .... dontworry ... किताब पढ़िये ! अरे गुंजन जी यह नवभारत टाइम्स का समय नहीं है की सबको किताब पढ़ा रहें है ! सबको विजुअल के हिसाब से काम करने दीजिये ना खुद विजुअल समझते नहीं है और ....!
अब मौर्या टीवी में काम करने वाले भीतर से दुखी है ! अभी से ही सारी चीजें समझ में आ रही है की आखिर मैत्री के वेतन में इजाफा कैसे और क्यों ? यह लडको को कैसे मिलेगी भाई ...?
बात सिर्फ इतनी ही नहीं है ! आज कैंटीन वाले ने पार्टी राखी है फ्री का माल जमकर खायेंगे गुंजन ओवर कोट डालकर ! रत्तु भैया की तो मत पूछिए ...नर हैं ना नारी ! कहाँ से कहाँ तक कितनी बेज्जती सब सह लिया ! दरबान तक देख कर मुस्कुराता है !और अशोक भाई तो रिसर्च कर रहा है न्यूज़ वह जानता नहीं ! लेटर लौटाया तो ... फिर डर भी गया!
यहाँ सब ठीक है ऐसा लिखवाया भड़ास मीडिया में इसके लिए खर्च पचास हज़ार !भड़ास यही करता है ! बहरहाल मौर्या में अभी भी सब ठीक नहीं है ! सीने में आग लगी है कभी भी धधक जायेगा तो फिर बचना मुस्किल है ! इसीलिए कहता हूँ .....
जय हो
आज कोई कहानी नहीं
रविवार
संकट अभी टला नहीं और झंझट लेने पर तुले हो
जय हो
किसी ने सच ही कहा है दुम अगर टेढ़ी है तो लोहे की पाइप भी उसे दस सालो में ठीक नहीं कर सकता ! यह अब दिख रहा है मौर्या टीवी में ! किसी तरह प्रकाश झा चैनल को ओनएयर करना चाहते हैं तो टेढ़ी दुम वाले साहेब लोग आपस में ही उलझा देते है चैनल को ! अब देखिये ना तयारी २६ जनवरी को झंडा फहराने की है पर चैनल के राजीवमिश्रा गायब हो गए है ! दस दिनों से दफ्तर नहीं आ रहे हैं ! संकट ही संकट ! भाई प्रभात झा लौट आये डाकू के मुखबीर को पत्रकार बनाकर और गेस्ट हाउस में डेरा डंडा जमा लिए है ! तो रत्तू भैया लाज शर्म बेचकर फिर चैनल में बिना पेंदी के लोटे डीएम राजेश के साथ लौट आये है ठीक उसी तरह जैसे किस्से की बुढ़िया रोज़ नदी से लौट आती थी लोग पूछते थे की मरी क्यों नहीं तो बुढ़िया का जवाव होता था की घास ने रोक लिया ! और रत्तू भैया को भी ऐसे ही कोई रोक लेता है बेचारा डूब भी नहीं पाता लगातार जलील होने के बाद रत्तू को अब पता है नहीं है की ज़लील कहते है किसे !दरअसल रत्तू के सामने परेशानी है की उसने मौर्या टीवी के स्टाफ बनते ही मारुती गाडी खरीद लिया और उसका किस्त देना है सो ज़लील क्या लात भी लोग मारेंगे तो भी भैया काम करेंगे भले ही .... टेस्ट चेंज करने वाला ही काम क्यों ना हो !
अब एक बात और की मौर्या टीवी वाले कई नेट ब्लॉग को पैसे दें रहे की उनके बारे में असलियत ना लिखा जाय ! पर सच यह है की मौर्या के अन्दर अफरातफरी मची है सब भागना चाहते है पर बाहर कोई काम देने को तैयार ही नहीं ! वैसे कोलकाता में सड़क पर इंस्पेक्टरी करने वाले सरकार को रख कर अच्छा ही हुआ यहाँ भी आग लग सकती है ! सरकार को सीएनइबी ने इसी लिए निकाल दिया था की इसके रहते सर्वर में आग लग गयी थी अब मौर्या वाले समझे !
तेज़ तर्रार प्रोडूसर लोग आकर ज्वाइन कर लिए पर काम ही पता नहीं ! दरअसल प्रकाश झा ने आज़ादी ही नहीं दी है की कोई अपने मन से काम करे अगर बिना पूछे किया तो हलाल !
बहरहाल राजीव मिश्रा दिल्ली में नौकरी की तलाश में लग गए है और खबर तो यह है की बिहार के एक राजनीतिग्य के पैसे से चैनल ही लायेंगे ! देखें क्या क्या सब दिखाए जिंदगी !
जय हो
किसी ने सच ही कहा है दुम अगर टेढ़ी है तो लोहे की पाइप भी उसे दस सालो में ठीक नहीं कर सकता ! यह अब दिख रहा है मौर्या टीवी में ! किसी तरह प्रकाश झा चैनल को ओनएयर करना चाहते हैं तो टेढ़ी दुम वाले साहेब लोग आपस में ही उलझा देते है चैनल को ! अब देखिये ना तयारी २६ जनवरी को झंडा फहराने की है पर चैनल के राजीवमिश्रा गायब हो गए है ! दस दिनों से दफ्तर नहीं आ रहे हैं ! संकट ही संकट ! भाई प्रभात झा लौट आये डाकू के मुखबीर को पत्रकार बनाकर और गेस्ट हाउस में डेरा डंडा जमा लिए है ! तो रत्तू भैया लाज शर्म बेचकर फिर चैनल में बिना पेंदी के लोटे डीएम राजेश के साथ लौट आये है ठीक उसी तरह जैसे किस्से की बुढ़िया रोज़ नदी से लौट आती थी लोग पूछते थे की मरी क्यों नहीं तो बुढ़िया का जवाव होता था की घास ने रोक लिया ! और रत्तू भैया को भी ऐसे ही कोई रोक लेता है बेचारा डूब भी नहीं पाता लगातार जलील होने के बाद रत्तू को अब पता है नहीं है की ज़लील कहते है किसे !दरअसल रत्तू के सामने परेशानी है की उसने मौर्या टीवी के स्टाफ बनते ही मारुती गाडी खरीद लिया और उसका किस्त देना है सो ज़लील क्या लात भी लोग मारेंगे तो भी भैया काम करेंगे भले ही .... टेस्ट चेंज करने वाला ही काम क्यों ना हो !
अब एक बात और की मौर्या टीवी वाले कई नेट ब्लॉग को पैसे दें रहे की उनके बारे में असलियत ना लिखा जाय ! पर सच यह है की मौर्या के अन्दर अफरातफरी मची है सब भागना चाहते है पर बाहर कोई काम देने को तैयार ही नहीं ! वैसे कोलकाता में सड़क पर इंस्पेक्टरी करने वाले सरकार को रख कर अच्छा ही हुआ यहाँ भी आग लग सकती है ! सरकार को सीएनइबी ने इसी लिए निकाल दिया था की इसके रहते सर्वर में आग लग गयी थी अब मौर्या वाले समझे !
तेज़ तर्रार प्रोडूसर लोग आकर ज्वाइन कर लिए पर काम ही पता नहीं ! दरअसल प्रकाश झा ने आज़ादी ही नहीं दी है की कोई अपने मन से काम करे अगर बिना पूछे किया तो हलाल !
बहरहाल राजीव मिश्रा दिल्ली में नौकरी की तलाश में लग गए है और खबर तो यह है की बिहार के एक राजनीतिग्य के पैसे से चैनल ही लायेंगे ! देखें क्या क्या सब दिखाए जिंदगी !
जय हो
शुक्रवार
नए टेक्नीकल हेड
जय हो
एक खबर मौर्य टीवी के लिए की मोहंती के ऊपर एक नए टेक्नीकल हेड आ गया है ! जो अब चैनल लौंच करेगा !
जय हो
एक खबर मौर्य टीवी के लिए की मोहंती के ऊपर एक नए टेक्नीकल हेड आ गया है ! जो अब चैनल लौंच करेगा !
जय हो
सोमवार
भला है बुरा है जैसा भी है मेरा पति मेरे देवता है
जय हो
यह किसी के घर में घुस कर उसके बेडरूम में झाँकने की मेरी कोशिश नहीं है कि वहां देखू कि कोई यह गाना गा रही है या ... रही है ! लेकिन जब संकट आता है तो पेड़ , पौधे , सड़क , गिट्टी , बालू , दीवाल सबमे सुनने कि शक्ति आ जाती है! तेज़ आवाज़ होते ही चमकू बैल कि तरह ये तमाम चीज़ हिनहिनाने लगते है और खबर फ़ैल जाती है ! किसी लेखक ने बिलकुल सही लिखा है कि आप रात या दिन भले ही सोते हैं पर आपकी जीभ नहीं सोती है ! अब जबकि कहानी कि जानकारी सबको हो गयी तो श्रीमानजी कहानी कि नायिका का तबादला कर दिया गया है ! वह भी उसके भाषा भाषी इलाके में जहाँ किसी चीज़ कि गूँज नहीं होती सब कुछ ऐसे ही गर्त में मिल जाता है और कुछ भी शेष बचाता है तो सिर्फ स्मिरितियाँ !
भले ही आज मटुक नाथ अपनी शर्मनाक हालत को लेकर निर्लज्जता कि सीमा लांघ जाए और सरेआम मंच से अपने घटिया प्रेम कि दुहाई दें पर कोई भी एक सभ्य व्यक्ति अपने घर उन्हें नहीं बुलाता ... तो यह है समाज ! नीचता की सीमा के पार कर किसी के लिए समाज से टकराने कि जरुरत उस उम्र में पड़ती है जहाँ बालक मन प्रभावी होता है ! अब यह सब करने का अर्थ सीधा है कि आप दलदल में जाना चाहते हैं .............. तो जाएये ! गुड बाय !
अनानास के खेती वाले इलाके अखबार के लिए वह जगह है जहाँ किसी को कालापानी कि सजा दिया जा सके ! सो तय हुआ और मैडम कालापानी भेज दी गयी हैं भले वो ज्वाइन ना करें यह अलग बात है !लेकिन इस खबर ने मीडिया जगत में जातिवाद फैला दिया है ! जाति के पत्रकार भाई सब इकट्टा है कि जाति को बदनाम किया जा रहा है ! पर कोई भी जुबान से पाप के खिलाफ क्यों नहीं है ... पाप और पापी , अपराध और अपराधी , कुकर्मी और कुकर्म को बढ़ावा देने से कोई फायदा नहीं है बंधू !
खैर , दुनिया में लहू के दो रंग है यह अब समझ गया ... आप समझे ... नहीं ना .... तो आप अनाड़ी है ! अब ..... जय हो
यह किसी के घर में घुस कर उसके बेडरूम में झाँकने की मेरी कोशिश नहीं है कि वहां देखू कि कोई यह गाना गा रही है या ... रही है ! लेकिन जब संकट आता है तो पेड़ , पौधे , सड़क , गिट्टी , बालू , दीवाल सबमे सुनने कि शक्ति आ जाती है! तेज़ आवाज़ होते ही चमकू बैल कि तरह ये तमाम चीज़ हिनहिनाने लगते है और खबर फ़ैल जाती है ! किसी लेखक ने बिलकुल सही लिखा है कि आप रात या दिन भले ही सोते हैं पर आपकी जीभ नहीं सोती है ! अब जबकि कहानी कि जानकारी सबको हो गयी तो श्रीमानजी कहानी कि नायिका का तबादला कर दिया गया है ! वह भी उसके भाषा भाषी इलाके में जहाँ किसी चीज़ कि गूँज नहीं होती सब कुछ ऐसे ही गर्त में मिल जाता है और कुछ भी शेष बचाता है तो सिर्फ स्मिरितियाँ !
भले ही आज मटुक नाथ अपनी शर्मनाक हालत को लेकर निर्लज्जता कि सीमा लांघ जाए और सरेआम मंच से अपने घटिया प्रेम कि दुहाई दें पर कोई भी एक सभ्य व्यक्ति अपने घर उन्हें नहीं बुलाता ... तो यह है समाज ! नीचता की सीमा के पार कर किसी के लिए समाज से टकराने कि जरुरत उस उम्र में पड़ती है जहाँ बालक मन प्रभावी होता है ! अब यह सब करने का अर्थ सीधा है कि आप दलदल में जाना चाहते हैं .............. तो जाएये ! गुड बाय !
अनानास के खेती वाले इलाके अखबार के लिए वह जगह है जहाँ किसी को कालापानी कि सजा दिया जा सके ! सो तय हुआ और मैडम कालापानी भेज दी गयी हैं भले वो ज्वाइन ना करें यह अलग बात है !लेकिन इस खबर ने मीडिया जगत में जातिवाद फैला दिया है ! जाति के पत्रकार भाई सब इकट्टा है कि जाति को बदनाम किया जा रहा है ! पर कोई भी जुबान से पाप के खिलाफ क्यों नहीं है ... पाप और पापी , अपराध और अपराधी , कुकर्मी और कुकर्म को बढ़ावा देने से कोई फायदा नहीं है बंधू !
खैर , दुनिया में लहू के दो रंग है यह अब समझ गया ... आप समझे ... नहीं ना .... तो आप अनाड़ी है ! अब ..... जय हो
भला है बुरा है जैसा भी है मेरा पति मेरे देवता है
जय हो
यह किसी के घर में घुस कर उसके बेडरूम में झाँकने की मेरी कोशिश नहीं है कि वहां देखू कि कोई यह गाना गा रही है या ... रही है ! लेकिन जब संकट आता है तो पेड़ , पौधे , सड़क , गिट्टी , बालू , दीवाल सबमे सुनने कि शक्ति आ जाती है! तेज़ आवाज़ होते ही चमकू बैल कि तरह ये तमाम चीज़ हिनहिनाने लगते है और खबर फ़ैल जाती है ! किसी लेखक ने बिलकुल सही लिखा है कि आप रात या दिन भले ही सोते हैं पर आपकी जीभ नहीं सोती है ! अब जबकि कहानी कि जानकारी सबको हो गयी तो श्रीमानजी कहानी कि नायिका का तबादला कर दिया गया है ! वह भी उसके भाषा भाषी इलाके में जहाँ किसी चीज़ कि गूँज नहीं होती सब कुछ ऐसे ही गर्त में मिल जाता है और कुछ भी शेष बचाता है तो सिर्फ स्मिरितियाँ !
भले ही आज मटुक नाथ अपनी शर्मनाक हालत को लेकर निर्लज्जता कि सीमा लांघ जाए और सरेआम मंच से अपने घटिया प्रेम कि दुहाई दें पर कोई भी एक सभ्य व्यक्ति अपने घर उन्हें नहीं बुलाता ... तो यह है समाज ! नीचता की सीमा के पार कर किसी के लिए समाज से टकराने कि जरुरत उस उम्र में पड़ती है जहाँ बालक मन प्रभावी होता है ! अब यह सब करने का अर्थ सीधा है कि आप दलदल में जाना चाहते हैं .............. तो जाएये ! गुड बाय !
अनानास के खेती वाले इलाके अखबार के लिए वह जगह है जहाँ किसी को कालापानी कि सजा दिया जा सके ! सो तय हुआ और मैडम कालापानी भेज दी गयी हैं भले वो ज्वाइन ना करें यह अलग बात है !लेकिन इस खबर ने मीडिया जगत में जातिवाद फैला दिया है ! जाति के पत्रकार भाई सब इकट्टा है कि जाति को बदनाम किया जा रहा है ! पर कोई भी जुबान से पाप के खिलाफ क्यों नहीं है ... पाप और पापी , अपराध और अपराधी , कुकर्मी और कुकर्म को बढ़ावा देने से कोई फायदा नहीं है बंधू !
खैर , दुनिया में लहू के दो रंग है यह अब समझ गया ... आप समझे ... नहीं ना .... तो आप अनाड़ी है ! अब ..... जय हो
यह किसी के घर में घुस कर उसके बेडरूम में झाँकने की मेरी कोशिश नहीं है कि वहां देखू कि कोई यह गाना गा रही है या ... रही है ! लेकिन जब संकट आता है तो पेड़ , पौधे , सड़क , गिट्टी , बालू , दीवाल सबमे सुनने कि शक्ति आ जाती है! तेज़ आवाज़ होते ही चमकू बैल कि तरह ये तमाम चीज़ हिनहिनाने लगते है और खबर फ़ैल जाती है ! किसी लेखक ने बिलकुल सही लिखा है कि आप रात या दिन भले ही सोते हैं पर आपकी जीभ नहीं सोती है ! अब जबकि कहानी कि जानकारी सबको हो गयी तो श्रीमानजी कहानी कि नायिका का तबादला कर दिया गया है ! वह भी उसके भाषा भाषी इलाके में जहाँ किसी चीज़ कि गूँज नहीं होती सब कुछ ऐसे ही गर्त में मिल जाता है और कुछ भी शेष बचाता है तो सिर्फ स्मिरितियाँ !
भले ही आज मटुक नाथ अपनी शर्मनाक हालत को लेकर निर्लज्जता कि सीमा लांघ जाए और सरेआम मंच से अपने घटिया प्रेम कि दुहाई दें पर कोई भी एक सभ्य व्यक्ति अपने घर उन्हें नहीं बुलाता ... तो यह है समाज ! नीचता की सीमा के पार कर किसी के लिए समाज से टकराने कि जरुरत उस उम्र में पड़ती है जहाँ बालक मन प्रभावी होता है ! अब यह सब करने का अर्थ सीधा है कि आप दलदल में जाना चाहते हैं .............. तो जाएये ! गुड बाय !
अनानास के खेती वाले इलाके अखबार के लिए वह जगह है जहाँ किसी को कालापानी कि सजा दिया जा सके ! सो तय हुआ और मैडम कालापानी भेज दी गयी हैं भले वो ज्वाइन ना करें यह अलग बात है !लेकिन इस खबर ने मीडिया जगत में जातिवाद फैला दिया है ! जाति के पत्रकार भाई सब इकट्टा है कि जाति को बदनाम किया जा रहा है ! पर कोई भी जुबान से पाप के खिलाफ क्यों नहीं है ... पाप और पापी , अपराध और अपराधी , कुकर्मी और कुकर्म को बढ़ावा देने से कोई फायदा नहीं है बंधू !
खैर , दुनिया में लहू के दो रंग है यह अब समझ गया ... आप समझे ... नहीं ना .... तो आप अनाड़ी है ! अब ..... जय हो
रविवार
काठ की हांडी बना मौर्य टीवी
जय हो
आखिरकार वही हुआ जो नहीं होना चाहिए था ! रत्तु भैया घर बैठ गए हैं ! खबर है की भैया को डिप्टी एडिटर से सीधे प्रोडूसर बना दिया तो भैया का दीमाग गरम हो गया और घर आकर बैठ गए ! हो भी क्यों नहीं ऐसी बेइज्जती कभी किसी का ना कभी हुआ और ना होगा ! मैत्री को प्रोमोसन , अकरम सर को बटन बढ़ गया और रत्तु भैया को अंगूठा ! चलिए यह जानकारी है की रेपोटर को दो सौ रूपये बढ़ा दिए गए और कैमरा मैं को पांच सौ ! कोई बात नहीं ! नए सर ने तो अब रत्तु भैया के टीवी दफ्तर नहीं आने पर क्लास के दौरान अब गाना बजाना ही कर रहे हैं ! क्योंकि मुकेश कुमार और गुंजन सिन्हा अपने ज़माने की किशोर कुमार और मुकेश है सो गा रहें है ! नहीं गायेंगे तो करेंगे क्या ! नए टेक्नीकल ने तो सर्वर का भट्टा बैठा दिया है !
पर मौर्य के कर्मी प्रभंधन से अब भी नाराज़ है क्योंकि प्रकाश झा ने अब भी चैनल को बेत्तिया के पोलिटिक्स से जोड़ रखा है ! अब देखिये ना एक तरफ चैनल में २००/ ५०० की बढ़ोत्तरी और बेतिया स्ट्रिंगर और डाकू का मुखबीर रूपेंद्र को १५००० की सैलरी पर रख लिया है ! ताकि अगले विधान सभा चुनाव में डाकू के बेटे का समर्थन मिल जाए !पता ही नहीं है की डाकू के मुखबीर को रेपोटर बना देने से चुनाव नहीं जीत सकते प्रकाश बाबु ! यह फिल्म नहीं है की कहानी गढ़ लिए और दर्शक को मुर्ख बनाकर फाइनेंसर का रकम दे दिए !
वैसे ताज़ा खबर यह भी है की मौर्य टीवी की एचआर शशि प्रभा को निकाल दिया गया है ! यह फैसला भी प्रकाश सर ने गजब तरीके से कर दिया की सांप भी मर जाए और लाठी भी ना टूटे !
अब चैनल को बिना एयर में डाले ही लौंच करने की तैयारी है ! कई लोग बहाल हो गए ! नए इनपुट , आउटपुट, पुराने को अर्चाइव की जिम्मेदारी दे दी गयी है ! सब खुस हैं काली रत्तु भैया दुखी मन से घर पर है तो गुंजन अब रत्तु भैया की जिम्मेवारी वो वाला सम्हलने लगा है !
जय हो
आखिरकार वही हुआ जो नहीं होना चाहिए था ! रत्तु भैया घर बैठ गए हैं ! खबर है की भैया को डिप्टी एडिटर से सीधे प्रोडूसर बना दिया तो भैया का दीमाग गरम हो गया और घर आकर बैठ गए ! हो भी क्यों नहीं ऐसी बेइज्जती कभी किसी का ना कभी हुआ और ना होगा ! मैत्री को प्रोमोसन , अकरम सर को बटन बढ़ गया और रत्तु भैया को अंगूठा ! चलिए यह जानकारी है की रेपोटर को दो सौ रूपये बढ़ा दिए गए और कैमरा मैं को पांच सौ ! कोई बात नहीं ! नए सर ने तो अब रत्तु भैया के टीवी दफ्तर नहीं आने पर क्लास के दौरान अब गाना बजाना ही कर रहे हैं ! क्योंकि मुकेश कुमार और गुंजन सिन्हा अपने ज़माने की किशोर कुमार और मुकेश है सो गा रहें है ! नहीं गायेंगे तो करेंगे क्या ! नए टेक्नीकल ने तो सर्वर का भट्टा बैठा दिया है !
पर मौर्य के कर्मी प्रभंधन से अब भी नाराज़ है क्योंकि प्रकाश झा ने अब भी चैनल को बेत्तिया के पोलिटिक्स से जोड़ रखा है ! अब देखिये ना एक तरफ चैनल में २००/ ५०० की बढ़ोत्तरी और बेतिया स्ट्रिंगर और डाकू का मुखबीर रूपेंद्र को १५००० की सैलरी पर रख लिया है ! ताकि अगले विधान सभा चुनाव में डाकू के बेटे का समर्थन मिल जाए !पता ही नहीं है की डाकू के मुखबीर को रेपोटर बना देने से चुनाव नहीं जीत सकते प्रकाश बाबु ! यह फिल्म नहीं है की कहानी गढ़ लिए और दर्शक को मुर्ख बनाकर फाइनेंसर का रकम दे दिए !
वैसे ताज़ा खबर यह भी है की मौर्य टीवी की एचआर शशि प्रभा को निकाल दिया गया है ! यह फैसला भी प्रकाश सर ने गजब तरीके से कर दिया की सांप भी मर जाए और लाठी भी ना टूटे !
अब चैनल को बिना एयर में डाले ही लौंच करने की तैयारी है ! कई लोग बहाल हो गए ! नए इनपुट , आउटपुट, पुराने को अर्चाइव की जिम्मेदारी दे दी गयी है ! सब खुस हैं काली रत्तु भैया दुखी मन से घर पर है तो गुंजन अब रत्तु भैया की जिम्मेवारी वो वाला सम्हलने लगा है !
जय हो
शनिवार
खबरदार जो दलाल कहा जीभ खिंच लेंगे
जय हो
यह मुनादी है की दलाल को आप दलाल नहीं कह सकते है चोर को इमानदार बताना होगा नहीं तो ... यह फैसला है पटना के उन नामचीनों का जो आजतक सिर्फ और सिर्फ दलाली ही करते रहें हैं ! कभी उसकी तो कभी सत्ता की तो कभी उन बेईमानो की जो ना तो बाप के हुए और ना ही माँ के ! उनकी दलाली से फायदा ये की रातो रात लक्ष्मी बिना मशक्कत के आ गयी ! लक्ष्मी आ गयी तो उसे बचाना भी है ! इसके लिए भी दलाली पर खबरदार जो दलाल कहा जीभ खिंच लेंगे !
अब आप समझ गए होंगे की तालिबान से भी कड़े लोग हैं ! चाबुक से नहीं वल्कि आपको सेट कर देंगे वो भी ऐसा की पानी नहीं मिलेगा ! पर बंधू एक आप ही नहीं शेर पैदा हुए हैं यहाँ शेर पर सावाशेर भी हैं जो दलाल को दलाल , चोर को चोर कहने की हिम्मत ही नहीं माद्दा भी रखते हैं ! अब तक आँखों पर पट्टी बाँध कर धर्म राज की भूमिका अदा करने वालो ने नहीं सोचा की गलतियाँ हर इन्सान से होती हैं पर उन गलतियों को सुधारने की कला होनी चाहिए ! धर्मराज की तरह हर गलती पर चुप रहना भी अपराध है !
यह सही है की सच बोलने लिखने के लिए खुद को मज़बूत करना होता है ! चाणक्य की धरती पर राजनीति और रणनीति की जानकारी सब को है ! लिहाज़ा होना यह चाहिए की सच के साथ षड्यंत्र का विरोध हो ! कलम के सिपाही का काम ही यही है ! चलिए यह तो एक सुझाव है ! माने तो ठीक ना माने तो भी ठीक ! मेरी लेखनी ऐसे की खिलाफ रहेगा !
जय हो
यह मुनादी है की दलाल को आप दलाल नहीं कह सकते है चोर को इमानदार बताना होगा नहीं तो ... यह फैसला है पटना के उन नामचीनों का जो आजतक सिर्फ और सिर्फ दलाली ही करते रहें हैं ! कभी उसकी तो कभी सत्ता की तो कभी उन बेईमानो की जो ना तो बाप के हुए और ना ही माँ के ! उनकी दलाली से फायदा ये की रातो रात लक्ष्मी बिना मशक्कत के आ गयी ! लक्ष्मी आ गयी तो उसे बचाना भी है ! इसके लिए भी दलाली पर खबरदार जो दलाल कहा जीभ खिंच लेंगे !
अब आप समझ गए होंगे की तालिबान से भी कड़े लोग हैं ! चाबुक से नहीं वल्कि आपको सेट कर देंगे वो भी ऐसा की पानी नहीं मिलेगा ! पर बंधू एक आप ही नहीं शेर पैदा हुए हैं यहाँ शेर पर सावाशेर भी हैं जो दलाल को दलाल , चोर को चोर कहने की हिम्मत ही नहीं माद्दा भी रखते हैं ! अब तक आँखों पर पट्टी बाँध कर धर्म राज की भूमिका अदा करने वालो ने नहीं सोचा की गलतियाँ हर इन्सान से होती हैं पर उन गलतियों को सुधारने की कला होनी चाहिए ! धर्मराज की तरह हर गलती पर चुप रहना भी अपराध है !
यह सही है की सच बोलने लिखने के लिए खुद को मज़बूत करना होता है ! चाणक्य की धरती पर राजनीति और रणनीति की जानकारी सब को है ! लिहाज़ा होना यह चाहिए की सच के साथ षड्यंत्र का विरोध हो ! कलम के सिपाही का काम ही यही है ! चलिए यह तो एक सुझाव है ! माने तो ठीक ना माने तो भी ठीक ! मेरी लेखनी ऐसे की खिलाफ रहेगा !
जय हो
शुक्रवार
रात के अँधेरे का सच
जय हो
आज एक खुलासा और ! मौर्या टीवी को लेकर चल रहे उठा पटक के बीच चोरी चोरी चुपके चुपके एक और राज की बात है जो मौर्या के मालिक प्रकाश झा के अलावे और कोई जानता है तो वह है तेज़ चैनल के सुजीत झा ! बात यह है की भले ही दुनिया के सामने यह जाहिर हो की सुजीत झा और प्रकाश झा के बीच कोई बात नहीं होती पर सच तो यह है की दोनों रात के अँधेरे में मिलते है और सुबह की उजास फैलते ही ऐसे नज़र आतें है जैसे कभी मिले ही ना थे ! है ना बात मजेदार ! दोनों रात में मिलते है गिला शिकवा तो करते ही नहीं फैसले की बात होती है और देखिये इन पाखंडियो को की सबके सामने सच कहने से डरते हैं ! अभी की ही बात लीजिये प्रकाश झा आये रात में दोनों में घंटो बाते हुई ! जाहिर है बात घर परिवार की नहीं हुई क्योंकि इसके बाद प्रकाश झा ने मुकेश कुमार और गुंजन पर संगीन तान दिया है की पंद्रह दिन में बताओ की चैनल लौंच कर पाओगे की नहीं ! बेचारे , रांची भागे ... कई से बात की मिले और तो और जब गुंजन हैं तो फिर क्या कहना मधुर शील भी रांची के ऑफिस में आये ! नौकरी चाहिए ना ! वैसे गुंजन को मधुर काफी दिनों से जानते हैं ! तब से जब मधुर इ टीवी में स्ट्रिंजर थे ! गुंजन की ही कृपा थी ... आखिर एल का सवाल था ! सो गुंजन अब लौट आये तो मधुर समेत तमाम वे जो स्वाद जानते हैं गुंजन के इर्द गिर्द इकठ्ठा हो गए हैं ! आखिर तड़का चाहिए तो कुछ तो करना परेगा !
क्योंकि सब जय हो का कमाल है १
जय हो
आज एक खुलासा और ! मौर्या टीवी को लेकर चल रहे उठा पटक के बीच चोरी चोरी चुपके चुपके एक और राज की बात है जो मौर्या के मालिक प्रकाश झा के अलावे और कोई जानता है तो वह है तेज़ चैनल के सुजीत झा ! बात यह है की भले ही दुनिया के सामने यह जाहिर हो की सुजीत झा और प्रकाश झा के बीच कोई बात नहीं होती पर सच तो यह है की दोनों रात के अँधेरे में मिलते है और सुबह की उजास फैलते ही ऐसे नज़र आतें है जैसे कभी मिले ही ना थे ! है ना बात मजेदार ! दोनों रात में मिलते है गिला शिकवा तो करते ही नहीं फैसले की बात होती है और देखिये इन पाखंडियो को की सबके सामने सच कहने से डरते हैं ! अभी की ही बात लीजिये प्रकाश झा आये रात में दोनों में घंटो बाते हुई ! जाहिर है बात घर परिवार की नहीं हुई क्योंकि इसके बाद प्रकाश झा ने मुकेश कुमार और गुंजन पर संगीन तान दिया है की पंद्रह दिन में बताओ की चैनल लौंच कर पाओगे की नहीं ! बेचारे , रांची भागे ... कई से बात की मिले और तो और जब गुंजन हैं तो फिर क्या कहना मधुर शील भी रांची के ऑफिस में आये ! नौकरी चाहिए ना ! वैसे गुंजन को मधुर काफी दिनों से जानते हैं ! तब से जब मधुर इ टीवी में स्ट्रिंजर थे ! गुंजन की ही कृपा थी ... आखिर एल का सवाल था ! सो गुंजन अब लौट आये तो मधुर समेत तमाम वे जो स्वाद जानते हैं गुंजन के इर्द गिर्द इकठ्ठा हो गए हैं ! आखिर तड़का चाहिए तो कुछ तो करना परेगा !
क्योंकि सब जय हो का कमाल है १
जय हो
मंगलवार
फिर एक बोबी काण्ड करने कि तैयारी
जय हो
इस बार मै आपको एक ऐसी कहानी बताने जा रहा हूँ जिससे आपका रूह काँप जाएगा ! कथा काजल कि कोठरी के उस सच्चाई कि है जिसे पूरी तैयारी के साथ छुपाने की कोशिश ही नहीं की जा रही है वल्कि इस कहानी की नायिका की जान जोखिम में है ! दो साल से रुमाल कि तरह जिसे यूज किया गया आज उस रुमाल को हमेशा के लिए मिटा देने कि तैयारी कर ली गयी है ! आप सोच रहे होंगे कि आखिर मुहावरे में मै क्या कह रहा हूँ पर आपको थोडा सोचना होगा तस्वीर साफ़ हो जायेगी ! बस आपसे गुजारिश यही कि अगर कहानी की नायिका को पहचान जाइए तो उसे बचा लीजिये उन दरिंदो से जो पत्रकारिता और राजनीती को गन्दा कर रहे हैं !
सिगरेट उसके हाथो में बुझने लगी थी जबकि पहला मौका था जब उसने उनके दिए सिगरेट पी रही थी ! पटना के नागेश्वर कालोनी के अपार्टमेन्ट में प्रिया अन्दर से सिगरेट कि तरह सुलग रही थी ! सामने सत्ताधारी पार्टी में अभी अभी शामिल हुआ नेता जो अब उसका पति है बैठा है और लगातार एक ही रट लगा रहा है कि अब बच्चा नहीं चाहिए ... बच्चा गिरा दो ! शब्द कानो मर पिघले शीशे कि तरह घुस रहा था ! सिगरेट का ऐअश के साथ धुंआ कि लकीर को देख रही थी प्रिया ! सोच नहीं पा रही थी कि क्या जवाब दे ! धुवें कि लकीर के साथ वो खोने लगी अपने अतीत में !.......... वह तो सिर्फ मीडिया के लोगो से मिलना चाहती थी .... मीडिया में काम का ऑफर मिला तो अपने को रोक नहीं सकी ! देश के नंबर दो के अखबार का पटना एडिसन ...कैसे रूकती !
खुद बॉस थे सामने ! हौले से पहले पीठ और बाद में .... पहले तो लगा कि अपनत्व दिखा रहे हैं पर जब हाथो का दवाब बढ़ा तो .... समझ ही नहीं पायी ... तरक्की हो गयी ! समझ में आया तो देर हो चुकी थी ! उसके बाद ......... कौन नहीं आया ... ऊपर से नीचे तक के सारे अधिकारी ! सबने तरक्की का आश्वासन दिया ! और मिला भी ! मीडिया इवेंट कि ये खुद बॉस हो गयी ! पर काम वही था ... सबको खुस करना ! और यही करना भी पड़ा ... इसे आप जो भी कह ले मजबूरी या रजामंदी ! पर ये अधिक दिनों तक नहीं चला ! नए फल खाने के शौकीनों को पटना जैसे शहर में इसकी कमी भी नहीं है यह प्रिया अच्छी तरह समझ गयी ! पर इसी बीच में नेता जी का आगमन बढ़ा ! नेता जी पुराना घर छोड़ चुके थे और नयी पार्टी में मान बढ़ गया था ! अखबार में आना जाना पहले से था सो इसबार बॉस ने नेता जी खुश करने के लिए प्रिया को साथ लगा दिया ! बस नेता जी धन्य हो गए ! पहले पटाया फिर शादी कि और गाडी फ्लैट खरीद दिया ! मौज होने लगा ! पर खेल में अडंगा लग गया तब जब प्रिया माँ बनने कि स्थिथि में आ गयी ! नेता जी के घर में पता चला तो पत्नी ने ज़हर खा लिया ! नेता जी का भाई गुस्से में आ गया और पहले तो फ्लैट पर ताला मार आया फिर अखबार के दफ्तर जा कर गाली गलौज कर आया ! प्रिया अपनी जान बचाने के लिए छुप गयी है तो नेता जी नज़र नहीं आते !
मज़ा में अखबार के बॉस !
जय हो
इस बार मै आपको एक ऐसी कहानी बताने जा रहा हूँ जिससे आपका रूह काँप जाएगा ! कथा काजल कि कोठरी के उस सच्चाई कि है जिसे पूरी तैयारी के साथ छुपाने की कोशिश ही नहीं की जा रही है वल्कि इस कहानी की नायिका की जान जोखिम में है ! दो साल से रुमाल कि तरह जिसे यूज किया गया आज उस रुमाल को हमेशा के लिए मिटा देने कि तैयारी कर ली गयी है ! आप सोच रहे होंगे कि आखिर मुहावरे में मै क्या कह रहा हूँ पर आपको थोडा सोचना होगा तस्वीर साफ़ हो जायेगी ! बस आपसे गुजारिश यही कि अगर कहानी की नायिका को पहचान जाइए तो उसे बचा लीजिये उन दरिंदो से जो पत्रकारिता और राजनीती को गन्दा कर रहे हैं !
सिगरेट उसके हाथो में बुझने लगी थी जबकि पहला मौका था जब उसने उनके दिए सिगरेट पी रही थी ! पटना के नागेश्वर कालोनी के अपार्टमेन्ट में प्रिया अन्दर से सिगरेट कि तरह सुलग रही थी ! सामने सत्ताधारी पार्टी में अभी अभी शामिल हुआ नेता जो अब उसका पति है बैठा है और लगातार एक ही रट लगा रहा है कि अब बच्चा नहीं चाहिए ... बच्चा गिरा दो ! शब्द कानो मर पिघले शीशे कि तरह घुस रहा था ! सिगरेट का ऐअश के साथ धुंआ कि लकीर को देख रही थी प्रिया ! सोच नहीं पा रही थी कि क्या जवाब दे ! धुवें कि लकीर के साथ वो खोने लगी अपने अतीत में !.......... वह तो सिर्फ मीडिया के लोगो से मिलना चाहती थी .... मीडिया में काम का ऑफर मिला तो अपने को रोक नहीं सकी ! देश के नंबर दो के अखबार का पटना एडिसन ...कैसे रूकती !
खुद बॉस थे सामने ! हौले से पहले पीठ और बाद में .... पहले तो लगा कि अपनत्व दिखा रहे हैं पर जब हाथो का दवाब बढ़ा तो .... समझ ही नहीं पायी ... तरक्की हो गयी ! समझ में आया तो देर हो चुकी थी ! उसके बाद ......... कौन नहीं आया ... ऊपर से नीचे तक के सारे अधिकारी ! सबने तरक्की का आश्वासन दिया ! और मिला भी ! मीडिया इवेंट कि ये खुद बॉस हो गयी ! पर काम वही था ... सबको खुस करना ! और यही करना भी पड़ा ... इसे आप जो भी कह ले मजबूरी या रजामंदी ! पर ये अधिक दिनों तक नहीं चला ! नए फल खाने के शौकीनों को पटना जैसे शहर में इसकी कमी भी नहीं है यह प्रिया अच्छी तरह समझ गयी ! पर इसी बीच में नेता जी का आगमन बढ़ा ! नेता जी पुराना घर छोड़ चुके थे और नयी पार्टी में मान बढ़ गया था ! अखबार में आना जाना पहले से था सो इसबार बॉस ने नेता जी खुश करने के लिए प्रिया को साथ लगा दिया ! बस नेता जी धन्य हो गए ! पहले पटाया फिर शादी कि और गाडी फ्लैट खरीद दिया ! मौज होने लगा ! पर खेल में अडंगा लग गया तब जब प्रिया माँ बनने कि स्थिथि में आ गयी ! नेता जी के घर में पता चला तो पत्नी ने ज़हर खा लिया ! नेता जी का भाई गुस्से में आ गया और पहले तो फ्लैट पर ताला मार आया फिर अखबार के दफ्तर जा कर गाली गलौज कर आया ! प्रिया अपनी जान बचाने के लिए छुप गयी है तो नेता जी नज़र नहीं आते !
मज़ा में अखबार के बॉस !
जय हो
रविवार
छोटे मियां गायब
जय हो
मौर्य टीवी के पीछे एक ही है जो साथ चलता है वह है दुर्भाग्य ! अब देखिये चैनल लौंच करने की जद्दोजहद को लेकर ही इसके सुप्रीमो प्रकाश झा पटना में कैम्प किये हैं ताकि चैनल को किसी तरह लौंच कर दिया जाय पर मौर्य टीवी के दफ्तर में आते ही उन पर भी भूत सवार हो गया और अब तक मौर्य को गताल में पहुँचाने वालो की सलाह पर सात कर्मियों को निर्मम तरीके से बाहर कर दिया ! और टीवी में काम करने वालो से कहा की इन पर पहले से ही नज़र थी ! कौन सी नज़र ? खुलासा को खबर पहुँचाने पर ? या चैनल के अन्दर हो रहे बेशर्मी के खिलाफ आवाज़ उठाने पर ! ये सिर्फ माननीय प्रकाश झा ही जानते हैं !
वैसे प्रकाश झा इन दिनों अपने भाई को लेकर काफी परेशान हैं ! जब से प्रभात झा के लिए उन्होंने मौर्य टीवी का दरवाज़ा बंद किया है और गेस्ट हाउस का कमरा बंद कराया है प्रभात झा गायब हो गए हैं ! पटना में हैं ... मोबाइल पर बात होती है पर ... बानी एक जगह ... सुन सुन कर प्रकाश झा को जोरो का झटका धीरे से लग रहा है ! बारे भाई हैं तो क्या हुआ जब चाहे काम दिए और जब चाहे झोल्तंग बना दीजियेगा ये कोई बात हुई ! खैर भाई ने अब बंटाधार करने की प्लानिंग कर लिया है ! नया चैनलेले आयेंगे और ऊहो सुद्ध बिहारी में तब जुगाड़ते रहिएगा !
छोटे भाई का कहना भी एक हिसाब से ठीक ही है ! उम्र हो गयी पर भाई हैं की भरोसा ही नहीं करते ! हर जगह बेइज्जत कर दिया ! उ भी बलाकतारा के कहने पर ! अब कैसे जाएँ कही सब पूछते हैं की चैनल से निकाल दिया भाई ने ! हद पार कर दिया !
वैसे प्रभात झा कहाँ हैं इसके लिए जल्दी ही पीएंडएम एक बिज्ञापन छपवाने की तैयारी में है ! भाई लाओ... नौकरी पाओ ! और जोर से बोलो...जय हो!
मौर्य टीवी के पीछे एक ही है जो साथ चलता है वह है दुर्भाग्य ! अब देखिये चैनल लौंच करने की जद्दोजहद को लेकर ही इसके सुप्रीमो प्रकाश झा पटना में कैम्प किये हैं ताकि चैनल को किसी तरह लौंच कर दिया जाय पर मौर्य टीवी के दफ्तर में आते ही उन पर भी भूत सवार हो गया और अब तक मौर्य को गताल में पहुँचाने वालो की सलाह पर सात कर्मियों को निर्मम तरीके से बाहर कर दिया ! और टीवी में काम करने वालो से कहा की इन पर पहले से ही नज़र थी ! कौन सी नज़र ? खुलासा को खबर पहुँचाने पर ? या चैनल के अन्दर हो रहे बेशर्मी के खिलाफ आवाज़ उठाने पर ! ये सिर्फ माननीय प्रकाश झा ही जानते हैं !
वैसे प्रकाश झा इन दिनों अपने भाई को लेकर काफी परेशान हैं ! जब से प्रभात झा के लिए उन्होंने मौर्य टीवी का दरवाज़ा बंद किया है और गेस्ट हाउस का कमरा बंद कराया है प्रभात झा गायब हो गए हैं ! पटना में हैं ... मोबाइल पर बात होती है पर ... बानी एक जगह ... सुन सुन कर प्रकाश झा को जोरो का झटका धीरे से लग रहा है ! बारे भाई हैं तो क्या हुआ जब चाहे काम दिए और जब चाहे झोल्तंग बना दीजियेगा ये कोई बात हुई ! खैर भाई ने अब बंटाधार करने की प्लानिंग कर लिया है ! नया चैनलेले आयेंगे और ऊहो सुद्ध बिहारी में तब जुगाड़ते रहिएगा !
छोटे भाई का कहना भी एक हिसाब से ठीक ही है ! उम्र हो गयी पर भाई हैं की भरोसा ही नहीं करते ! हर जगह बेइज्जत कर दिया ! उ भी बलाकतारा के कहने पर ! अब कैसे जाएँ कही सब पूछते हैं की चैनल से निकाल दिया भाई ने ! हद पार कर दिया !
वैसे प्रभात झा कहाँ हैं इसके लिए जल्दी ही पीएंडएम एक बिज्ञापन छपवाने की तैयारी में है ! भाई लाओ... नौकरी पाओ ! और जोर से बोलो...जय हो!
शनिवार
सिर्फ सात की ही बलि क्यों
सिर्फ सात की ही बलि क्यों
जय हो
मौर्या टीवी वालो ने अपने संस्थान से सात लोंगो को निकाल दिया है और तीन को वार्निंग दिया है की सुधर जाओ वर्ना गए तेल बेचने ! दरअसल पिछले ढाई साल से चैनल लौंच ना कर पाने की खीझ मौर्या कर्मियों पर उतारा और सात कर्मियों को चैनल से बाहर का रास्ता दिखा दिया ! इनमे दिवाकर , आशुतोष पाण्डेय , पुरषोत्तम , संतोष श्रीवास्तव ,अनामिका ,अवनीश के साथ नीतेन्द्र है ! साथ ही नयन ,रजिया और ज्योति को एक महीने के अन्दर अपनी काबलियत साबित करने को कहा है ! ये वो लोग है जो मौर्या में राजनीती की शूटिंग के खिलाफ थे और स्पोट बॉय गलती से बन गए थे ! हालांकि पुरसोत्तम और आशुतोष पाण्डेय को प्रभात झा भी जिलेबी खिलाने को तैयार थे पर यह नहीं हो पाया !
खैर , मुकेश कुमार एंड गुंजन सिन्हा ने इंटरविउ के बहाने चैनल के तमाम लोंगो की परीक्षा ही नहीं ली वल्कि इंटरविउ के दौरान उनकी पैंट भी उतार ली थी ! मसलन , प्रिये रत्नेश्वर भाई को तो जब पूछा गया की आपने ढाई सालो में चैनल में क्या किया ? जवाब ही नहीं था! सीधा जवाब: हजुर नौकरी से मत निकालिए जो कहेंगे वो करेंगे चाय लाने से पैर पूजी तक ! काम छोड़ कर जो कहिएगा कर देंगे ! ख़ास कर आप लोंगो के लिए स्पेसल इंतजाम भी कर देंगे ! सिर्फ टेस्ट बताना होगा !
ले भाई ! गुंजन के तो मुंह में पानी और भाई की .....या खुदा अल्लाह देता है तो छप्पर फार कर देता है ! बच गयी नौकरी रत्नेश्वर की ! पर अकरम मारा गया ! उसका तो इंटरविउ महज इसलिए नहीं हो पाया की ना तो वह तीन में है ना तेरह में ! इसीलिए अभी से बाहर नौकरी खोज रहा है ! अन्दर दारु पीते बॉस की दरबानी करता है ! एक कहावत है ! लोभी के देश में ठग भूखे नहीं मरता है ! और मौर्या के ठग लोभी बॉस को सपना दिखा कर अपनी नौकरी की फ़िराक में लगे हैं !
जय हो
मंगलवार
नमस्कार और जय हो
नमस्कार और जय हो
खबर तत्काल देने का वादा दरअसल इसलिए पूरा नहीं कर सका की शहर से बाहर जाना पड़ा और जहाँ था वहां कम्पूटर की सुविधा नहीं थी !बहरहाल इतना तो आपको पता ही होगा की मौर्या टीवी में मुकेश कुमार और गुंजन सिन्हा आ चुके हैं और वहां काम करने वालो को नए सिरे से बेइज्जत कर रहें है ! शायद यह मौर्या टीवी के लिए ठीक नहीं है ! दो सालो से काम करने वालो की फिर से परीक्षा कोई सिरफिरा ही ले सकता है ! यह बात दीगर है की इस परीक्षा के पीछे का मकसद कुछ और हो ! यानी कौन किसका आदमी ! प्रभात झा का कौन , कौन है राजिव मिश्रा का सिपहसालार तो किसने थाम्ह रखी है झाज ग्रुप की कमान !
पर पहचान के लिए पत्रकारों को जलील करना कहाँ का इन्साफ है !
गुंजन तुम तो यहीं के हो बिहार के आरा घर है यह कैसे कर रहे हो तुम ! सिधांत विहीन कब से हो गए ! हाँ ठीक ही है ! अपने से जूनियर के नीचे काम करने पर मानसिकता बदल जाती है ! वही हो रहा है ! व्यापक दृष्टीकी वकालत तो अपना हित साधने के लिए करते रहे यह तो मै जानता हूँ !
ठीक है की चैनल खड़ा करना है ! करिए ... किस ने मना किया है ? पर लोंगो को जलील करना बंद कर दीजिये ! इस चैनल का इतिहास जानते हैं ना, नहीं तो रत्नेश्वर से पूछ लीजियेगा ? आपसे अधिक जिलेबिया है आपको भी गांधी मैदान घूमा देगा ! पुछिये की यहाँ जो भी तीन तड़का दिखाए गए तेल बेचने ! आप तो तेल बेच भी नहीं सकते सर जी !
चलिए आज के लिए आपको कोटा हो गया
फिर कल
जय हो
खबर तत्काल देने का वादा दरअसल इसलिए पूरा नहीं कर सका की शहर से बाहर जाना पड़ा और जहाँ था वहां कम्पूटर की सुविधा नहीं थी !बहरहाल इतना तो आपको पता ही होगा की मौर्या टीवी में मुकेश कुमार और गुंजन सिन्हा आ चुके हैं और वहां काम करने वालो को नए सिरे से बेइज्जत कर रहें है ! शायद यह मौर्या टीवी के लिए ठीक नहीं है ! दो सालो से काम करने वालो की फिर से परीक्षा कोई सिरफिरा ही ले सकता है ! यह बात दीगर है की इस परीक्षा के पीछे का मकसद कुछ और हो ! यानी कौन किसका आदमी ! प्रभात झा का कौन , कौन है राजिव मिश्रा का सिपहसालार तो किसने थाम्ह रखी है झाज ग्रुप की कमान !
पर पहचान के लिए पत्रकारों को जलील करना कहाँ का इन्साफ है !
गुंजन तुम तो यहीं के हो बिहार के आरा घर है यह कैसे कर रहे हो तुम ! सिधांत विहीन कब से हो गए ! हाँ ठीक ही है ! अपने से जूनियर के नीचे काम करने पर मानसिकता बदल जाती है ! वही हो रहा है ! व्यापक दृष्टीकी वकालत तो अपना हित साधने के लिए करते रहे यह तो मै जानता हूँ !
ठीक है की चैनल खड़ा करना है ! करिए ... किस ने मना किया है ? पर लोंगो को जलील करना बंद कर दीजिये ! इस चैनल का इतिहास जानते हैं ना, नहीं तो रत्नेश्वर से पूछ लीजियेगा ? आपसे अधिक जिलेबिया है आपको भी गांधी मैदान घूमा देगा ! पुछिये की यहाँ जो भी तीन तड़का दिखाए गए तेल बेचने ! आप तो तेल बेच भी नहीं सकते सर जी !
चलिए आज के लिए आपको कोटा हो गया
फिर कल
जय हो
बुधवार
कहाँ गए वो दिन
जय हो
आप मुझे गाली दे सकते है ! ब्लॉग लिखने का आरोपी कह सकते है ! आपका इलज़ाम मेरे सिर माथे पर ! पर आप यह बताइए की सच लिखना गुनाह है तो मै आपका अपराधी हूँ और आपके द्वारा दिए गए सजा मुझे मंजूर है ! पर यह तेज़ चैनल का सुजीत झा और नंबर दो प्रशांत झा मुझे गाली दे तो मै सहन नहीं कर सकता ! मेरा अपराध बस यही है की सच की मुनादी नहीं करता हूँ पर हिम्मत रखता हूँ की सच लिखूं !
अब फिर मौर्या टीवी की बात ! आप कहेंगे की आखिर मौर्या में क्या है की सिर्फ उसकी बात ! तो भाइयों , मौर्या बिहार से बिहार के लिए लाने का दावा किया था मेरे दोस्तों ने ! मैंने तारीफ़ की थी पर यह क्या ! कालिदास की कहानी दुहराने लगे थे ! जिस डाल पे बैठे उसी को काटने लगे ! कौन आरोपी नहीं है इस मौर्या का ? राकेश शर्मा से लेकर असित नाथ तिवारी तक !
तारकेश्वर नाथ तिवारी का पोता असित नाथ समझता है की उसे मौर्या ने उसके टैलेंट पर नौकरी दी ! सच तो यह है की रांची के एक चैनल से पैसे गबन के आरोपी असित का विवरण और दादा का नाम बायो डाटा में ने उसको नौकरी दी थी ! चूँकि ये प्रकाश झा के इलाके से आता है और इसका छोटा भाई पहले से मौर्या में काम करता था इसी कारण नौकरी पा गया ! झोल्टंग की हैसियत थी इसकी !
चलिए इसपर लिख कर कम्पुटर का की पैड खराब नहीं करना चाहता !
आज एक खुलासा कर रहा हूँ की कुछ लोग मेरी असलियत तलाशने में लगे हैं ! मै आऊंगा सामने तो सबकी ....फट जाएगी ! वैसे एक खबर दे दूं की प्रकाश झा आये थे भाई और राजीवमिश्र को अपने मौलपर लगा गए और गुंजन को काम पर ! थैंक्स गुंजन ! काम करो ! बहुत दिन से पत्रकारिता पढ़ाने का ढोंग कर रहे थे ! सच बोलो !
यह पाठ मुकेश के लिए भी है ! यदा यदा ही धर्मस्य गलानिर भवती भारतः
संस्कृत का यह पाठ मेरा मेरा सिधांत नहीं है पर मुकेश जी और गुंजन इसे याद रखना !
जय हो
आप मुझे गाली दे सकते है ! ब्लॉग लिखने का आरोपी कह सकते है ! आपका इलज़ाम मेरे सिर माथे पर ! पर आप यह बताइए की सच लिखना गुनाह है तो मै आपका अपराधी हूँ और आपके द्वारा दिए गए सजा मुझे मंजूर है ! पर यह तेज़ चैनल का सुजीत झा और नंबर दो प्रशांत झा मुझे गाली दे तो मै सहन नहीं कर सकता ! मेरा अपराध बस यही है की सच की मुनादी नहीं करता हूँ पर हिम्मत रखता हूँ की सच लिखूं !
अब फिर मौर्या टीवी की बात ! आप कहेंगे की आखिर मौर्या में क्या है की सिर्फ उसकी बात ! तो भाइयों , मौर्या बिहार से बिहार के लिए लाने का दावा किया था मेरे दोस्तों ने ! मैंने तारीफ़ की थी पर यह क्या ! कालिदास की कहानी दुहराने लगे थे ! जिस डाल पे बैठे उसी को काटने लगे ! कौन आरोपी नहीं है इस मौर्या का ? राकेश शर्मा से लेकर असित नाथ तिवारी तक !
तारकेश्वर नाथ तिवारी का पोता असित नाथ समझता है की उसे मौर्या ने उसके टैलेंट पर नौकरी दी ! सच तो यह है की रांची के एक चैनल से पैसे गबन के आरोपी असित का विवरण और दादा का नाम बायो डाटा में ने उसको नौकरी दी थी ! चूँकि ये प्रकाश झा के इलाके से आता है और इसका छोटा भाई पहले से मौर्या में काम करता था इसी कारण नौकरी पा गया ! झोल्टंग की हैसियत थी इसकी !
चलिए इसपर लिख कर कम्पुटर का की पैड खराब नहीं करना चाहता !
आज एक खुलासा कर रहा हूँ की कुछ लोग मेरी असलियत तलाशने में लगे हैं ! मै आऊंगा सामने तो सबकी ....फट जाएगी ! वैसे एक खबर दे दूं की प्रकाश झा आये थे भाई और राजीवमिश्र को अपने मौलपर लगा गए और गुंजन को काम पर ! थैंक्स गुंजन ! काम करो ! बहुत दिन से पत्रकारिता पढ़ाने का ढोंग कर रहे थे ! सच बोलो !
यह पाठ मुकेश के लिए भी है ! यदा यदा ही धर्मस्य गलानिर भवती भारतः
संस्कृत का यह पाठ मेरा मेरा सिधांत नहीं है पर मुकेश जी और गुंजन इसे याद रखना !
जय हो
मंगलवार
भय बिन प्रीत ना होत गुसाईं
जय हो
आपकी भी जय और उनकी भी जय !
मौर्या टीवी ने चैनल लौंच करने के लिए बड़े शूरमाओं को ज्वाइन कराया है यह जानकारी तो आपके पास है! इन शूरमाओं में मुकेश कुमार चैनल हेड बनाए गए है तो वही सत्तर घाटके पानी पी चुके गुंजन सिन्हा चैनल के प्रोडक्सन चीफ बनाये गए हैं ! दोनों नौकरी की तलाश में काफी दिनों से थे ! त्रिवेणी को डुबोने के बाद मुकेश कुमार ने अब मौर्या को सम्हाला है ! पूर्वोत्तर से लेकर सेन्ट्रल तक की पत्रकारिता कर चुके महाशय महाज्ञानी हैं ! चैनल लौंच करने के सारे तीन तिकड़म जानते है ! अगर नहीं जानते होते तो गुंजन को अपने नीचेकैसे बहाल कराते! चलिए यह सब तो होता रहता है ! पर अब खबर यह है की ई टीवी को एल चैनल बनाने के बाद अब मौर्या ( एम ) चैनल को एल बनाने की तैयारी में टोपी वाले साहब ने रणनीति बनानी शुरू कर दी है ! जानकारी के मुताबिक न्यूज़ ११ के विवाद में फंस जाने के बाद वहां ई टीवी छोड़ कर गए मधुर शील को ऑफर भेजा गया है की चैनल से एक्सपर्ट आईटी टीम के साथ मुहमांगी कीमत पर आकर ज्वाइन करें ! वाह रे मधुर भाई क्या तीर मारा ! छात्र के स्ट्रिंगर से अब चैनल लौंच कर रहे हो ! बधाई भाई ! जय हो !
यह पटना के सारे लोग जानते हैं की गुंजन महान हैं ! मौर्या टीवी में काम करने वालो की अब चंडी होगी ! गुंजन के कमरे में काजू , किसमिस के अलावे बच्चो की पसंद सौस और जेल्ली भी होंगे ! खाओ और खिलाओ का मामला रहेगा ! वैसे गुंजन के घर का पता चाहिए तो ......... परेशान होने की जरुरत नहीं खुद ही बुलाकर दे देंगे ! जब हिंदी में फसेंगे तो अंग्रेजी की जुबान बोलेंगे ! वैसे भी प्रोडक्सन की जिम्मेवारी निभा रहे अकरम और रत्नेश्वर भी जितना किये उससे कम ये भी नहीं करेंगे ! खुद ही गरम चाय को ठंडी कर कर देंगे और खुद को .................... ना यह हम नहीं कहेंगे ! मुझ पर यकीन नहीं है तो कोई बात नहीं आप पता कर लीजिये की सासाराम की ...............? और राजगीर की ...................? का कितना ख्याल भाई साहब रखते थे ! कोई बात नहीं अब ई टीवी के लोंगो का भी ख़याल रखा जाएगा ! पहले लाल रंग का कर्ज उतारने के लिए भैया जी के पाण्डेय जी को ज्वाइन भी कराना है ! और फिर सब ठीक रहेगा ! जिला के स्ट्रिन्गेर से फ़ोनों का कमीशन से लेकर पेमेंट का हिसाब भी रखा जाएगा ! कोई चिंता की बात नहीं !
लेकिन इन भाइयो की चिंता यह है की प्रकाश झा इतना के बावजूद सुजीत झा से पीएंडएम में मिल लिए ! गले मिले या नहीं नहीं जानता पर पीएंडएम सोर्स के मुताबिक दोनों आधे घंटे साथ रहे ! वाह रत्नेश्वर वाह मान गए खबर तत्काल तुम्हारे पास ! क्या लिंक है भाई मान गए !
अब हालात पहले से अच्छे नहीं हैं ! सब क्यों intarview देंगे ! अकरम को ही लीजिये , एनडीटीवी से निकला हुआ , रत्नेश्वर लड़की छेड़ने के कारण पिटाई खा चुका. किस किस के बारे में लिखे कितना लिखे ! लेकिन इनका interview लेना उचित है ? नहीं सर ! मान जाइए !ठीक
है नए लोंगो का interview चल रहा है ठीक है पर इन्हें भयभीत क्यों कर रहें है ! यह मानता हूँ की भय बिन प्रीत ना होत गुसाईं ! लेकिन बेचारे ...........?
आपकी भी जय और उनकी भी जय !
मौर्या टीवी ने चैनल लौंच करने के लिए बड़े शूरमाओं को ज्वाइन कराया है यह जानकारी तो आपके पास है! इन शूरमाओं में मुकेश कुमार चैनल हेड बनाए गए है तो वही सत्तर घाटके पानी पी चुके गुंजन सिन्हा चैनल के प्रोडक्सन चीफ बनाये गए हैं ! दोनों नौकरी की तलाश में काफी दिनों से थे ! त्रिवेणी को डुबोने के बाद मुकेश कुमार ने अब मौर्या को सम्हाला है ! पूर्वोत्तर से लेकर सेन्ट्रल तक की पत्रकारिता कर चुके महाशय महाज्ञानी हैं ! चैनल लौंच करने के सारे तीन तिकड़म जानते है ! अगर नहीं जानते होते तो गुंजन को अपने नीचेकैसे बहाल कराते! चलिए यह सब तो होता रहता है ! पर अब खबर यह है की ई टीवी को एल चैनल बनाने के बाद अब मौर्या ( एम ) चैनल को एल बनाने की तैयारी में टोपी वाले साहब ने रणनीति बनानी शुरू कर दी है ! जानकारी के मुताबिक न्यूज़ ११ के विवाद में फंस जाने के बाद वहां ई टीवी छोड़ कर गए मधुर शील को ऑफर भेजा गया है की चैनल से एक्सपर्ट आईटी टीम के साथ मुहमांगी कीमत पर आकर ज्वाइन करें ! वाह रे मधुर भाई क्या तीर मारा ! छात्र के स्ट्रिंगर से अब चैनल लौंच कर रहे हो ! बधाई भाई ! जय हो !
यह पटना के सारे लोग जानते हैं की गुंजन महान हैं ! मौर्या टीवी में काम करने वालो की अब चंडी होगी ! गुंजन के कमरे में काजू , किसमिस के अलावे बच्चो की पसंद सौस और जेल्ली भी होंगे ! खाओ और खिलाओ का मामला रहेगा ! वैसे गुंजन के घर का पता चाहिए तो ......... परेशान होने की जरुरत नहीं खुद ही बुलाकर दे देंगे ! जब हिंदी में फसेंगे तो अंग्रेजी की जुबान बोलेंगे ! वैसे भी प्रोडक्सन की जिम्मेवारी निभा रहे अकरम और रत्नेश्वर भी जितना किये उससे कम ये भी नहीं करेंगे ! खुद ही गरम चाय को ठंडी कर कर देंगे और खुद को .................... ना यह हम नहीं कहेंगे ! मुझ पर यकीन नहीं है तो कोई बात नहीं आप पता कर लीजिये की सासाराम की ...............? और राजगीर की ...................? का कितना ख्याल भाई साहब रखते थे ! कोई बात नहीं अब ई टीवी के लोंगो का भी ख़याल रखा जाएगा ! पहले लाल रंग का कर्ज उतारने के लिए भैया जी के पाण्डेय जी को ज्वाइन भी कराना है ! और फिर सब ठीक रहेगा ! जिला के स्ट्रिन्गेर से फ़ोनों का कमीशन से लेकर पेमेंट का हिसाब भी रखा जाएगा ! कोई चिंता की बात नहीं !
लेकिन इन भाइयो की चिंता यह है की प्रकाश झा इतना के बावजूद सुजीत झा से पीएंडएम में मिल लिए ! गले मिले या नहीं नहीं जानता पर पीएंडएम सोर्स के मुताबिक दोनों आधे घंटे साथ रहे ! वाह रत्नेश्वर वाह मान गए खबर तत्काल तुम्हारे पास ! क्या लिंक है भाई मान गए !
अब हालात पहले से अच्छे नहीं हैं ! सब क्यों intarview देंगे ! अकरम को ही लीजिये , एनडीटीवी से निकला हुआ , रत्नेश्वर लड़की छेड़ने के कारण पिटाई खा चुका. किस किस के बारे में लिखे कितना लिखे ! लेकिन इनका interview लेना उचित है ? नहीं सर ! मान जाइए !ठीक
है नए लोंगो का interview चल रहा है ठीक है पर इन्हें भयभीत क्यों कर रहें है ! यह मानता हूँ की भय बिन प्रीत ना होत गुसाईं ! लेकिन बेचारे ...........?
रविवार
दुआ सलाम के बाद सब ठीक है
जय हो
किसी ने ठीक ही कहा है कि राजनीती में कोई अपना पराया नहीं होता ! यह कहावत आज जमीन पर उतरा वो भी सीएम के सम्वाद कक्ष में ! एक मंच पर तीन ऐसे लोग जो एक दुसरे के जघन्य ! पर एक साथ मंच पर आये तो ऐसा लगा कभी बिछुरे ही नहीं थे ! अब लीजिये कभी दोस्त और बाद में एक दुसरे के कट्टर प्रकाश झा और सीएम नीतिश कुमार एक किताब के विमोचन के लिए संबाद कक्ष में आये ! दोनों मिले और फिर ... मौका ही नहीं दिया नीतिश कुमार ने कि गिला शिकवा दूर हो सके ! चलिए यह तो एक बात हुई ! दूसरी बात कि पत्रकार कन्हैया भेलारी काफी दिनों के बाद सीएम के सामने हाज़िर हुए ! आपको बता दूं कि विधान सभा के सीएम चैम्बर में स्टार न्यूज़ के प्रकाश कुमार के हाथो पिटने के बाद आज पहली बार सार्वजनिक हुए कन्हैया भेलारी ने सीएम के साथ प्रकाश झा कि चमचागिरी कि हद कर दी ! चलिए जो होता है वह भविष्य के लिए ठीक ही होता है ! वैसे आज प्रकाश झा काफी खुश नज़र आ रहे थे किला फतह हो गया ! सीएम से मिलवाने कि जिम्मेवारी कन्हैया भेलारी ने जो सम्हाल लिया था !
खैर , एक नयी जानकारी कि मौर्या टीवी में मुकेश कुमार को चैनल लाने कि जिम्मेवारी दी गयी है पर चैनल खुद अब प्रकाश झा देखेंगे ! क्योंकि चैनल में पहले से स्यंभू हेड बने रत्नेश्वर कि अब बैंड बजने वाली है ! प्रकाश झा ने मौर्या कर्मियों से बात करने के बाद यह फैसला दिया है कि अब चैनल के सारे लोंगो को एक परीक्षा देनी होगी उसके बाद ही उनको फिर से नौकरी दी जायेगी ! दरअसल इस डिसीजन के पीछे का सच यह है कि प्रकाश झा के सामने असित नाथ तिवारी और डीएम राजेश ने एक प्लानिग के तहत चैनल लॉन्च होने में देरी के पीछे आईटी डिपार्टमेन्ट के लोंगो को शराब पीकर आना है ! इतना सुनते ही प्रकाश झा कि भ्रीकुटी तन गयी और उन्होंने शिकायत करने वालो की मंशा को भांप कर यह फैसला दे दिया कि फिर से परीक्षा दो और नौकरी लो !
बहारहाल , संकट अब डीएम राजेश , असित नाथ तिवारी , अकरम और रत्नेस्वर के लिए है ! नए लोग तो सब फेस कर लेंगे पर इनका क्या होगा जो ना तो लिख सकते है और ना ही बोल सकते है !
जय हो
किसी ने ठीक ही कहा है कि राजनीती में कोई अपना पराया नहीं होता ! यह कहावत आज जमीन पर उतरा वो भी सीएम के सम्वाद कक्ष में ! एक मंच पर तीन ऐसे लोग जो एक दुसरे के जघन्य ! पर एक साथ मंच पर आये तो ऐसा लगा कभी बिछुरे ही नहीं थे ! अब लीजिये कभी दोस्त और बाद में एक दुसरे के कट्टर प्रकाश झा और सीएम नीतिश कुमार एक किताब के विमोचन के लिए संबाद कक्ष में आये ! दोनों मिले और फिर ... मौका ही नहीं दिया नीतिश कुमार ने कि गिला शिकवा दूर हो सके ! चलिए यह तो एक बात हुई ! दूसरी बात कि पत्रकार कन्हैया भेलारी काफी दिनों के बाद सीएम के सामने हाज़िर हुए ! आपको बता दूं कि विधान सभा के सीएम चैम्बर में स्टार न्यूज़ के प्रकाश कुमार के हाथो पिटने के बाद आज पहली बार सार्वजनिक हुए कन्हैया भेलारी ने सीएम के साथ प्रकाश झा कि चमचागिरी कि हद कर दी ! चलिए जो होता है वह भविष्य के लिए ठीक ही होता है ! वैसे आज प्रकाश झा काफी खुश नज़र आ रहे थे किला फतह हो गया ! सीएम से मिलवाने कि जिम्मेवारी कन्हैया भेलारी ने जो सम्हाल लिया था !
खैर , एक नयी जानकारी कि मौर्या टीवी में मुकेश कुमार को चैनल लाने कि जिम्मेवारी दी गयी है पर चैनल खुद अब प्रकाश झा देखेंगे ! क्योंकि चैनल में पहले से स्यंभू हेड बने रत्नेश्वर कि अब बैंड बजने वाली है ! प्रकाश झा ने मौर्या कर्मियों से बात करने के बाद यह फैसला दिया है कि अब चैनल के सारे लोंगो को एक परीक्षा देनी होगी उसके बाद ही उनको फिर से नौकरी दी जायेगी ! दरअसल इस डिसीजन के पीछे का सच यह है कि प्रकाश झा के सामने असित नाथ तिवारी और डीएम राजेश ने एक प्लानिग के तहत चैनल लॉन्च होने में देरी के पीछे आईटी डिपार्टमेन्ट के लोंगो को शराब पीकर आना है ! इतना सुनते ही प्रकाश झा कि भ्रीकुटी तन गयी और उन्होंने शिकायत करने वालो की मंशा को भांप कर यह फैसला दे दिया कि फिर से परीक्षा दो और नौकरी लो !
बहारहाल , संकट अब डीएम राजेश , असित नाथ तिवारी , अकरम और रत्नेस्वर के लिए है ! नए लोग तो सब फेस कर लेंगे पर इनका क्या होगा जो ना तो लिख सकते है और ना ही बोल सकते है !
जय हो
शनिवार
भैया का दुर्दिन
जय हो
ग्लैमर का नशा जब कभी चढ़ता है तो आदमी का पाँव यथार्थ की जमीं से दस गज ऊपर उठ जाता है ! कुछ साल पहले ऐसा ही नशा चढा भोजपुरी के एक सिंगर को जो देखते ही स्टेज से भोजपुरिया फिल्म में छाये और फिर छोटे परदे की अन्क्रिंग में भी अपना जलवा बिखेरने लगे ! और भैया पूरी तरह ग्लैमर के नशा में डूब गए और लगे हवा में उड़ने , रेट दो लाख से पचास लाख तक पहुँच गया फिर क्या था निर्माता निर्देशक से लेकर बड़ी हस्तियो के बीच ये अपना रंग दिखने लगे और पल पल रंग बदलने लगे ! और अपने को स्वयम्भू सुपर स्टार का गुमान पले हुए इस महानुभाव का कैरियर तेल बेचने लगा ! इसका एहसास भी भाई को हुआ पर तब जब लोग इनसे कन्नी काटने लगे बस भैया हमारे धडाम से गिर पड़े ! मुह में गर्दा भरे जब भाई को होश आया तो सीधे राजनीति की तरफ भागे पर वहां भी दाल नहीं गली तो भैया फिर भागे भागे फ़िल्मी नगरिया में आ गए !
पर इस बार भैया की बोलती बन्न !यहं तो पहले से रवि किशन , दिनेश लाल निरहुआ , विनय आनंद , पवन सिंह की तूती बोलने लगी थी लिहाज़ा भैया को कुछ नहीं सूझा तो उन्होंने एक वेव साईट से मिलकर अपने नाम डाक टिकट जारी होने का शिगूफा छोडा पर जब पोल खुली तो भैया की धोती खुल गयी ! तब भैया को भोजपुरिया चैनल में महुआ में एंकरिंग की कुर्सी का सहारा मिला जैसे डूबता को तिनके का सहारा ! पर यह क्या रवि किशन ने तो वह भी हथिया लिया ! तब किसी तरह गोटी सेट कर इसी प्रोग्राम में जज बन बैठे !पर रवि किशन की मजबूत एंकरिंग ने चैनल की टी आर पी में जबरदस्त इजाफा कर दिया अब तो भैया की छाती देखिये ..........!
इन दिनों भैया के ऊपर फिल्म के लिए पैसा लगाने को कोई तैयार नहीं है तो भैया ने फोकट में सत्तू का विज्ञापन ही करने लगे और यह भी की पहले यह विज्ञापन भोजपुरी की फेमस सिंगर कर रही थी ! भैया के सत्तू के विज्ञापन में आने के बाद गायिका जी अब लिपस्टिक और लहंगा का विज्ञापन करने वाली है तो भैया ................कही आपकी नज़र भी लिपस्टिक पर तो नहीं है !
जय हो
ग्लैमर का नशा जब कभी चढ़ता है तो आदमी का पाँव यथार्थ की जमीं से दस गज ऊपर उठ जाता है ! कुछ साल पहले ऐसा ही नशा चढा भोजपुरी के एक सिंगर को जो देखते ही स्टेज से भोजपुरिया फिल्म में छाये और फिर छोटे परदे की अन्क्रिंग में भी अपना जलवा बिखेरने लगे ! और भैया पूरी तरह ग्लैमर के नशा में डूब गए और लगे हवा में उड़ने , रेट दो लाख से पचास लाख तक पहुँच गया फिर क्या था निर्माता निर्देशक से लेकर बड़ी हस्तियो के बीच ये अपना रंग दिखने लगे और पल पल रंग बदलने लगे ! और अपने को स्वयम्भू सुपर स्टार का गुमान पले हुए इस महानुभाव का कैरियर तेल बेचने लगा ! इसका एहसास भी भाई को हुआ पर तब जब लोग इनसे कन्नी काटने लगे बस भैया हमारे धडाम से गिर पड़े ! मुह में गर्दा भरे जब भाई को होश आया तो सीधे राजनीति की तरफ भागे पर वहां भी दाल नहीं गली तो भैया फिर भागे भागे फ़िल्मी नगरिया में आ गए !
पर इस बार भैया की बोलती बन्न !यहं तो पहले से रवि किशन , दिनेश लाल निरहुआ , विनय आनंद , पवन सिंह की तूती बोलने लगी थी लिहाज़ा भैया को कुछ नहीं सूझा तो उन्होंने एक वेव साईट से मिलकर अपने नाम डाक टिकट जारी होने का शिगूफा छोडा पर जब पोल खुली तो भैया की धोती खुल गयी ! तब भैया को भोजपुरिया चैनल में महुआ में एंकरिंग की कुर्सी का सहारा मिला जैसे डूबता को तिनके का सहारा ! पर यह क्या रवि किशन ने तो वह भी हथिया लिया ! तब किसी तरह गोटी सेट कर इसी प्रोग्राम में जज बन बैठे !पर रवि किशन की मजबूत एंकरिंग ने चैनल की टी आर पी में जबरदस्त इजाफा कर दिया अब तो भैया की छाती देखिये ..........!
इन दिनों भैया के ऊपर फिल्म के लिए पैसा लगाने को कोई तैयार नहीं है तो भैया ने फोकट में सत्तू का विज्ञापन ही करने लगे और यह भी की पहले यह विज्ञापन भोजपुरी की फेमस सिंगर कर रही थी ! भैया के सत्तू के विज्ञापन में आने के बाद गायिका जी अब लिपस्टिक और लहंगा का विज्ञापन करने वाली है तो भैया ................कही आपकी नज़र भी लिपस्टिक पर तो नहीं है !
जय हो
गुरुवार
पटना प्रेस क्लब
जय हो
पटना प्रेस क्लब को लेकर चल रहे उठा पटक में एक आज नया अध्याय जुड़ गया है ! प्रेस क्लब की सदस्यता से 594 लोग बाहर कर दिए गए हैं ! अब इन लोगो को सदस्यता नहीं दी जायेगी तबतक जबतक की ये लोग अपने कम्पनी से पीएफ का नंबर लाकर नहीं देते ! मौर्या टीवी के मालिक प्रभात झा से लेकर सहारा अखबार की तेजतर्रार निवेदिता झा तक प्रेस क्लब की सदस्यता से बाहर कर दिए गए है ! अब सवाल यह है की जब इतने साथी पत्रकार को मेम्बरशिप ही नहीं दी जायेगी तो स्यम्भु महानुभाव लोग का चिकन और शराब खायेगा कौन और पिएगा कौन ? क्योंकि 594 पत्रकार के अलावे जो लोग सदस्य रह गए है ये नंगे है और आप जानते हैं की नंगा नहायेगा क्या और पहनेगा क्या !
दरअसल आज भी प्रेस क्लब को बपौती बनाने वालो की कमी नहीं है ! जब मुद्दे की बात आएगी तो इन पत्रकारों के अन्दर भूत बनकर बैठा इनका समाजवाद , वामवाद इतना जागृत होता है की सीधे ये शराब की बोत्तल पर चढ़ जायेंगे ! पर आज ये चुप इसलिए बैठे हैं की ये चाहते है की गिने चुने ही लोग रहे और ये प्रेस क्लब में दारू बेचने से लेकर पडोसने तक के व्यवसायी हो जाये ! इनका मानना भी ठीक ही है ! क्योंकि क्लब का मेंबर बनने के लिए जब मौर्या टीवी के मालिक अपना आवेदन दे सकते है तो साफ़ है की क्लब के धंधा गिरी में फायदा बहुत है !
तो भाई , इनको समझाइये की यह पटना है और यहाँ के पत्रकार भी वही हवा पानी लेते है जो बांकी ? इसलिए बेहतर है की इज्ज़त भी बची रहे और कोई नाराज़ भी ना हो ! फार्मूला यही अपनाए क्योंकि पत्रकारों को चिढाने से मामला गड़बड़ हो जायेगा और तब कोई कुछ नहीं कर पायेगा !
पटना प्रेस क्लब को लेकर चल रहे उठा पटक में एक आज नया अध्याय जुड़ गया है ! प्रेस क्लब की सदस्यता से 594 लोग बाहर कर दिए गए हैं ! अब इन लोगो को सदस्यता नहीं दी जायेगी तबतक जबतक की ये लोग अपने कम्पनी से पीएफ का नंबर लाकर नहीं देते ! मौर्या टीवी के मालिक प्रभात झा से लेकर सहारा अखबार की तेजतर्रार निवेदिता झा तक प्रेस क्लब की सदस्यता से बाहर कर दिए गए है ! अब सवाल यह है की जब इतने साथी पत्रकार को मेम्बरशिप ही नहीं दी जायेगी तो स्यम्भु महानुभाव लोग का चिकन और शराब खायेगा कौन और पिएगा कौन ? क्योंकि 594 पत्रकार के अलावे जो लोग सदस्य रह गए है ये नंगे है और आप जानते हैं की नंगा नहायेगा क्या और पहनेगा क्या !
दरअसल आज भी प्रेस क्लब को बपौती बनाने वालो की कमी नहीं है ! जब मुद्दे की बात आएगी तो इन पत्रकारों के अन्दर भूत बनकर बैठा इनका समाजवाद , वामवाद इतना जागृत होता है की सीधे ये शराब की बोत्तल पर चढ़ जायेंगे ! पर आज ये चुप इसलिए बैठे हैं की ये चाहते है की गिने चुने ही लोग रहे और ये प्रेस क्लब में दारू बेचने से लेकर पडोसने तक के व्यवसायी हो जाये ! इनका मानना भी ठीक ही है ! क्योंकि क्लब का मेंबर बनने के लिए जब मौर्या टीवी के मालिक अपना आवेदन दे सकते है तो साफ़ है की क्लब के धंधा गिरी में फायदा बहुत है !
तो भाई , इनको समझाइये की यह पटना है और यहाँ के पत्रकार भी वही हवा पानी लेते है जो बांकी ? इसलिए बेहतर है की इज्ज़त भी बची रहे और कोई नाराज़ भी ना हो ! फार्मूला यही अपनाए क्योंकि पत्रकारों को चिढाने से मामला गड़बड़ हो जायेगा और तब कोई कुछ नहीं कर पायेगा !
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